चाईबासा | जिला दण्डाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला जल एवं स्वच्छता समिति श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला समाहरणालय स्थित सभागार में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

समीक्षा के दौरान एकल ग्रामीण जलापूर्ति योजना (SVS), एसवीएस क्लस्टर (SVS Cluster) तथा बहुग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं (MVS) की योजनावार प्रगति की समीक्षा की गई। योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं, जैसे अनापत्ति प्रमाण-पत्र, रेलवे क्रॉसिंग एवं वन विभाग से संबंधित स्वीकृतियों के कारण उत्पन्न बाधाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

उपायुक्त ने संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित सभी बहुग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं को 15 अगस्त 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिला खनिज प्रतिष्ठान न्यास मद से निर्माणाधीन एवं पूर्ण हो चुकी बहुग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने जिन योजनाओं की संचालन एवं अनुरक्षण (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस—O&M) अवधि समाप्त हो चुकी है, उनके नियमित संचालन के लिए आवश्यक प्राक्कलन तैयार कर शीघ्र जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

समीक्षा के क्रम में चक्रधरपुर प्रमंडल अंतर्गत एक जलापूर्ति योजना की पाइपलाइन पथ निर्माण विभाग द्वारा क्षतिग्रस्त किए जाने का मामला भी सामने आया। इस पर उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत पर होने वाले व्यय का विस्तृत आकलन तैयार कर प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया, ताकि आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिन योजनाओं में फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (FHTC) का कार्य पूर्ण हो चुका है, उनकी प्रविष्टि अविलंब आईएमआईएस (IMIS) पोर्टल पर सुनिश्चित की जाए, ताकि योजनाओं की अद्यतन प्रगति का सही अभिलेखीकरण हो सके।

उन्होंने सभी सहायक अभियंताओं एवं कनीय अभियंताओं को नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण कर निर्माणाधीन एवं संचालित जलापूर्ति योजनाओं का निरीक्षण करने, कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का त्वरित निराकरण कराने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि प्रत्येक योजना की नियमित मॉनिटरिंग और प्रभावी समन्वय के माध्यम से ही निर्धारित समय-सीमा के भीतर योजनाओं को पूर्ण कर आमजन को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सकता है।

बैठक में उप विकास आयुक्त, प्रशिक्षु आईएएस, कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल चाईबासा एवं चक्रधरपुर, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, जिला जल एवं स्वच्छता समिति के सदस्य तथा डीपीएमयू (DPMU) एवं बीओएमयू (BOMU) के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

