जमशेदपुर | NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक, परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं तथा प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में एमजीएम मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर के जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) ने बुधवार को अस्पताल परिसर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व डॉ. सचिन सेठ ने किया।

प्रदर्शन के दौरान जूनियर डॉक्टरों ने कहा कि लाखों छात्रों की मेहनत और भविष्य से जुड़ी परीक्षाओं की पारदर्शिता पर सवाल उठना अत्यंत गंभीर विषय है। उनका कहना था कि यदि योग्य अभ्यर्थियों का परीक्षा प्रणाली से भरोसा उठने लगे, तो इसका असर केवल छात्रों पर ही नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की विश्वसनीयता पर भी पड़ेगा।

जूनियर डॉक्टरों ने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और डॉक्टरों पर हुए कथित लाठीचार्ज एवं बल प्रयोग की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। ऐसे मामलों का समाधान संवाद और सकारात्मक बातचीत के माध्यम से होना चाहिए, न कि टकराव और बल प्रयोग से।

जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने सरकार से मांग की कि NEET पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं पारदर्शी जांच कराई जाए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों और चिकित्सा कर्मियों को तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ बिना विलंब संवाद स्थापित किया जाए।

एसोसिएशन ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि वह चिकित्सा शिक्षा की गरिमा, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उनका कहना था कि युवाओं का परीक्षा प्रणाली पर विश्वास बनाए रखने के लिए इसे और अधिक पारदर्शी, सुरक्षित तथा जवाबदेह बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।


