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कोल्हान ब्ह: रूमुल–2026 को लेकर आयोजन समिति की बैठक, तैयारियों पर हुई समीक्षा

कोल्हान ब्ह: रूमुल–2026 को लेकर आयोजन समिति की बैठक, तैयारियों पर हुई समीक्षा

चाईबासा : खूंटकट्टी मैदान, ताम्बो में प्रस्तावित कोल्हान ब्ह: रूमुल–2026 के आयोजन को लेकर आयोजन समिति की ओर से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी मार्च माह में होने वाले इस कार्यक्रम को भव्य, सुव्यवस्थित और ऐतिहासिक बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान कार्यक्रम की तिथि निर्धारण, स्थल व्यवस्था, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, पारंपरिक रीति-रिवाजों के संरक्षण, अतिथियों के स्वागत, सुरक्षा व्यवस्था और प्रचार-प्रसार जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। समिति सदस्यों ने कहा कि कोल्हान ब्ह: रूमुल आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान और एकता का प्रतीक है, इसलिए इसके आयोजन में किसी भी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए।
कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए विभिन्न उप-समितियों के गठन पर भी चर्चा हुई। साथ ही स्थानीय ग्रामीणों, सामाजिक संगठनों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
बैठक के अंत में आयोजन समिति ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी के सहयोग से कोल्हान ब्ह: रूमुल–2026 का आयोजन सफल, ऐतिहासिक और स्मरणीय होगा तथा कोल्हान क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को व्यापक पहचान मिलेगी।

हो समाज महासभा का दो दिवसीय वार्षिक अधिवेशन किरीबुरु में शुरू

हो समाज महासभा का दो दिवसीय वार्षिक अधिवेशन किरीबुरु में शुरू

किरीबुरु : किरीबुरु स्थित आदिवासी कल्याण केंद्र में शनिवार को आदिवासी हो समाज महासभा के दो दिवसीय वार्षिक अधिवेशन का शुभारंभ हुआ। पहले दिन की शुरुआत दियूरी धनुर्जय लागुरी द्वारा बोंगा बुरु अनुष्ठान से हुई। इसके बाद महासभा का ध्वजारोहण एवं हो समाज की सामूहिक प्रार्थना (गोवारी) संपन्न कराई गई।
कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन आदिवासी कल्याण केंद्र के अध्यक्ष श्री हीरालाल सुंडी, श्री करम्पदा मुंडा एवं श्री राजेश मुंडा ने संयुक्त रूप से किया। इसके पश्चात प्रतिनिधि सभा की बैठक आयोजित हुई।
बैठक में “केया-केपेया आंदी” (भाग कर शादी) की सामाजिक प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिनिधि सभा ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि बाला अनुष्ठान के दौरान विवाह संपन्न करना हो समाज की परंपरा के विरुद्ध है। समाज की परंपरा के अनुसार लड़की के घर बाला में लड़के का जाना तथा लड़के के घर बाला में लड़की का जाना मान्य नहीं है। अतः बाला के दौरान विवाह की प्रक्रिया को अमान्य घोषित किया गया और समाज से परंपराओं में मनमाने बदलाव न करने की अपील की गई।
प्रतिनिधि सभा ने यह भी निर्णय लिया कि भाग कर शादी की प्रथा मान्य रहेगी, लेकिन इसके लिए घर के आंगन में ससंग-सुनुम एवं आदिंग-हेबे आदेर की प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य होगा। इसके बाद अजिहनर के रूप में लड़की पक्ष के लोगों के लड़के के घर आने पर ही बाला संपन्न किया जाएगा।
बैठक में हो समाज की महत्वपूर्ण परंपरा ‘मारंग बोंगा’ पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि प्रत्येक किली (गोत्र) का अपना ऐतिहासिक महत्व होता है, जिसे मारंग बोंगा के रूप में सम्मान दिया जाता है। कई किलियों में यह परंपरा विलुप्त होती जा रही है। इसे पुनर्जीवित करने के लिए महासभा ने सभी किलियों से संबंधित विधान एवं ऐतिहासिक विवरण आमंत्रित करने का निर्णय लिया।
इस अवसर पर महासभा के अध्यक्ष श्री मुकेश बिरुवा ने बिरुवा किली के मारंग बोंगा का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि बिरुवा किली के लोग वर्तमान में लगभग 84 गांवों में निवास करते हैं और उनके पूर्वज विभिन्न क्षेत्रों से प्रवास करते हुए यहां बसे। अधिवेशन में फिलहाल केवल बिरुवा किली का मारंग बोंगा महासभा को सौंपा गया।
प्रतिनिधि सभा ने यह भी निर्णय लिया कि अंतर्जातीय विवाह को हो समाज में मान्यता नहीं दी जाएगी तथा ऐसे विवाहों में किसी भी पारंपरिक पूजा-पाठ या घर के आदिंग में स्थान नहीं होगा। साथ ही रिंग सेरेमनी को भी हो समाज की पारंपरिक विवाह व्यवस्था का हिस्सा नहीं माना जाएगा।
अधिवेशन में सोमा कोड़ा, चैतन्य कुंकल, बामिया बारी, छोटेलाल तामसोय, माधव चंद्र कोड़ा, रोया राम चंपिया, गोपी लागुरी, रमेश लागुरी, बलभद्र बिरुली, श्याम बिरुवा, अमर बिरुवा, जयराम पाट पिंगुवा, भूषण लागुरी, पुतकर लागुरी, अमरसिंह सुंडी, नीलिमा पुरती, गीता लागुरी, पदमुनि लागुरी सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक को प्रशासन की मदद से परिवार से मिलाया गया

मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक को प्रशासन की मदद से परिवार से मिलाया गया

चाईबासा: खरसावां मोड़ के पास बीती रात एक मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक को सुरक्षित रेस्क्यू कर जिला प्रशासन की मदद से उसके परिवार से मिलाया गया। युवक की उम्र करीब 23 वर्ष बताई जा रही है और वह छत्तीसगढ़ राज्य का निवासी है।
जानकारी के अनुसार, एकजुट संस्था के कार्यकर्ता विनीत जी खूंटपानी CHC से घर लौट रहे थे, इसी दौरान उन्होंने युवक को अकेली और असहाय स्थिति में देखा। पूछताछ में सामने आया कि मानसिक स्वास्थ्य समस्या के कारण वह लगभग चार महीने पहले घर से भटक गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। चाईबासा के जिला उपायुक्त के सहयोग से त्वरित कार्रवाई करते हुए खूंटपानी के अंचलाधिकारी रात में ही मौके पर पहुंचे और आवश्यक व्यवस्था कराई।
युवक को जोड़ा तालाब स्थित आश्रय गृह में सुरक्षित रखा गया, जहां उसे भोजन, देखभाल और सुरक्षा उपलब्ध कराई गई। गुरुवार सुबह युवक के परिजन चाईबासा पहुंचे और सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद युवक को सुरक्षित अपने साथ घर ले गए।
प्रशासन की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई से एक बिछड़ा परिवार पुनः एकजुट हो सका। मानसिक बीमारी को अपराध नहीं, बल्कि स्वास्थ्य समस्या मानते हुए मानवीय दृष्टिकोण से किया गया यह प्रयास सराहनीय है।

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026: सरायकेला–खरसावां में नुक्कड़ नाटक व जागरूकता रथ के माध्यम से लोगों को किया गया जागरूक

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026: सरायकेला–खरसावां में नुक्कड़ नाटक व जागरूकता रथ के माध्यम से लोगों को किया गया जागरूक

