रांची | झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 की प्रक्रिया के तहत राज्य के अधिकांश मतदाताओं को दस्तावेज जमा करने से राहत मिली है। निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, राज्य के सभी बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने वर्ष 2026 की वर्तमान मतदाता सूची में शामिल मतदाताओं की वर्ष 2003 की एसआईआर मतदाता सूची तथा अन्य राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की पूर्व मतदाता सूचियों के साथ स्वयं (Self) और पैतृक (Parental) मैपिंग का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।

इस प्रक्रिया के परिणामस्वरूप झारखंड की वर्ष 2026 की मतदाता सूची में शामिल लगभग 1.63 करोड़ मौजूदा मतदाताओं को वर्तमान एसआईआर प्रक्रिया में किसी प्रकार का दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। ऐसे मतदाताओं को केवल विधिवत भरा हुआ एवं हस्ताक्षरित प्री-फिल्ड एन्यूमरेशन फॉर्म तथा हालिया रंगीन फोटो जमा करनी होगी।

निर्वाचन अधिकारियों ने बीएलओ के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और चुनावी प्रक्रिया के प्रति समर्पण के कारण बड़ी संख्या में मतदाताओं को दस्तावेजी प्रक्रिया से राहत मिली है। बताया गया कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने भी अपने झारखंड दौरे के दौरान बीएलओ की कार्यक्षमता और चुनावी ज्ञान की प्रशंसा की थी।

दूसरे चरण की मैपिंग 30 जून से
जिन मतदाताओं की स्वयं या पैतृक मैपिंग अभी तक नहीं हो पाई है, उनके लिए दूसरा एवं अंतिम चरण 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक आयोजित किया जाएगा। ऐसे मतदाता, जिनका या जिनके माता-पिता का नाम पूर्व में झारखंड अथवा अन्य राज्यों की मतदाता सूची में दर्ज रहा है, उन्हें संबंधित जानकारी बीएलओ को उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।

वेबसाइट पर उपलब्ध होगी जानकारी
मतदाता, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और अन्य हितधारक निर्वाचन आयोग की वेबसाइट www.voters.eci.gov.in� पर जाकर पूर्व एसआईआर मतदाता सूची में अपना नाम खोज सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार, मैपिंग का उद्देश्य मतदाताओं से दस्तावेज जमा कराने की आवश्यकता को न्यूनतम करना है।

सीमित मतदाताओं को ही देना होगा दस्तावेज
निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल सीमित संख्या में मौजूदा मतदाताओं तथा नए मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने वाले पात्र नागरिकों को ही दस्तावेज जमा करने होंगे। ऐसे मतदाताओं की सूची 5 अगस्त 2026 को या उसके बाद प्रत्येक मतदान केंद्र एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) झारखंड की वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी। संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) द्वारा उन्हें व्यक्तिगत नोटिस भी भेजा जाएगा।
नए मतदाताओं के लिए निर्देश
जो भारतीय नागरिक 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेंगे, वे निर्धारित प्रारूप में घोषणा पत्र एवं आवश्यक दस्तावेजों के साथ फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में नाम दर्ज करा सकते हैं। नए मतदाता के पंजीकरण के लिए माता-पिता या स्वयं के पूर्व मतदाता पंजीकरण विवरण का एक्सट्रैक्ट पेज भी वैध दस्तावेज माना जाएगा।

प्रवासी श्रमिकों और छात्रों को राहत
निर्वाचन विभाग ने बताया कि प्रवासी श्रमिकों, झारखंड से बाहर अध्ययनरत छात्रों तथा अस्थायी रूप से राज्य से बाहर रहने वाले लोगों को मैपिंग के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं है। उनके परिवार के सदस्य बीएलओ को जानकारी उपलब्ध करा सकते हैं। इसके अलावा ईसीआईनेट (ECINET) के ‘बुक-ए-कॉल’ फीचर तथा बीएलओ के मोबाइल नंबर के माध्यम से भी प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
एसआईआर प्रक्रिया की प्रमुख तिथियां
गतिविधि
अवधि
बीएलओ का घर-घर सर्वेक्षण
30 जून से 29 जुलाई 2026
प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन
5 अगस्त 2026
दावे एवं आपत्तियां
5 अगस्त से 4 सितंबर 2026
नोटिस एवं सत्यापन अवधि
5 अगस्त से 3 अक्टूबर 2026
अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन
7 अक्टूबर 2026
निर्वाचन विभाग का कहना है कि एसआईआर प्रक्रिया को मतदाता-अनुकूल, सरल और सुलभ बनाया गया है, ताकि पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

