जमशेदपुर | राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश के अनुपालन में भुइयांडीह स्थित कल्याणनगर एवं इंद्रानगर बस्ती में प्रस्तावित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बीच जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू दास ने एक बार फिर प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें न्याय एवं सम्मानजनक पुनर्वास का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण आवश्यक हैं, लेकिन इसके साथ गरीब परिवारों के अधिकारों तथा मानवीय संवेदनाओं की भी रक्षा की जानी चाहिए।

विधायक ने बताया कि वह 29 जुलाई से इस मामले को लेकर लगातार सक्रिय हैं। उन्होंने सबसे पहले बस्ती पहुंचकर 145 प्रभावित परिवारों की समस्याएं सुनीं। इसके बाद उसी दिन उपायुक्त से बातचीत कर बरसात के मौसम को देखते हुए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई स्थगित रखने तथा पुनर्वास की समुचित व्यवस्था होने तक किसी भी परिवार का घर नहीं तोड़ने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने सभी प्रभावित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़ने की मांग भी उठाई।

उन्होंने बताया कि 30 जुलाई को वह प्रभावित परिवारों के साथ उपायुक्त कार्यालय पहुंचीं, जहां पूरे मामले पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके बाद 4 अगस्त को संबंधित दस्तावेज प्राप्त कर उपायुक्त न्यायालय (डीसी कोर्ट) में अपील भी दायर की गई।

विधायक ने कहा कि इस मुद्दे पर राज्य सरकार के साथ लगातार संवाद जारी है और आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित परिवारों के अधिकारों की रक्षा के लिए झारखंड हाईकोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया जाएगा।

पूर्णिमा साहू दास ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी भी परिवार के साथ अन्याय होने से रोकना है। उन्होंने कहा कि कानून का सम्मान करते हुए प्रत्येक प्रभावित परिवार के सम्मानजनक पुनर्वास, अधिकारों की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए हर स्तर पर प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता का भरोसा ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और अंतिम व्यक्ति तक न्याय दिलाने के लिए वह हरसंभव कदम उठाती रहेंगी।