सरायकेला–खरसावां : राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 के अंतर्गत “सीख से सुरक्षा, तकनीक से परिवर्तन” थीम पर शुक्रवार, 17 जनवरी 2026 को सरायकेला–खरसावां जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिले के अत्यधिक भीड़-भाड़ वाले जायदा मंदिर मेला परिसर में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को यातायात नियमों के पालन, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के उपयोग, ओवरस्पीडिंग से बचने तथा नशे की हालत में वाहन न चलाने का संदेश दिया गया। इसके साथ ही आम नागरिकों के बीच सड़क सुरक्षा से संबंधित पंपलेट का वितरण किया गया। बच्चों और युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से पतंग जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। वहीं, जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा जागरूकता रथ के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया गया। कार्यक्रम में जिला परिवहन पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी चांडिल, मोटरयान निरीक्षक सहित सड़क सुरक्षा टीम के सदस्य उपस्थित रहे। मौके पर अधिकारियों ने आम लोगों से यातायात नियमों का पालन करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।

सरायकेला डीएलएसए में जिला स्तरीय बहु-हितधारक परामर्श कार्यक्रम आयोजित

सरायकेला डीएलएसए में जिला स्तरीय बहु-हितधारक परामर्श कार्यक्रम आयोजित

सरायकेला : झालसा, रांची के दिशा-निर्देश पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, डीएलएसए सरायकेला-खरसावां रामाशंकर सिंह के नेतृत्व तथा प्रभारी सचिव अनामिका किस्कु के पर्यवेक्षण में जिला स्तरीय बहु-हितधारक परामर्श कार्यक्रम का आयोजन डीएलएसए सभागार, सरायकेला में किया गया।

यह कार्यक्रम डीएलएसए स्तर पर प्रत्येक जिले में हर छह माह में आयोजित किया जाता है, जिसका उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना तथा विधिक जागरूकता को बढ़ावा देना है।

कार्यक्रम में पुलिस विभाग, चाइल्ड वेलफेयर कमेटी, वन स्टॉप सेंटर, चिकित्सक, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, सहयोगी व्यक्ति एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान प्रमुख वक्ताओं ने अपने विचार रखे। मुख्य एलएडीसी दिलीप कुमार शॉ ने किशोर न्याय (बालकों की देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम पर विस्तृत जानकारी दी। उप मुख्य एलएडीसी सुनीत कर्मकार ने मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों पर प्रकाश डाला, जबकि सहायक एलएडीसी अंबिका चरण पानी ने अन्य कानूनी विषयों पर चर्चा की।

सत्र की शुरुआत में प्रभारी सचिव अनामिका किस्कु ने कार्यक्रम के उद्देश्य और दिनभर की रूपरेखा की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस परामर्श का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच सहयोग बढ़ाना तथा बच्चों एवं पीड़ितों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

कार्यक्रम में संवाद को विशेष महत्व दिया गया। प्रतिभागियों को प्रश्न और शंकाएं रखने का अवसर मिला, जिनका संसाधन व्यक्तियों द्वारा समाधान किया गया। अंत में प्रतिभागी कार्यक्रम से संतुष्ट नजर आए।

समाहरणालय सभागार में आपूर्ति विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक

समाहरणालय सभागार में आपूर्ति विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक

सरायकेला : समाहरणालय सभागार में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आपूर्ति विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली, खाद्यान्न आपूर्ति, दाल-भात योजना, डाकिया योजना, चावल दिवस, सोना–सोबरन धोती–साड़ी योजना, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, ई-केवाईसी, डीलर टैगिंग/री-टैगिंग, NFSA अंतर्गत खाद्यान्न व नमक वितरण सहित अन्य योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने कहा कि विभागीय योजनाओं का मुख्य उद्देश्य पात्र लाभुकों को समय पर और पारदर्शी तरीके से लाभ पहुंचाना है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में समयबद्धता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने सभी पात्र लाभुकों को निर्धारित मात्रा में समय पर खाद्यान्न वितरण, शत-प्रतिशत ई-केवाईसी पूर्ण कराने तथा तकनीकी या नेटवर्क समस्या वाले क्षेत्रों में ग्राम स्तर पर विशेष शिविर आयोजित कर शेष कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही, लंबे समय से राशन नहीं उठाने वाले या ई-केवाईसी में सहयोग नहीं करने वाले लाभुकों की स्थलीय जांच कर नियमानुसार नाम विलोपन की प्रक्रिया शुरू करने को कहा।

