पश्चिमी सिंहभूम | काकुईता देशाउली के संरक्षण, संवर्धन एवं भविष्य की सुरक्षा को लेकर रविवार को मोंगरा, हेस्सापी और काकुईता गांव के ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में तीनों गांवों के सैकड़ों महिला-पुरुषों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और देशाउली की गरिमा, पवित्रता तथा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को लेकर अपने विचार साझा किए।

काकुईता देशाउली तीनों गांवों की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख केंद्र माना जाता है। वर्षों से यह स्थल ग्रामीणों के धार्मिक विश्वास और सामुदायिक एकता का प्रतीक रहा है। हाल के दिनों में देशाउली क्षेत्र में बाहरी लोगों की बढ़ती गतिविधियों तथा संरक्षण संबंधी चुनौतियों को देखते हुए इस बैठक का आयोजन किया गया, ताकि इस पवित्र स्थल को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा सके।

बैठक में देशाउली संरक्षण समिति के गठन एवं सुदृढ़ीकरण, देशाउली क्षेत्र के सीमांकन, संरक्षण एवं संवर्धन की योजनाओं, देशाउली सीमा में पथलगड़ी तथा बाहरी लोगों के प्रवेश संबंधी नियमों एवं प्रतिबंधों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित ग्रामीणों ने एकमत होकर कहा कि देशाउली केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि पूर्वजों की अमूल्य धरोहर है, जिसकी रक्षा करना प्रत्येक ग्रामीण का दायित्व है।

इस अवसर पर सुखमोहन सिंकु, अर्जुन सिंकु, निर्मल सिंकु, सुरेंद्र सिंकु, गुराय सिंकु, चिरु सिंकु, मनोज तुबिड, सरजोम सिंकु सहित अनेक ग्रामीणों ने अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने देशाउली की पवित्रता बनाए रखने, प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा बाहरी हस्तक्षेप को नियंत्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। सभी ने इस बात पर सहमति जताई कि सामूहिक प्रयासों और संगठित व्यवस्था के माध्यम से ही देशाउली का प्रभावी संरक्षण संभव है।
बैठक का प्रमुख निर्णय “काकुईता देशाउली संरक्षण समिति-2026” का सर्वसम्मति से गठन रहा। समिति का उद्देश्य देशाउली क्षेत्र की सुरक्षा, संरक्षण, विकास तथा संबंधित नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है।

काकुईता देशाउली संरक्षण समिति-2026
अध्यक्ष: रेशमा सिंकु
उपाध्यक्ष: सुरेंद्र सिंकु
सचिव: मनोज तुबिड
सह सचिव: अजय सिंकु
कोषाध्यक्ष: सुदर्शन सिंकु
सह कोषाध्यक्ष: सरजोम सिंकु
संयोजक: निर्मल सिंकु
सलाहकार मंडल
सुखमोहन सिंकु, गुराय सिंकु, जड़ेयां सिंकु, चोटोराय सिंकु, चिरू सिंकु एवं मार्शल सिंकु।

सदस्य
गुरचरण सिंकु (हेस्सापी मुंडा), बिंदराय सिंकु, सुरेश चंद्र लागुरी, नंदलाल सिंकु, योगेश गोप, निर्मल सिंकु (दियुरी, हेस्सापी), वीरसिंह बुड़िउली, डेविड सिंकु (मुंडा, मोंगरा) तथा सतारी समुएल सिंकु (मुंडा, काकुईता)।
बैठक के अंत में ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि काकुईता देशाउली की पवित्रता, प्राकृतिक संपदा और सांस्कृतिक महत्व को हर परिस्थिति में सुरक्षित रखा जाएगा। साथ ही, देशाउली क्षेत्र में प्रवेश, गतिविधियों एवं संरक्षण संबंधी नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए नवगठित समिति को पूर्ण सहयोग देने का निर्णय लिया गया।

ग्रामीणों ने विश्वास व्यक्त किया कि नवगठित समिति के नेतृत्व में काकुईता देशाउली का संरक्षण और विकास और अधिक सुदृढ़ रूप से आगे बढ़ेगा तथा यह पवित्र स्थल आने वाली पीढ़ियों के लिए आस्था, प्रेरणा और सांस्कृतिक पहचान का केंद्र बना रहेगा।

