जयराज नगर का नामकरण और ट्रांसफार्मर का उद्घाटन — सांसद जोबा माझी ने किया शुभारंभ

जयराज नगर का नामकरण और ट्रांसफार्मर का उद्घाटन — सांसद जोबा माझी ने किया शुभारंभ

गम्हरिया : सरायकेला-खरसावां जिला के गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत रापचा पंचायत के मौजा पिंड्राबेड़ा में रविवार को जयराज नगर के नामकरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सांसद जोबा माझी शामिल हुईं। उन्होंने नामकरण बोर्ड का फीता काटकर उद्घाटन किया और जयराज नगर में लगाए गए नए ट्रांसफार्मर का भी औपचारिक शुभारंभ किया। उल्लेखनीय है कि सांसद के प्रयासों से क्षेत्र में नया ट्रांसफार्मर और बिजली के पोल स्थापित किए गए हैं।

कार्यक्रम के दौरान स्थानीय निवासियों ने सांसद के समक्ष पक्की सड़क निर्माण, कंपनियों से हो रहे प्रदूषण पर नियंत्रण, तथा अन्य जनसमस्याओं के समाधान की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।

सांसद जोबा माझी ने अपने संबोधन में कहा कि जयराज नगर का नामकरण केवल एक औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसके लिए अंचल कार्यालय के माध्यम से सरकारी मान्यता प्राप्त करने की दिशा में पहल होनी चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि बस्ती के विभिन्न हिस्सों में पक्की सड़क का निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा और अन्य समस्याओं का समाधान भी प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

इस दौरान जयराज नगर के लोगों ने सांसद को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में रापचा के पूर्व मुखिया जवाहरलाल महाली, झामुमो के जिला सचिव वैद्यनाथ टुडू, पश्चिम सिंहभूम झामुमो सचिव राहुल आदित्य, समाजसेवी कालीपद सोरेन, जयराज नगर विकास समिति के रामजी सिंहदेव, सुग्रीव मुखी, विजय कुमार, आसीत आचार्य, गोपाल सिंह, अजय लाल, रत्नेश दुबे, विशेश्वर महाली, दिनेश महतो, दीपांकर पटनायक, मुनी पांडेय, कार्तिक महतो, संजीव प्रधान, राजेश महाली, जितेंद्र प्रमाणिक सहित कई लोग उपस्थित रहे।

पालोबेड़ा में दर्दनाक हादसा — घर पर पलटा हाइवा, पिता-बेटी की मौत, कंपनी ने दिया 25 लाख मुआवजे का आश्वासन

पालोबेड़ा में दर्दनाक हादसा — घर पर पलटा हाइवा, पिता-बेटी की मौत, कंपनी ने दिया 25 लाख मुआवजे का आश्वासन

ग़म्हरिया : कांड्रा थाना अंतर्गत हुदु पंचायत के पालोबेड़ा गांव में रविवार की सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। गिट्टी से लदा हाइवा वाहन अनियंत्रित होकर बीरबल मुर्मू के घर पर पलट गया। हादसे के समय परिवार घर के भीतर सो रहा था। गिट्टी और दीवार गिरने से बीरबल मुर्मू (37) और उनकी डेढ़ साल की बेटी अनुश्री मुर्मू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं।

सूत्रों के अनुसार, हुदु पंचायत में लीडिंग कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा सड़क निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान यह हादसा हुआ। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया, लेकिन शीघ्र ही पंचायत प्रतिनिधियों, प्रशासन और कंपनी के मैनेजर के साथ सकारात्मक वार्ता हुई।

वार्ता हुई सफल — कंपनी देगी 25 लाख रुपये व नया घर
हुदु पंचायत की मुखिया श्रीमती सुगी मुर्मू और झारखंड मुक्ति मोर्चा के केन्द्रीय सदस्य श्री कृष्णा बास्के के नेतृत्व में बैठक हुई। कंपनी ने सहानुभूति जताते हुए पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये और एक नया घर बनाने की लिखित सहमति दी है। साथ ही, श्राद्ध कर्म के लिए तुरंत 50,000 रुपये दिए गए हैं और अगले दिन 50,000 रुपये और दिए जाएंगे। शेष राशि 26 नवंबर को RTGS के माध्यम से बीरबल की पत्नी शेफाली मुर्मू के खाते में भेजी जाएगी।

