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रामगढ़ में आदिवासी हो समाज का सामाजिक जागरूकता अभियान, मांगे पर्व मनाने की अपील

रामगढ़ में आदिवासी हो समाज का सामाजिक जागरूकता अभियान, मांगे पर्व मनाने की अपील

रामगढ़ : आदिवासी हो समाज रामगढ़ कमेटी की ओर से रविवार को सामाजिक जागरूकता अभियान चलाया गया। यह अभियान रामगढ़ के भरेचनागर सांडी गांव से शुरू हुआ।

अभियान का उद्देश्य शहरों में रह रहे हो समाज के लोगों को अपनी भाषा, संस्कृति और पारंपरिक रीति-रिवाजों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान समाज के लोगों से अपील की गई कि वे अन्य समुदायों के बीच रहते हुए भी अपनी पहचान और सांस्कृतिक परंपराओं को न भूलें तथा अपने पर्व-त्योहारों को नियमित रूप से उत्साह के साथ मनाएं।

कमेटी की ओर से 01 फरवरी 2026 को मांगे पर्व मनाने की जानकारी दी गई। साथ ही समाज के लोगों से अधिक संख्या में भाग लेने और आयोजन को सफल बनाने के लिए आर्थिक सहयोग करने की अपील की गई।

अभियान के माध्यम से समाज में एकता, सांस्कृतिक जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।

भोगनाडीह कार्यक्रम में शामिल होने से रोके जाने का आरोप, चम्पाई सोरेन ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

भोगनाडीह कार्यक्रम में शामिल होने से रोके जाने का आरोप, चम्पाई सोरेन ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

साहिबगंज : पूर्व मुख्यमंत्री एवं जनप्रतिनिधि चम्पाई सोरेन ने राज्य सरकार पर उन्हें भोगनाडीह जाने से रोकने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि 22 दिसंबर को वीर सिदो-कान्हू हूल फाउंडेशन द्वारा आयोजित संथाल परगना स्थापना दिवस कार्यक्रम में उन्हें शामिल होना था, लेकिन सरकार ने कार्यक्रम को रोकने के लिए पूरी प्रशासनिक ताकत झोंक दी।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम की अनुमति के लिए आवेदन देने के बावजूद दो सप्ताह तक उसे लंबित रखा गया। इसके बाद जिला प्रशासन ने दर्जन भर मजिस्ट्रेट की तैनाती कर दी और कई कठोर व असामान्य शर्तें लगा दीं। आयोजकों से 30 वॉलंटियरों की सूची आधार कार्ड के साथ थाने में जमा करने, मैदान के बाहर गेट निर्माण की अनुमति न देने तथा पूरे प्रशासन को अलर्ट पर रखने जैसे निर्देश दिए गए।
चम्पाई सोरेन ने सवाल उठाया कि क्या कभी किसी सामान्य खेल या सामाजिक कार्यक्रम में इतने मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती होती है। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक प्रबंधन, नशा मुक्ति और जुआ-सट्टा रोकने जैसी जिम्मेदारियां प्रशासन की होती हैं, लेकिन इन्हें आयोजकों पर थोपने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि साहिबगंज जिले में उनके कार्यक्रमों पर अघोषित प्रतिबंध लगाया गया है, जबकि राज्य के अन्य जिलों में उन्होंने कई सामाजिक कार्यक्रमों में बिना किसी समस्या के भाग लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की साजिश रची जा रही है ताकि बाद में पुलिसिया दमन किया जा सके।
नगड़ी आंदोलन का जिक्र करते हुए चम्पाई सोरेन ने कहा कि इससे पहले भी सरकार ने उन्हें रोकने की कोशिश की थी, लेकिन जनता की ताकत के आगे सरकार को पीछे हटना पड़ा था। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार दमन का रास्ता अपनाएगी तो उसका जवाब जनआंदोलन से दिया जाएगा।
उन्होंने घोषणा की कि आगामी 30 जून 2026 को हूल दिवस के अवसर पर झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार और ओडिशा से लाखों आदिवासी समाज के लोग रथ यात्रा के साथ भोगनाडीह पहुंचेंगे और अगर सरकार में ताकत हो, तो हमें रोक के दिखाए।

