चाईबासा | केंद्र सरकार के खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम (एमएमडीआर एक्ट) के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) द्वारा 7 सितंबर को प्रस्तावित महाधरना को भाजपा पश्चिमी सिंहभूम जिला युवा मोर्चा ने राज्य सरकार की विफलताओं और वादाखिलाफी से जनता का ध्यान भटकाने का राजनीतिक प्रयास बताया है।

भाजपा युवा मोर्चा के पश्चिमी सिंहभूम जिलाध्यक्ष चंद्र मोहन तियू ने कहा कि झामुमो नेता केंद्र सरकार से प्राकृतिक संसाधनों का हिसाब मांगने की बात कर रहे हैं, लेकिन उन्हें पहले टोंटो प्रखंड की जनता के सामने राज्य सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के कार्यों का हिसाब देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि टोंटो क्षेत्र के ग्रामीण आज भी सड़क, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
चंद्र मोहन तियू ने कहा कि मंत्री दीपक बिरुआ ने ग्रामीणों और पार्टी कार्यकर्ताओं के समक्ष बिरसिंह हातु से सुइयांबा तक सड़क निर्माण कराने तथा टोंटो क्षेत्र के लिए एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि काफी समय बीत जाने के बावजूद इन घोषणाओं का धरातल पर कोई ठोस परिणाम दिखाई नहीं दे रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि अब ग्रामीणों के समक्ष उक्त सड़क को 8 फीट चौड़ी पीसीसी सड़क के रूप में बनाने की बात कहकर उन्हें फिर से आश्वासन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में इस मुद्दे को लेकर गंभीर है तो केवल घोषणाओं तक सीमित रहने के बजाय तत्काल सड़क निर्माण कार्य शुरू कराया जाए और टोंटो क्षेत्र के लिए एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

भाजपा युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष ने कहा कि 7 सितंबर को महाधरना करने से पहले झामुमो नेताओं को टोंटो की जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा युवा मोर्चा ग्रामीणों की मूलभूत सुविधाओं और जनसमस्याओं के मुद्दे पर खामोश नहीं रहेगा तथा आवश्यकता पड़ने पर जनहित में आंदोलन करेगा।