बैठक में मौजूद रहे अधिकारी व ग्रामीण
बैठक में मुख्य रूप से प्रखंड विकास पदाधिकारी श्री साधु चरण देवगम, थाना प्रभारी श्री विनोद कुमार मुर्मू, प्रखंड समन्वयक श्री सावन सोय, कनिष्ठ अभियंता श्री नामी सिंह मुंडा, पंचायत समिति सदस्य मोनो टुडू, ग्राम प्रधान रागदू किस्कू, लक्ष्मण सरदार, फागु मुर्मू, विजय महतो, राजेश मुर्मू, भगतू मुर्मू, रूपक मुर्मू, मनसा मुर्मू, मंगल मुंडा, बालेश्वर मुर्मू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

जैतगढ़ में जंगली हाथियों का कहर — 45 हाथियों के झुंड से फसलें तबाह, ग्रामीणों में गहरा डर

जैतगढ़ में जंगली हाथियों का कहर — 45 हाथियों के झुंड से फसलें तबाह, ग्रामीणों में गहरा डर

जगन्नाथपुर : जैतगढ़ एवं आसपास के ग्रामीण इलाकों में लगभग 45 जंगली हाथियों का विशाल झुंड पिछले एक सप्ताह से आतंक मचा रहा है। चार पंचायतों — पत्ताजैंत, सियालजोड़ा, कसेरा और तोडंगहटू के दो से अधिक दर्जन गांवों की धान और सब्जी की तैयार फसलें बुरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों का घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है, वहीं वन विभाग की निष्क्रियता पर सवाल उठने लगे हैं।

दो झुंडों में विभाजित, फिर हुए एकजुट

मिली जानकारी के अनुसार हाथियों का यह झुंड दो हिस्सों में बंटा था  :-

23 हाथी दीदीबरु जंगल में,

22 हाथी दावबेड़ा बिट में डेरा डाले हुए थे।


शुक्रवार को दोनों झुंड कोकुआ नाला के पास आकर एकजुट हो गए, जिसके बाद शनिवार दोपहर इन्हें जैतगढ़–जगन्नाथपुर मुख्य मार्ग पर रोगाढ़ा के पास विचरण करते देखा गया। बेलपोसी गांव के निकट मुख्य सड़क से एक किलोमीटर दूर भी बड़ी संख्या में ग्रामीण हाथियों को देखने पहुंचे।

खेतों में हो रहा भारी नुकसान

किसान मित्र श्रीनिवास तिरिया ने बताया कि सूर्यास्त होते ही हाथी खेतों की ओर रुख कर लेते हैं। धान की तैयार फसल के साथ-साथ सब्जी बागानों का भी भारी नुकसान हो रहा है। अब तक चार पंचायतों के दो दर्जन से अधिक किसानों की फसलें पूरी तरह चौपट हो गई हैं।

वन विभाग की भूमिका पर उठे सवाल

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन विभाग मूकदर्शक बना हुआ है, जबकि हाथी अब आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंचने लगे हैं। सुरक्षा के अभाव में ग्रामीण टीना पीटकर और पटाखे छोड़कर खुद ही हाथियों को भगाने का जोखिम उठा रहे हैं। परिणामस्वरूप शाम होते ही गांवों की सड़कें सुनसान हो जाती हैं और मुख्य सड़क पर भी लोगों का आना-जाना कम हो गया है।

शुक्रवार शाम को हाथी जैतगढ़–जगन्नाथपुर मुख्य सड़क पर भी घूमते देखे गए, जिसके बाद ग्रामीणों में डर और बढ़ गया।

ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन व वन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि हाथियों के इस बढ़ते खतरे से फसलों और मानव जीवन को बचाया जा सके। स्थिति को देखते हुए जल्द ही राहत व सुरक्षा उपायों की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

सरायकेला के कमलपुर गांव के बारीडीह टोला में ‘प्रभात खबर आपके द्वार’ कार्यक्रम — ग्रामीणों ने सुनाई समस्याओं की कहानी, कहा: आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित

