सरायकेला। आरकेएफएल कंपनी के प्लांट-3 और प्लांट-4 के मजदूरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर गुरुवार को कंपनी के मुख्य द्वार पर धरना-प्रदर्शन किया। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता तरुण महतो के नेतृत्व में हुए इस आंदोलन के बाद कंपनी प्रबंधन ने कई मांगों पर लिखित जवाब देते हुए उन्हें स्वीकार किया। हालांकि, कुछ मुद्दों पर प्रबंधन का जवाब स्पष्ट नहीं होने के कारण आगे भी वार्ता करने की बात कही गई।

मजदूरों ने वेतन पर्ची नहीं मिलने, समय पर वेतन भुगतान नहीं होने, कौशल और अनुभव के अनुरूप वेतन निर्धारित नहीं करने, ड्यूटी रोस्टर एवं साप्ताहिक छुट्टी की स्पष्ट व्यवस्था नहीं होने जैसी समस्याएं उठाईं। इसके अलावा, अतिरिक्त काम के लिए दोगुना भुगतान नहीं मिलने तथा कैंटीन में गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध नहीं कराने की शिकायत भी की गई।

मजदूरों का आवेदन मिलने के बाद जेएलकेएम नेता तरुण महतो मौके पर पहुंचे। बारिश के बीच कंपनी के मुख्य द्वार पर धरना दे रहे मजदूरों के साथ वह भी बैठ गए। इसके बाद उनके नेतृत्व में कंपनी प्रबंधन के साथ वार्ता हुई। इस दौरान मजदूरों की मांगों से संबंधित लिखित आवेदन सौंपा गया, जिस पर प्रबंधन ने लिखित जवाब देते हुए हस्ताक्षर किए।

हर महीने की 10 तारीख तक वेतन और पर्ची देने की बात
प्रबंधन ने मजदूरों को प्रत्येक महीने की 10 तारीख तक वेतन पर्ची उपलब्ध कराने और वेतन भुगतान करने की बात कही। साथ ही, मजदूरों के कौशल एवं अनुभव के आधार पर वेतन निर्धारित करने की व्यवस्था बनाने और इसकी जानकारी कंपनी के मुख्य द्वार पर प्रदर्शित करने का आश्वासन दिया।

इसके अलावा, ड्यूटी रोस्टर और साप्ताहिक छुट्टी से संबंधित जानकारी संबंधित विभाग में प्रदर्शित करने तथा राष्ट्रीय अवकाश के दिनों में वेतन सहित छुट्टी देने की मांग को भी लिखित रूप में स्वीकार किया गया।

आश्वासन नहीं, मांगों का क्रियान्वयन जरूरी: तरुण महतो
जेएलकेएम नेता तरुण महतो ने कहा कि कंपनी प्रबंधन की ओर से लिखित जवाब देना सकारात्मक कदम है, लेकिन केवल आश्वासन देने से काम नहीं चलेगा। मजदूरों की मांगों को धरातल पर लागू करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगले महीने की 10 तारीख को इसकी समीक्षा की जाएगी कि मजदूरों को समय पर वेतन और वेतन पर्ची मिल रही है या नहीं।
तरुण महतो ने कहा कि अतिरिक्त काम के लिए दोगुना भुगतान और कैंटीन में भोजन की गुणवत्ता जैसे मुद्दों पर प्रबंधन का जवाब स्पष्ट नहीं है। इन विषयों को लेकर प्रबंधन के साथ दोबारा वार्ता की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मजदूरों के अधिकारों और उनकी जायज मांगों को लेकर संघर्ष जारी रहेगा।
अब देखना होगा कि कंपनी प्रबंधन अपने लिखित जवाब और आश्वासनों को किस हद तक लागू करता है तथा मजदूरों की लंबित समस्याओं का समाधान कब तक होता है।

