चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने गुरुवार को उप विकास आयुक्त श्री उत्कर्ष कुमार एवं जिला पंचायती राज पदाधिकारी श्रीमती सविता टोपनो की उपस्थिति में चाईबासा स्थित जिला परिषद कार्यालय परिसर और परिसर में संचालित दुकानों का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान जिला अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता सहित संबंधित कर्मी उपस्थित थे।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने जिला परिषद कार्यालय भवन, परिसर की आधारभूत संरचनाओं, दुकानों की वर्तमान स्थिति, आवागमन व्यवस्था, उपयोगिता तथा रखरखाव से जुड़े विभिन्न पहलुओं का गहन अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित अभियंताओं से भवनों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं, मरम्मत की आवश्यकता और भविष्य की विकास योजनाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

उपायुक्त ने कहा कि जिला परिषद कार्यालय एवं परिसर में स्थित दुकानों को अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और जनोपयोगी स्वरूप देने के उद्देश्य से एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इस मास्टर प्लान के अनुरूप कार्यालय भवन, दुकानों तथा अन्य आधारभूत संरचनाओं का चरणबद्ध पुनर्निर्माण एवं आधुनिकीकरण किया जाएगा। इसका उद्देश्य परिसर का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना तथा आम नागरिकों और दुकानदारों को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रस्तावित मास्टर प्लान में भवनों की संरचनात्मक मजबूती, समुचित पार्किंग व्यवस्था, बेहतर जल निकासी, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल सुविधा, हरित क्षेत्र के विकास और अन्य नागरिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही दुकानों के नियोजित एवं व्यवस्थित विकास को सुनिश्चित करते हुए परिसर को आधुनिक और आकर्षक स्वरूप देने के लिए आवश्यक कार्रवाई शीघ्र शुरू की जाए।

निरीक्षण के दौरान जिला परिषद कार्यालय परिसर के समग्र विकास, उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। जिला प्रशासन का प्रयास है कि जिला परिषद परिसर को सुव्यवस्थित, आधुनिक और नागरिक सुविधाओं से युक्त परिसर के रूप में विकसित किया जाए, जिससे आम जनता एवं संबंधित हितधारकों को बेहतर सेवाएं मिल सकें।