त्रिदिवसीय अटल स्मृति फुटबॉल प्रतियोगिता 2025 का भव्य शुभारंभ

त्रिदिवसीय अटल स्मृति फुटबॉल प्रतियोगिता 2025 का भव्य शुभारंभ

चाईबासा : स्थानीय फुटबॉल ग्राउंड में त्रिदिवसीय अटल स्मृति फुटबॉल प्रतियोगिता 2025 का रंगारंग एवं भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा एवं पूर्व सांसद गीता कोड़ा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद पार्टी ध्वज फहराया गया और राष्ट्रगान के साथ प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन हुआ। उद्घाटन मैच का शुभारंभ पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने फुटबॉल को किक मारकर किया।
यह प्रतियोगिता देशरत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में आयोजित की जा रही है। इसमें सिंहभूम संसदीय क्षेत्र की विभिन्न टीमें भाग ले रही हैं। आयोजन समिति के अनुसार प्रतियोगिता के लिए लगभग 150 टीमों ने आवेदन किया था, जिनमें से दस्तावेजों की जांच के बाद लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से 64 टीमों का चयन किया गया।
प्रतियोगिता के पहले दिन 24 टीमों के बीच मुकाबले खेले गए। आयोजन समिति ने बताया कि 23 दिसंबर को फाइनल मैच खेला जाएगा। प्रतियोगिता में विजेता टीम को ₹1,00,000, उपविजेता को ₹70,000, तृतीय स्थान को ₹50,000 और चतुर्थ स्थान प्राप्त करने वाली टीम को ₹30,000 की पुरस्कार राशि दी जाएगी।
प्रतियोगिता को लेकर खिलाड़ियों और खेलप्रेमियों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। आयोजन समिति ने प्रतियोगिता को सफल बनाने में सभी के सहयोग की अपील की है।

चक्रधरपुर–चाईबासा NH-75 पर सड़क हादसा, एक की मौत

चक्रधरपुर–चाईबासा NH-75 पर सड़क हादसा, एक की मौत

पश्चिम सिंहभूम : चक्रधरपुर–चाईबासा NH-75 पर खुंटपानी प्रखंड के एस मोड़ के पास शनिवार को हुए सड़क हादसे में अरगुंडी निवासी डाकुवा शिवचरण जामुदा की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल चाईबासा में भर्ती कराया गया है।

घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया।

मौके पर प्रखंड प्रमुख सिद्धार्थ होनहागा, प्रखंड विकास पदाधिकारी धनंजय पाठक, अंचल अधिकारी फुलेश्वर साव, सदर अनुमंडल पदाधिकारी बहमन टुटी और मुफस्सिल थाना प्रभारी बिनोद कुमार मौजूद रहे।

प्रशासन ने मृतक के परिजनों को क्रियाकर्म के लिए तत्काल ₹40,000 की सहायता राशि प्रदान की। साथ ही सरकारी मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम हटा लिया और यातायात सामान्य हो गया।

महिलाओं के सम्मान को लेकर कांग्रेस का हमला, बिहार के मुख्यमंत्री पर असंवेदनशीलता का आरोप

महिलाओं के सम्मान को लेकर कांग्रेस का हमला, बिहार के मुख्यमंत्री पर असंवेदनशीलता का आरोप

चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के कांग्रेस प्रवक्ता त्रिशानु राय ने शनिवार को बिहार के मुख्यमंत्री पर महिलाओं के प्रति असंवेदनशील होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक ओर महिलाओं के सम्मान की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर महिलाओं के साथ इस तरह का कृत्य बेहद निंदनीय है।

त्रिशानु राय ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री को झारखंड की महागठबंधन सरकार से सीख लेनी चाहिए, जहां महिलाओं के आत्मसम्मान और सशक्तिकरण के लिए मंईयां सम्मान योजना सहित कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक महिला चिकित्सक का सरेआम नकाब खींचना न केवल महिला सम्मान के खिलाफ है, बल्कि इससे धार्मिक आस्था को भी ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना किसी भी रूप में जायज नहीं है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने मांग की कि महिलाओं के सम्मान और सभी धार्मिक अधिकारों की रक्षा के लिए देश में सख्त कानून बनाया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

बूड़ीगोड़ा में फुटबॉल की आड़ में जुआ, अवैध शराब व अश्लील ऑर्केस्ट्रा को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा:- धी. रामहरि पेरियार