सरायकेला के कमलपुर गांव के बारीडीह टोला में ‘प्रभात खबर आपके द्वार’ कार्यक्रम — ग्रामीणों ने सुनाई समस्याओं की कहानी, कहा: आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित

सरायकेला : सरायकेला प्रखंड के कमलपुर गांव स्थित बारीडीह टोला में रविवार को ‘प्रभात खबर आपके द्वार’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल, वृद्धा पेंशन सहित कई मूलभूत सुविधाओं की कमी को प्रमुखता से उठाया। ग्रामीणों ने बताया कि आज भी टोला के लोग सरकारी योजनाओं और बुनियादी सुविधाओं से कोसों दूर हैं।



जर्जर सड़क बनी बड़ी चुनौती

ग्रामीणों ने बताया कि बारीडीह टोला को प्रखंड मुख्यालय से जोड़ने वाला एकमात्र मार्ग घोड़ालांग गांव होकर जाता है, लेकिन घोड़ालांग तक लगभग एक किलोमीटर लंबी सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। जगह-जगह गड्ढे और बड़े पत्थर उभर आए हैं, जिससे आवागमन अत्यंत कठिन हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार, सबसे अधिक परेशानी छोटे बच्चों और बुजुर्गों को होती है।



आंगनबाड़ी और स्कूल जाने से कतराने लगे बच्चे

सड़क खराब होने का सीधा असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है। आंगनबाड़ी केंद्र एक किलोमीटर दूर घोड़ालांग में है, जबकि प्राथमिक विद्यालय दो किलोमीटर दूर डांगरडीहा गांव में स्थित है। बच्चों को रोजाना खराब रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। यही कारण है कि छोटे बच्चे आंगनबाड़ी जाने से कतराने लगे हैं और स्कूली छात्रों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।




गर्मी में पेयजल संकट, पेंशन भी नहीं मिलती समय पर

ग्रामीणों ने बताया कि टोला में पेयजल की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। गर्मी के दिनों में पानी का संकट और बढ़ जाता है। वहीं बुजुर्गों ने शिकायत की कि वृद्धा पेंशन की राशि समय पर नहीं मिलती। ब्लॉक कार्यालय और बैंक के बीच चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे परेशानियों में इजाफा होता है।

नीमडीह पंचायत में सरकार आपके द्वार शिविर सफल — योजनाओं का लाभ लेने उमड़ी ग्रामीणों की भीड़

नीमडीह पंचायत में सरकार आपके द्वार शिविर सफल — योजनाओं का लाभ लेने उमड़ी ग्रामीणों की भीड़

चाईबासा : नीमडीह पंचायत के गुटुसाई हिलटॉप मैदान में शनिवार को ‘सरकार आपके द्वार’ शिविर का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी। कार्यक्रम ने पंचायत स्तर पर जनसहभागिता और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता का उदाहरण पेश किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ परियोजना निदेशक आईटीडीए जयदीप तिग्गा, बीडीओ अमिताभ भगत, मुखिया सुमित्रा देवगम, मानकी दलपत देवगम, मुंडा अर्जुन देवगम और जानुम सिंह देवगम ने संयुक्त रूप से किया।
कार्यक्रम में राजस्व एवं परिवहन मंत्री दीपक बिरुवा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और कई लाभुकों को योजनाओं से संबंधित स्वीकृति पत्र एवं दस्तावेज प्रदान किए।

लाभुकों को मिला योजनाओं का लाभ

शिविर में मंत्री द्वारा निम्नलिखित दस्तावेज और लाभ प्रदान किए गए :-


🔸रोशनी आजीविका सखी मंडल को क्रेडिट लिंकेज के तहत 1.5 लाख रुपये का स्वीकृति पत्र
🔸अंकित कुमार, रामेश्वर पूर्ति और मुनुरेन सांगा को जन्म प्रमाण पत्र
🔸 गुलू गोप और रीता देवी को पेंशन स्वीकृति पत्र
🔸 सुशीला देवगम और लादुरा गोप को जॉब कार्ड

