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पंड्रासाली में पारिवारिक विवाद के बाद युवक का आत्महत्या का प्रयास, गंभीर हालत में एमजीएम जमशेदपुर रेफर

पंड्रासाली में पारिवारिक विवाद के बाद युवक का आत्महत्या का प्रयास, गंभीर हालत में एमजीएम जमशेदपुर रेफर

पश्चिम सिंहभूम : खुंटपानी प्रखंड अंतर्गत पंड्रासाली गांव में गुरुचरण पुरती ने पत्नी से पारिवारिक विवाद के बाद आत्महत्या का प्रयास किया। उन्होंने घर में ही अपने छाती में तलवार घोंपकर खुद को घायल कर लिया।

घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों ने उन्हें तुरंत सदर अस्पताल, चाईबासा पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए एमजीएम अस्पताल, जमशेदपुर रेफर कर दिया।

परिवार की सूचना पर प्रखंड प्रमुख सिद्धार्थ होनहागा भी सदर अस्पताल पहुंचे और पीड़ित से मुलाकात की। उन्होंने पीड़ित को एमजीएम ले जाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था कराई।

परिवार के अनुसार, घरेलू विवाद के कारण स्थिति गंभीर हो गई थी, जिससे यह दुखद घटना हुई।

झारखंड राजभवन का नाम बदला — अब “लोक भवन झारखंड” के नाम से जाना जाएगा

झारखंड राजभवन का नाम बदला — अब “लोक भवन झारखंड” के नाम से जाना जाएगा

झारखंड के राजभवन का नाम अब बदलकर “लोक भवन झारखंड” कर दिया गया है। इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। राज्यपाल संतोष गंगवार ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और गृह मंत्रालय की पहल के तहत देश के सभी राजभवनों को लोक-केंद्रित पहचान दी जा रही है।

इसी क्रम में अब रांची और दुमका के राजभवन को आधिकारिक रूप से लोक भवन नाम दिया गया है। राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव नितीन मदन कुलकर्णी के हस्ताक्षर से बुधवार को आदेश जारी किया गया।

सरकार के अनुसार यह बदलाव राज्य सरकार के प्रस्ताव पर राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद लागू हुआ है। नए नाम की घोषणा के बाद राज्य में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। सरकार का कहना है कि नाम बदलने का उद्देश्य यह संदेश देना है कि सरकार सेवा के लिए है।

सियालजोड़ा–देवगांव पीसीसी पथ निर्माण में पुल की मांग, किसानों ने जताई चिंता

सियालजोड़ा–देवगांव पीसीसी पथ निर्माण में पुल की मांग, किसानों ने जताई चिंता

चाईबासा : दिनांक 2 दिसंबर 2025 को आदिवासी किसान मजदूर पार्टी के जिला अध्यक्ष एवं जिला परिषद सदस्य मानसिंह तिरिया ने ग्रामीणों की शिकायत पर सियालजोड़ा ग्राम देवगांव में चल रहे पीसीसी पथ निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। यह सड़क मुख्य मार्ग से रामतीर्थ तक बनाई जा रही है और कार्यपालक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमंडल चाईबासा द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण के बीच दो स्थानों पर पुल निर्माण की आवश्यकता है, लेकिन चिन्हांकन के दौरान इसे शामिल नहीं किया गया। किसानों का कहना है कि खेतों में पानी के प्रवाह का रास्ता बंद होने से खेती प्रभावित होगी।

ग्रामीणों ने बहादुर हांसदा के खेत (जामुन गढ़) के सामने एक पुल और राजू पुरती के खेत के सामने एक अन्य पुल निर्माण की मांग की है। इस संबंध में जब विभाग के एसडीओ से बात की गई तो उन्होंने मांग पत्र लिखित रूप में देने को कहा।

तिरिया ने बताया कि निरीक्षण के दौरान सड़क किनारे जीएसबी (GSV) की मात्रा कम पाई गई और मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी नहीं मिलने की शिकायत भी सामने आई। उन्होंने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो मामला विभागीय स्तर तक ले जाया जाएगा।

इस मुद्दे को लेकर उपायुक्त को एक मांग पत्र सौंपा गया, जिसकी प्रति लघु सिंचाई प्रमंडल चाईबासा को भी भेजी गई है।

झारखंड आंदोलनकारी आसमान सुंडी बने संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष, चाईबासा में किया गया सम्मानित

झारखंड आंदोलनकारी आसमान सुंडी बने संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष, चाईबासा में किया गया सम्मानित

चाईबासा : झारखंड आंदोलनकारी श्री आसमान सुंडी को झारखंड आंदोलनकारी संयुक्त मोर्चा का अध्यक्ष बनाए जाने पर सोमवार को जिला परिषद कार्यालय में उनका सम्मान किया गया। प्रखंड अध्यक्ष सोमनाथ चातर और सचिव शाहिद अहमद के नेतृत्व में उन्हें फूलमाला और गुलदस्ता देकर स्वागत किया गया।

दोनों पदाधिकारियों ने कहा कि श्री सुंडी एक अनुभवी और संघर्षशील आंदोलनकारी हैं। उनके निरंतर प्रयासों का ही परिणाम है कि आज कई झारखंड आंदोलनकारियों को पेंशन का लाभ मिल रहा है और कई का चिन्हीकरण भी हो चुका है।

स्वागत समारोह में जगमोहन तिरिया, प्रमिला तिरिया, अंकुरा तिरिया, गर्दी संवैयां सहित बड़ी संख्या में आंदोलनकारी और आश्रित मौजूद थे।

90 दिनों में हर स्मार्टफोन पर अनिवार्य Sanchar Saathi: डेटा एक्सेस और सरकारी मॉनिटरिंग को लेकर उठे सवाल

90 दिनों में हर स्मार्टफोन पर अनिवार्य Sanchar Saathi: डेटा एक्सेस और सरकारी मॉनिटरिंग को लेकर उठे सवाल

भारत के दूरसंचार मंत्रालय ने एक बड़ा कदम उठाते हुए मोबाइल फोन निर्माताओं को निर्देश दिया है कि वे सरकार समर्थित साइबर सुरक्षा ऐप ‘Sanchar Saathi’ को अगले 90 दिनों के भीतर सभी नए स्मार्टफोनों में प्री-इंस्टॉल करें। यह ऐप न तो हटाया जा सकेगा और न ही डिसेबल होगा।
यह आदेश रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार जारी किया गया है।

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क्या है Sanchar Saathi?