बूड़ीगोड़ा में फुटबॉल की आड़ में जुआ, अवैध शराब व अश्लील ऑर्केस्ट्रा को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा:- धी. रामहरि पेरियार

पश्चिम सिंहभूम : चक्रधरपुर प्रखंड अंतर्गत ग्राम बूड़ीगोड़ा पोस्ट–जमीद, पंचायत–सिलफोड़ी में दिनांक 20 दिसंबर 2025 से आयोजित फुटबॉल प्रतियोगिता की आड़ में प्रतिबंधित जुआ (हब्बा-डब्बा), अवैध शराब (हड़िया/रासी) की खुलेआम बिक्री तथा रात्रिकालीन अश्लील ऑर्केस्ट्रा संचालित होने के गंभीर आरोप सामने आए हैं।
इस संबंध में एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष धी रामहरि पेरियार ने उपायुक्त, पश्चिमी सिंहभूम को लिखित शिकायत देकर मजिस्ट्रियल जांच एवं सख्त कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में कहा गया है कि शाम होते ही गांव में अवैध गतिविधियां बढ़ जाती हैं, जिससे महिलाओं, बच्चों और युवाओं पर नकारात्मक सामाजिक प्रभाव पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों द्वारा बार-बार आपत्ति के बावजूद प्रभावी प्रशासनिक कार्रवाई न होना संभावित संरक्षण की ओर इशारा करता है।
    धी. रामहरि पेरियार ने कहा कि फुटबॉल जैसे खेलों से किसी को आपत्ति नहीं है, लेकिन खेल की आड़ में कानून का उल्लंघन संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत नागरिकों के सुरक्षित जीवन के अधिकार का हनन है।
    उन्होंने अवैध शराब, जुआ और रात्रिकालीन ऑर्केस्ट्रा पर तत्काल रोक, दोषियों के साथ-साथ संरक्षण देने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई तथा भविष्य में ऐसे आयोजनों पर कड़ी निगरानी की मांग की है।
कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में मामला राज्य मानवाधिकार आयोग व न्यायालय तक ले जाने की चेतावनी दी गई है।

चाईबासा घटना पर सरकार ने लिया संज्ञान, जांच व कार्रवाई के निर्देश

चाईबासा घटना पर सरकार ने लिया संज्ञान, जांच व कार्रवाई के निर्देश

#पश्चिम_सिंहभूम : चाईबासा से जुड़ी एक घटना में कुछ मीडिया माध्यमों द्वारा एक परिवार के बच्चों को झोले में ले जाने का दृश्य दिखाए जाने के मामले पर सरकार ने तत्काल संज्ञान लिया है। संबंधित प्राधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, वहीं सिविल सर्जन से पूरे मामले पर विस्तृत और तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की गई है।

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी कहा गया कि चाईबासा और पलामू जैसे जिलों में लगातार नकारात्मक और भ्रामक खबरें फैलाना चिंता का विषय है, जिससे सरकार की छवि के साथ-साथ ईमानदारी से काम कर रहे डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों का मनोबल प्रभावित हो रहा है।

विभाग ने मीडिया और जनता से अपील की है कि यदि कहीं कोई कमी हो तो उसे सीधे प्रशासन के संज्ञान में लाया जाए, ताकि जांच कर सुधार और आवश्यक कार्रवाई की जा सके। बिना पूरी जांच के किसी डॉक्टर या पूरे विभाग को बदनाम करना उचित नहीं है।

इसके अलावा यह भी जांच का विषय बताया गया है कि कहीं कुछ राजनीतिक या वैचारिक ताकतें सरकार और स्वास्थ्य विभाग की छवि को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने का प्रयास तो नहीं कर रही हैं। सरकार ने दोहराया है कि वह जनता के स्वास्थ्य और व्यवस्था सुधार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सच्चाई सामने लाकर न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।

मनोहरपुर में जंगली हाथी के हमले से एक व्यक्ति की मौत

मनोहरपुर में जंगली हाथी के हमले से एक व्यक्ति की मौत

चक्रधरपुर : मनोहरपुर प्रखंड के गिंडूग गांव में शुक्रवार रात जंगली हाथी के हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान लक्ष्मण बिरगम के रूप में हुई है। घटना के बाद गांव में दहशत और शोक का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात लक्ष्मण बिरगम अपने घर के आंगन में खाना बना रहा था। इसी दौरान एक जंगली हाथी गांव में घुस आया। हाथी को देखकर लक्ष्मण भागने लगा, लेकिन हाथी ने उसका पीछा किया और सूंड से पकड़कर पहले घर की दीवार पर पटक दिया, फिर उसे कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलने पर शनिवार सुबह वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। वन विभाग द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। वहीं ग्रामीणों ने हाथियों के बढ़ते आतंक पर रोक लगाने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।

नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी के आरोप पत्र खारिज होने पर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन

नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी के आरोप पत्र खारिज होने पर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन

चाईबासा : नेशनल हेराल्ड मामले में न्यायालय द्वारा सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आरोप पत्र को खारिज किए जाने के बाद शुक्रवार को कांग्रेस की ओर से केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन भाजपा कार्यालय के समक्ष कांग्रेस जिला सचिव जानवी कुदादा के नेतृत्व में आयोजित हुआ।
इस मौके पर कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व मंत्री देवेंद्र नाथ चांपिया ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने बिना एफआईआर के केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया और ईडी के माध्यम से सोनिया गांधी व नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बदनाम करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि न्यायालय के फैसले ने न्यायपालिका और संविधान की गरिमा की रक्षा की है।
कांग्रेस जिला सचिव जानवी कुदादा ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार ईडी और सीबीआई के जरिए कांग्रेस और अन्य विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है तथा गैर-भाजपा शासित राज्यों के जनप्रतिनिधियों को डराने का प्रयास कर रही है। पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष सन्नी सिंकु ने कहा कि केंद्र सरकार दमनात्मक कार्रवाइयों की सभी सीमाएं पार कर चुकी है और न्यायालय के फैसले से उसकी सच्चाई जनता के सामने आ गई है।
कांग्रेस प्रदेश सचिव अशरफुल होदा ने कहा कि इस मामले में न तो धन का कोई लेनदेन हुआ और न ही किसी संपत्ति का स्थानांतरण, इसके बावजूद ईडी द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया गया और जांच के नाम पर घंटों पूछताछ कर मानसिक उत्पीड़न किया गया।
कार्यक्रम में कांग्रेसजनों ने एक स्वर में कहा कि न्यायालय के आदेश के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
इस अवसर पर कांग्रेस जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय, नगर अध्यक्ष मो. सलीम, प्रखंड अध्यक्ष सकारी दोंगो, नगर उपाध्यक्ष सुभाष राम तुरी, महासचिव विजय सिंह तुबिद , नारायण सिंह पुरती , आजम्बर सुरीन , विश्वनाथ बोबोंगा , विशाल गुड़िया सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।

कुचाई में TRCSC की स्वयं परियोजना के तहत बाल संरक्षण पर उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित

कुचाई में TRCSC की स्वयं परियोजना के तहत बाल संरक्षण पर उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित

कुचाई : TRCSC संस्था द्वारा स्वयं (SWAYAM) परियोजना के अंतर्गत कुचाई स्थित किसान भवन में सेविका, सहिया, सहिया साथी, एलएस एवं एएनएम के लिए एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल संरक्षण एवं बाल विकास से जुड़े विषयों पर स्वास्थ्य एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जागरूक करना तथा स्वयं परियोजना के साथ समन्वय को सुदृढ़ करना था।
कार्यशाला का उद्घाटन अंचल अधिकारी सुश्री सुषमा सोरेन ने किया। उन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों से बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयास करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों के अधिकार, स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और बाल सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें बाल विवाह, बाल मजदूरी एवं बाल तस्करी जैसे विषयों को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों पर जानकारी दी गई तथा बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में सेविका, सहिया एवं सहिया साथी की भूमिका और आपसी समन्वय पर जोर दिया गया।
स्वयं परियोजना के तहत गठित ग्राम बाल संरक्षण एवं विकास समितियों (VCPDC) को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प भी लिया गया।
कार्यशाला में तिलोपदा, मरांगहातु, छोटासेगोई एवं अरुवां पंचायतों से सेविका, सहिया, सहिया साथी तथा प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। कार्यशाला का संचालन परियोजना सलाहकार श्री रजत मित्रा ने किया। अंत में परियोजना समन्वयक गैरिका गिरि ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर मॉनिटरिंग एंड इवैल्युएशन कोऑर्डिनेटर मधुमिता दास सहित परियोजना के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।