योजनाओं के लिए मिले आवेदन

शिविर के दौरान विभिन्न योजनाओं के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए :-

मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लिए 300 आवेदन

अबुआ आवास योजना के लिए 250 आवेदन


कार्यक्रम में पंचायत सचिव पूनम कुमारी, रोजगार सेवक शिवानी दास, पंसस यशोमती मोहंती, वार्ड सदस्य अमोल विश्वकर्मा, गुरुवारी देवगम, राकेश पोद्दार, मेनका दास, विकास खंडाइत, दिव्यांशु चटर्जी, सूरज मुंडा सहित सखी मंडल की अनेक महिलाएं उपस्थित रहीं।

कुचाई में रक्तदान शिविर से बना नया रिकॉर्ड — 51 यूनिट रक्त संग्रह कर KNT ने रचा इतिहास, शहीदों को दी श्रद्धांजलि

कुचाई में रक्तदान शिविर से बना नया रिकॉर्ड — 51 यूनिट रक्त संग्रह कर KNT ने रचा इतिहास, शहीदों को दी श्रद्धांजलि

कुचाई : खरसवां गोलीकांड के शहीदों की स्मृति में कोल्हान नितिर तुरतुंग (KNT) के सौजन्य से स्थानीय कल्याण अस्पताल, कुचाई में एक दिवसीय रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चला, जिसमें एम.जी.एम. जमशेदपुर स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम ने रक्त संग्रह किया।

इस शिविर ने कुचाई क्षेत्र में इतिहास रच दिया। कुल 51 यूनिट रक्तदान कर क्षेत्र ने पहली बार अर्धशतक पार किया — इससे पहले यहां अधिकतम 20–22 यूनिट ही संग्रहित हुए थे। इस उपलब्धि को KNT और पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है।

विशिष्ट रक्तदाता एवं पहली बार रक्तदान करने वाले छात्र

KNT के बैनर तले कई अनुभवी रक्तदाताओं के साथ पहली बार रक्तदान करने वाले युवाओं का उत्साह देखने लायक रहा।
विशेष रक्तदाताओं में शामिल रहे —


श्री रामचंद्र सोय

श्री लखिन्दर भूमिज

रक्त वीर श्री रविन्द्र गिलुवा (30वीं बार रक्तदान)



KNT के विद्यार्थियों में 2 लड़कियों और 8 लड़कों ने पहली बार रक्तदान किया। वहीं, 12 विद्यार्थियों ने रक्तदान के लिए पंजीकरण कराया था, लेकिन वजन और हिमोग्लोबिन की कमी के चलते वे रक्तदान नहीं कर सके। उन्हें अगले शिविर में मौका सुनिश्चित करने का आश्वासन देकर उत्साहित किया गया।

सभी रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। भोजन, पेय, चाय व नाश्ते की संपूर्ण व्यवस्था KNT की ओर से की गई। KNT कुचाई के विद्यार्थियों ने सेवा और प्रबंधन में अहम भूमिका निभाई।

पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का सहयोग

शिविर में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे —


BDO श्री साधुचरन देवगम

केंद्रीय अध्यक्ष श्री माझीराम जामुदा

महासचिव श्री प्रेमसिंह डांगील

श्री गुरुचरन छोड़ा

श्री रामेश्वर हेम्ब्रम

श्री रविन्द्र गिलुवा

श्री मुन्ना सोय


इसके अलावा कल्याण अस्पताल के स्टाफ, कई मुंडा और मुखिया भी पूरे समय सहयोग में उपस्थित रहे।

जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति से बढ़ा उत्साह

रक्तदाताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए खरसवां विधायक श्री दशरथ गागराई, विधायक प्रतिनिधि, संसद प्रतिनिधि और समाजसेवी भी शिविर में पहुंचे और इस पहल की सराहना की।

