चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन एवं झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को डीवीसी कॉलोनी, खप्परसाई (चाईबासा) में भव्य विद्युत ऊर्जा मेला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मंझगांव विधायक नीरल पूर्ती, जगन्नाथपुर विधायक सोनाराम सिंकु, मनोहरपुर विधायक जगत माझी, जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरेन, उपायुक्त मनीष कुमार, उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, चाईबासा नगर परिषद अध्यक्ष नितिन प्रकाश सहित विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में विद्युत उपभोक्ता उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। स्थानीय परंपरा के अनुरूप उन्हें पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र, पौधा एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके बाद अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित एवं वृक्षारोपण कर ऊर्जा मेले का विधिवत उद्घाटन किया।

मेले में विद्युत आपूर्ति, नए कनेक्शन, बिलिंग, मीटरिंग, विद्युत सुरक्षा, शिकायत निवारण तथा उपभोक्ता सेवाओं से संबंधित विभिन्न स्टॉल लगाए गए थे। अतिथियों ने स्टॉलों का निरीक्षण कर विभागीय योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी प्राप्त की। साथ ही उपभोक्ताओं से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने।

इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्युत कर्मियों एवं लाइनमैनों को सेफ्टी किट और टी-शर्ट प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं मीटर रीडर एवं ऊर्जा मित्रों को टी-शर्ट और प्रशस्ति पत्र देकर उनके योगदान की सराहना की गई। समय पर बिजली बिल भुगतान करने वाले जागरूक उपभोक्ताओं को भी प्रशस्ति पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया।
मंझगांव विधायक नीरल पूर्ती ने कहा कि विद्युत आज विकास की आधारभूत आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और विद्युत विभाग ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण बिजली पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से विद्युत सुरक्षा नियमों का पालन करने, बिजली चोरी रोकने तथा ऊर्जा संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया।

जगन्नाथपुर विधायक सोनाराम सिंकु ने कहा कि विद्युत ऊर्जा मेला उपभोक्ताओं और विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे आयोजनों से लोगों को विभागीय योजनाओं, सुविधाओं और शिकायत निवारण प्रक्रियाओं की जानकारी मिलती है, जिससे सेवा वितरण व्यवस्था अधिक प्रभावी बनती है।
मनोहरपुर विधायक जगत माझी ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने अनावश्यक बिजली खपत कम करने, ऊर्जा दक्ष उपकरणों के उपयोग तथा सुरक्षित विद्युत उपयोग के प्रति जागरूक रहने की अपील की।

उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि विद्युत सेवा आमजन के जीवन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और आर्थिक गतिविधियों से सीधे जुड़ी हुई है। जिला प्रशासन एवं विद्युत विभाग का प्रयास है कि प्रत्येक उपभोक्ता को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि ऊर्जा संरक्षण वर्तमान समय की आवश्यकता है और छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर ऊर्जा बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। उन्होंने नागरिकों से समय पर बिजली बिल भुगतान करने, बिजली चोरी की सूचना देने तथा सुरक्षित विद्युत उपयोग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आग्रह किया।

कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उपभोक्ताओं ने ऊर्जा संरक्षण और सुरक्षित विद्युत उपयोग की सामूहिक शपथ भी ली।
समारोह के अंत में अतिथियों ने नवनिर्मित सहायक विद्युत अभियंता कार्यालय का फीता काटकर उद्घाटन किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने विश्वास जताया कि नए कार्यालय के संचालन से क्षेत्र के उपभोक्ताओं को विद्युत संबंधी सेवाएं अधिक सुगमता और त्वरित रूप से उपलब्ध होंगी।