गम्हरिया एवं आदित्यपुर क्षेत्र में सभी राशन डीलरों के स्टॉक सत्यापन के लिए जिला स्तरीय टीम गठित कर सघन जांच सुनिश्चित करने का निर्देश जिला आपूर्ति पदाधिकारी को दिया गया। बैठक में नवपदस्थापित प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों से परिचय प्राप्त कर योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर भी जोर दिया गया।

इसके अलावा, जिले के 27 लैम्प्स के माध्यम से हो रही धान अधिप्राप्ति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने धान खरीद में सुधार, किसानों को समय पर भुगतान और निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप धान अधिप्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सरायकेला–खरसावाँ में बस सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश

सरायकेला–खरसावाँ में बस सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश

खरसावाँ : सरायकेला–खरसावाँ जिले में यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला परिवहन पदाधिकारी ने बस स्वामियों और परिचालकों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। सभी बस ऑपरेटरों को Central Institute of Road Transport (CIRT) द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा।
निर्देश के अनुसार सभी स्लीपर कोच बसों से ड्राइवर पार्टीशन डोर और स्लीपर बर्थ में लगे स्लाइडर्स हटाना अनिवार्य किया गया है। साथ ही एक माह के भीतर सभी स्लीपर बसों में Fire Detection and Suppression System (FDSS) लगाना होगा। प्रत्येक बस में 10 किलोग्राम क्षमता का अग्निशामक यंत्र रखना भी जरूरी होगा।
अनधिकृत रूप से चेसिस का विस्तार कर बनाई गई बसों को तत्काल परिचालन से बाहर किया जाएगा। बसों का पंजीकरण केवल फॉर्म 22/22A, वैध ले-आउट ड्राइंग और अनुमोदित एजेंसी की स्वीकृति के बाद ही किया जाएगा।
जिला परिवहन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि बसों का संचालन CMVR 1989 तथा AIS:052 और AIS:119 के प्रावधानों के अनुसार ही होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित बस स्वामी और परिचालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मकर संक्रांति पर रोटी बैंक यूथ क्लब चाईबासा ने जरूरतमंदों के बीच किया कंबल वितरण

मकर संक्रांति पर रोटी बैंक यूथ क्लब चाईबासा ने जरूरतमंदों के बीच किया कंबल वितरण

चाईबासा : मकर संक्रांति के अवसर पर ठंड से राहत दिलाने के उद्देश्य से रोटी बैंक यूथ क्लब चाईबासा की ओर से गरीबों और असहाय लोगों के बीच कंबल का वितरण किया गया। यह वितरण बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के आसपास किया गया, ताकि जरूरतमंदों को कड़ाके की ठंड से राहत मिल सके।

इस कार्यक्रम को सफल बनाने में मयूर होटल के संतोष गुप्ता, फॉर यू क्रिएशन के अनुज सिंहा, ए.के. स्टेशनरी के कोमल कालिंदी, दीपिका देवी और चांदनी देवी का सराहनीय सहयोग रहा। मौके पर समाजसेवी रोहित सिंहा, शुभम सिंह राजपूत, पृथ्वी राज, खुदिया तिर्की, पारस अग्रवाल, अरविंद कालिंदी, अख्तर, जमदार पूर्ति सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

रोटी बैंक यूथ क्लब चाईबासा के सदस्यों ने बताया कि ठंड के इस कठिन समय में किया गया छोटा-सा प्रयास भी जरूरतमंदों के लिए बड़ी राहत बन सकता है। उन्होंने कहा कि मानवता और सेवा भावना से किया गया यह कार्य समाज में आपसी सहयोग और संवेदनशीलता को मजबूत करता है। उल्लेखनीय है कि रोटी बैंक यूथ क्लब चाईबासा प्रतिदिन रात में गरीबों को एक समय का भोजन भी उपलब्ध कराती है।