स्वास्थ्य जागरूकता को शिक्षा का हिस्सा बताकर दिया संदेश

KNT की केंद्रीय टीम ने सभी रक्तदाताओं और उपस्थित जनसमूह को धन्यवाद देते हुए कहा —
“स्वास्थ्य जागरूकता भी शिक्षा का एक महत्वपूर्ण अंग है। हमारा उद्देश्य केवल रक्तदान शिविर आयोजित करना नहीं, बल्कि आदिवासी क्षेत्र में स्वेच्छिक रक्तदान की संस्कृति विकसित करना, डर को दूर करना और लोगों को रक्तदान के लाभ बताना है, ताकि जरूरत पड़ने पर हर कोई आगे आकर रक्तदान कर सके।”

इस रिकॉर्ड रक्तदान शिविर ने कुचाई क्षेत्र में स्वास्थ्य जागरूकता की नई मिसाल पेश की है।



                        

झारखंड की रजत जयंती पर मुख्यमंत्री का संबोधन — कहा, “विकास के लिए पैसा, शिक्षा और अवसर उतने ही जरूरी जितना गाड़ी के लिए पेट्रोल”

झारखंड की रजत जयंती पर मुख्यमंत्री का संबोधन — कहा, “विकास के लिए पैसा, शिक्षा और अवसर उतने ही जरूरी जितना गाड़ी के लिए पेट्रोल”

रांची : झारखंड विधानसभा की 25वीं वर्षगांठ पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के संघर्षपूर्ण इतिहास और भविष्य की विकास यात्रा पर महत्वपूर्ण सम्बोधन दिया। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के निर्माण के पीछे एक लंबा संघर्ष, बलिदान और आदिवासी–मूलवासी समाज की अमिट भूमिका रही है। पूर्वजों और वीर शहीदों के संघर्षों के कारण ही आज झारखंड अपनी विशिष्ट पहचान के साथ विकास के पथ पर अग्रसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “अगर गाड़ी में पेट्रोल न हो तो वह आगे नहीं बढ़ सकती। उसी तरह आम आदमी के पास पैसा, शिक्षा और अवसर न हों, तो वह विकास की राह पर कैसे आगे बढ़ेगा? इसलिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को मजबूत करना हमारी सरकार की प्राथमिकता है।” उन्होंने ‘सेवा सप्ताह’ का जिक्र करते हुए बताया कि आज राज्य सरकार की नीतियां सीधे जनता तक पहुंच रही हैं।

झारखंड आंदोलन के पुरोधा शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री भावुक दिखे और झारखंड आंदोलन के पुरोधा दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन को याद करते हुए कहा कि आज उनके बीच न होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन ने अपने जीवन का हर क्षण राज्य की अस्मिता, अधिकार और स्वाभिमान के लिए समर्पित किया। उनके नेतृत्व में झारखंड आंदोलन ने जनांदोलन का रूप लिया और राज्य निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ।

“वे केवल नेता नहीं थे, बल्कि झारखंड की आत्मा, संघर्ष और स्वाभिमान के प्रतीक थे। आने वाली पीढ़ियों के लिए उनके आदर्श सदैव मार्गदर्शक बने रहेंगे।” – मुख्यमंत्री ने कहा।

आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य गठन के बाद गरीबी, कुपोषण और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी थी, लेकिन वर्तमान सरकार आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक सशक्तिकरण को लेकर दृढ़ संकल्प के साथ काम कर रही है। ‘सेवा का अधिकार’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार की योजनाएं अब सीधे जनता तक पहुंच रही हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि हर क्षेत्र में न्याय, पारदर्शिता और संवेदनशील प्रशासन सुनिश्चित किया जाए, जिससे हर नागरिक को संवैधानिक अधिकारों और सुविधाओं का लाभ प्रभावी रूप से मिल सके।

उत्कृष्ट विधायकों व कर्मियों को सम्मानित किया गया

कार्यक्रम में उत्कृष्ट विधायक के रूप में चयनित राज सिन्हा को मुख्यमंत्री ने बधाई दी। साथ ही सदन की गरिमा को बनाए रखने वाले विधानसभा कर्मियों, राज्य की सीमा पर तैनात वीर सैनिकों, नक्सल मोर्चे पर शहीद हुए पुलिसकर्मियों, खिलाड़ियों, छात्रों, साहित्यकारों और पूर्व विधायकों को भी सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर विधानसभा की “सदन संवाद” पुस्तक, मासिक पत्रिका “उड़ान” के 99वें और 100वें अंक तथा विधानसभा सदस्यों का जीवन परिचय ग्रंथ भी लोकार्पित किया गया।

बारीडीह में शहीद कोका कमार करमाली की 164वीं जयंती पर भव्य समारोह, सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गूंजा वातावरण

बारीडीह में शहीद कोका कमार करमाली की 164वीं जयंती पर भव्य समारोह, सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गूंजा वातावरण

बारीडीह : वीर शहीद कोका कमार करमाली की 164वीं जयंती के अवसर पर बारीडीह स्थित उनके नाम पर बने चौक में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अगुवाई प्रमुख संस्थापक बलराम कर्मकार और आयोजक राजू लोहरा ने की।

समारोह के दौरान आजाद समाज पार्टी (का.) के जिला प्रभारी सनत सिंह सरदार और संगठन एवं मीडिया प्रभारी परमबीर पात्रो को जेएमएम के नगर अध्यक्ष गोविंद लोहार और राजू लोहार द्वारा सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने शहीद कोका कमार करमाली के योगदान को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए आदिवासी भाषा और संस्कृति संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया।

सुबह 7 बजे माल्यार्पण के साथ जयंती समारोह की शुरुआत हुई। स्थानीय ग्रामीणों, युवाओं, महिलाओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर शहीद को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान लोगों ने उनके संघर्ष और आदिवासी समाज के उत्थान के लिए किए गए प्रयासों को याद किया।

शाम 6 बजे दीप प्रज्वलन के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। आदिवासी पारंपरिक नृत्य, गीत और ढोल-नगाड़ों की लय से पूरा माहौल उत्सवमय हो उठा। कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता पर आधारित प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों का दिल जीत लिया।

यह आयोजन वीर शहीद कोका कमार करमाली सेना संघर्ष समिति और बिरसा सेना के संयुक्त तत्वावधान में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में रविन्द्र लोहारा, कृष्णा लोहार, घनश्याम कर्मकार, राजू कंवर, मोहन कंवर, जय नारायण मुंडा, दीपक रंजीत, सुनील सोरेन, दिवान सोरेन, सुबोध लोहार, राजा राय मुर्मू, सुनील हेंब्रम, जेरी सोरेन, पंकज लोहार, मिहिलाय मुर्मू, दीप लोहार, बेसराम चाय, असमान बाजरे, राजू राम, डॉ. रवी प्रसाद, भोलाराम कंवर, बिनोद कंवर समेत अनेक सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीणों की सहभागिता रही।

कार्यक्रम के अंत में आयोजक बलराम कर्मकार और राजू लोहरा ने सभी सहयोगियों एवं उपस्थित लोगों का हृदय से आभार प्रकट किया। समारोह शांतिपूर्ण और गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ।

जिला परिषद मधव चंद्र कुंकल ने सड़क हादसों पर उठाई आवाज — रुँगटा प्लांट व प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

जिला परिषद मधव चंद्र कुंकल ने सड़क हादसों पर उठाई आवाज — रुँगटा प्लांट व प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

#पश्चिमी_सिंहभूम : चाईबासा से रुँगटा प्लांट के बीच लगातार हो रहे सड़क हादसों को लेकर मंझारी प्रखंड जिला परिषद मधव चंद्र कुंकल ने सोशल मीडिया पर गहरी चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि इन हादसों के कारण कई परिवार उजड़ रहे हैं — किसी का सिंदूर मिट रहा है, किसी पिता का साया पुत्र से हमेशा के लिए उठ जा रहा है, तो कई लोग जीवनभर के लिए अपंग हो रहे हैं।

जिला परिषद ने आरोप लगाया कि यह सब वर्तमान झारखंड सरकार, परिवहन मंत्री, पुलिस प्रशासन और पूंजीपति रुँगटा समूह के गठजोड़ का परिणाम है। उनके अनुसार, रुँगटा प्लांट की सुविधाओं के लिए दिनभर भारी वाहनों के परिचालन से पिछले छह महीनों में 160 से अधिक लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हुई है।