पत्रकार एकता मंच कोल्हान ने टुसू पर्व पर जरूरतमंद महिलाओं के बीच किया साड़ी वितरण

पत्रकार एकता मंच कोल्हान ने टुसू पर्व पर जरूरतमंद महिलाओं के बीच किया साड़ी वितरण

जमशेदपुर : पत्रकार एकता मंच कोल्हान द्वारा सामाजिक दायित्व का निर्वहन करते हुए सोमवार को टुसू पर्व के अवसर पर जरूरतमंद महिलाओं के बीच साड़ियों का वितरण किया गया। कार्यक्रम का आयोजन किताडीह सरना मार्शल क्लब परिसर में किया गया।
इस अवसर पर ट्रस्टी सह संरक्षक गोविंदा पति ने कहा कि टुसू पर्व झारखंड का प्रमुख लोकपर्व है, जिसे पूरे उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। पर्व के दौरान नए वस्त्र पहनने की परंपरा रही है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाएं इससे वंचित न रहें, इसी उद्देश्य से साड़ी वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में मंच के महासचिव सुनील पांडे, सलाहकार विजय कुमार चंद्रवंशी, वरीय सदस्य शहजादा खान, जिला प्रभारी मनीष ओझा, आईटी सेल प्रभारी गुणाधर गोप सहित शिवरंजन, कामदेव कुमार, दिनेश मुदी और परमबीर पात्रो उपस्थित रहे।
इसके अलावा पश्चिम कीताडीह पंचायत की पंचायत समिति सदस्य द्रोपदी मुंडा, वार्ड सदस्य आशा ईचागट्टू एवं गुड़िया पात्रो, समाजसेवी सरस्वती सामंत, निता सरकार तथा बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और महिलाएं मौजूद थीं।
कार्यक्रम के अंत में महिलाओं ने संस्था के इस प्रयास की सराहना करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

डुकरी निवासी शिव शंकर बोदरा का कुशालडीह चौक पर नागरिक अभिनंदन

डुकरी निवासी शिव शंकर बोदरा का कुशालडीह चौक पर नागरिक अभिनंदन

चक्रधरपुर : डुकरी निवासी शिव शंकर बोदरा को उनकी कड़ी मेहनत और सफलता के लिए सोमवार को कुशालडीह चौक पर भव्य नागरिक अभिनंदन किया गया। समाजसेवी सह कांग्रेस नेता विजय सिंह सामाड के नेतृत्व में आयोजित इस समारोह में क्षेत्र के कई गणमान्य लोग शामिल हुए।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने शिव शंकर बोदरा को माला पहनाकर, बुके भेंट कर एवं अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया। विजय सिंह सामाड ने कहा कि शिव शंकर ने अपनी मेहनत से न केवल अपने गांव, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।

उल्लेखनीय है कि शिव शंकर बोदरा पहले रेलवे ग्रुप-डी में कार्यरत थे। निरंतर अध्ययन और दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने सीजीएल (CGL) परीक्षा में सफलता प्राप्त की। चयन के बाद 30 दिसंबर 2025 को उन्हें नियुक्ति पत्र प्राप्त हुआ और उन्होंने मुख्यमंत्री सचिवालय में सहायक प्रशाखा पदाधिकारी (ASO) के पद पर योगदान दिया।

समारोह में उनके मामा सुशील सामाड सहित धर्म सिंह सरदार, रामचंद्र सामाड, अभय सामाड, कृष्णा सामाड, मानकी जर्मन सामाड, सीताराम सामाड, गोमेया सरदार, सविता देवी, नरेंद्र मुंडा, मांगु राम सामाड, हेमंत मुखी, सरोज महाकुड़, प्रदीप साह, धनेश्वर तांती, लखींद्र गोप, सतीश सिजुई, प्रेमलाल सामाड सहित अन्य ग्रामीण एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और इसे ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभा की बड़ी उपलब्धि बताया।