आंदोलन और प्रशासन की कार्रवाई

स्थानीय लोगों द्वारा NO ENTRY की मांग को लेकर मंत्री, विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया।
27 अक्टूबर 2025 को तांबो चौक पर एक जोरदार आंदोलन भी किया गया, लेकिन समाधान की बजाय पुलिस प्रशासन ने

75 नामजद लोगों पर मुकदमा दर्ज किया

500 से अधिक अज्ञात लोगों पर केस किया

16 आदिवासी युवक और महिलाओं को जेल भेज दिया


सरकार पर तीखे सवाल

मधव चंद्र कुंकल ने झारखंड मुक्ति मोर्चा सरकार को घेरते हुए कहा कि जो सरकार खुद को ‘आदिवासी हितैषी’ कहती है, उसके कार्यों से साफ पता चलता है कि आम लोगों की जिंदगी की कीमत सत्ता के सामने नगण्य हो चुकी है।
उन्होंने कहा,

“नशा चाहे चरस का हो, अफीम का हो या सत्ता का — वह दिमाग को अपने नियंत्रण में ले लेता है और सही-गलत के निर्णय लेने की क्षमता को कमजोर कर देता है। झारखंड सरकार और वर्तमान परिवहन मंत्री की हालत भी ठीक वैसी ही हो गई है। लेकिन हर नशे का इलाज होता है — और सत्ता के नशे का इलाज जनता के पास है। सत्ता कभी स्थाई नहीं होती।”

मामले को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और अब जरूरत है कि प्रशासन एवं सरकार सड़क सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाए, ताकि लगातार हो रहे हादसों पर रोक लग सके।

करोड़ों का फार्मासिस्ट कॉलेज तीन वर्षों से बंद, प्रशासन की उदासीनता से युवाओं का भविष्य खतरे में:- धी. रामहरि पेरियार

करोड़ों का फार्मासिस्ट कॉलेज तीन वर्षों से बंद, प्रशासन की उदासीनता से युवाओं का भविष्य खतरे में:- धी. रामहरि पेरियार

चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम के तांतनगर प्रखंड अंतर्गत बाटीगुटू में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित फार्मासिस्ट कॉलेज का भवन तीन वर्षों से धूल खा रहा है इस मामले को लेकर एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष धी. रामहरि पेरियार ने उपायुक्त चंदन कुमार को ज्ञापन देकर इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग तैयार भवन को प्रशासन की लापरवाही और उदासीनता के कारण अब तक छात्रों के लिए खोलना मुनासिब नहीं समझा गया। यह सिर्फ एक भवन की नहीं, बल्कि हजारों युवाओं के भविष्य और उनके संवैधानिक अधिकारों की अनदेखी की कहानी है। यह लापरवाही सीधे-सीधे लोकनिधि की बर्बादी और भ्रष्टाचार का खुला मामला है। अनुच्छेद 21 व 21A – जीवन और शिक्षा का अधिकार।अनुच्छेद 14 व 16 – समानता और रोजगार के अवसर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और झारखंड सरकार की व्यावसायिक शिक्षा घोषणाएँ।
स्थिति और भी गंभीर है: भवन पूरी तरह तैयार होने के बावजूद इसे संचालन में लाने में अधिकारियों का “40% कमीशन के खेल” भ्रष्ट तंत्र बाधक बन रहा है। यह सीधे-सीधे जनहित के खिलाफ अपराध है।
यदि अविलंब संचालन शुरू नहीं किया गया, तो मामला जनहित याचिका (PIL) के रूप में झारखंड उच्च न्यायालय में ले जाया जाएगा।
लापरवाह अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ वित्तीय और विभागीय दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

हमारी मांगें :


1. तुरंत कॉलेज संचालन प्रारंभ करने का आदेश।
2. जिम्मेदार अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह ठहराया जाए।

निष्कर्ष: यह कोई मामूली मामला नहीं है। यह कोल्हान क्षेत्र के युवाओं के अधिकार और भविष्य के साथ खिलवाड़ है। प्रशासन की यह उदासीनता सीधे-सीधे जनसाधारण की आंखों में धूल झोंकने के समान है।