Sanchar Saathi एक सरकारी साइबर सुरक्षा प्लेटफ़ॉर्म है, जो वेब, Android और iOS पर उपलब्ध है। यह नागरिकों को टेलीकॉम फ्रॉड से बचाने और मोबाइल से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों में मदद करता है। इसके मुख्य फीचर्स हैं—

  • संदिग्ध कॉल, SMS और वेबसाइट लिंक की रिपोर्टिंग
  • चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक या ट्रैक करना
  • अपने नाम पर कितने मोबाइल कनेक्शन चलते हैं, यह जांचना
  • अंतरराष्ट्रीय कॉल्स जिनके नंबर +91 से शुरू होते हैं, उनकी रिपोर्टिंग (ताकि विदेशी अवैध कॉल सेटअप को पकड़ा जा सके)

सरकार के अनुसार, इस तरह की कॉल आमतौर पर इंटरनेट के जरिए विदेशी लोकेशन से भेजी जाती हैं, ताकि वे भारतीय नंबर जैसी दिखाई दें, और यह फ्रॉड व राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करती हैं।

ऐप के अब तक के प्रभाव

  • कुल इंस्टॉलेशन: 1.14 करोड़ से अधिक
  • सबसे अधिक उपयोग: आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र
  • लॉन्च: मई 2023
  • अब तक ब्लॉक किए गए खोए/चोरी हुए मोबाइल: 42 लाख से अधिक
  • ट्रेस किए गए: 26 लाख
  • सफल रिकवरी: 7,23,638 डिवाइस

कौन-कौन से परमिशन लेता है ऐप?

Google Play Store में सूचीबद्ध ऐप निम्न परमिशन का उपयोग करता है—

  • SMS (पढ़ना/भेजना)
  • कॉल लॉग व फोन स्टेटस
  • फोटो/फाइल्स को पढ़ना और संशोधित करना
  • कैमरा
  • स्टोरेज
  • डिवाइस ID व कॉल जानकारी
  • नेटवर्क कनेक्शन की मॉनिटरिंग
  • स्टार्टअप पर रन करना, वाइब्रेशन नियंत्रित करना

निर्माताओं को क्या करना होगा?

28 नवंबर 2025 को जारी निर्देश के अनुसार—

  • नई डिवाइस में ऐप प्री-लोड करना होगा
  • सप्लाई चेन में मौजूद फोन में OTA अपडेट के जरिए ऐप भेजना होगा
  • ऐप को पहली बार डिवाइस सेटअप करते समय आसानी से दिखना चाहिए
  • इसके फीचर्स को डिसेबल या लिमिट नहीं किया जा सकेगा

सरकार का कहना है कि यह कदम नकली IMEI, स्पूफिंग, चोरी की डिवाइस की बिक्री और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए जरूरी है।

रूस के MAX ऐप जैसा कदम?

भारत का यह निर्देश रूस की नीति से काफी मिलता-जुलता बताया जा रहा है।
रूस ने 1 सितंबर 2025 से सभी स्मार्ट डिवाइस पर घरेलू मैसेंजर ऐप MAX को अनिवार्य किया था। आलोचकों ने इसे निगरानी का माध्यम बताया, जबकि सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया।

रूस ने Telegram और WhatsApp पर भी सख़्ती बढ़ाई है और कई क्षेत्रों में इनकी 40% तक पहुँच सीमित है। Roskomnadzor का दावा है कि इन ऐप्स का उपयोग आतंकवाद, धोखाधड़ी और अपराध गतिविधियों में बढ़ रहा है।

भारत में इस कदम पर क्या सवाल उठेंगे?

तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि—

  • अनइंस्टॉल न होने वाले सरकारी ऐप व्यक्तिगत गोपनीयता पर सवाल खड़े कर सकते हैं।
  • व्यापक परमिशन के कारण नागरिकों में डेटा सुरक्षा की चिंता बढ़ सकती है।
  • लेकिन सरकार इसे टेलीकॉम सुरक्षा को मजबूत करने और फ्रॉड रोकने के लिए जरूरी बता रही है।
प्रधानमंत्री कार्यालय का नाम बदला, अब ‘सेवा तीर्थ’ कहलाएगा — राजभवनों को मिला नया नाम ‘लोकभवन’

प्रधानमंत्री कार्यालय का नाम बदला, अब ‘सेवा तीर्थ’ कहलाएगा — राजभवनों को मिला नया नाम ‘लोकभवन’

#नई_दिल्ली : केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और देशभर के राजभवनों के नाम बदल दिए हैं। अब PMO को ‘सेवा तीर्थ’ और सभी राजभवनों को ‘लोकभवन’ के नाम से जाना जाएगा।

सेवा की भावना पर जोर


पीएमओ की ओर से कहा गया कि भारत के पब्लिक इंस्टिट्यूशन्स में बड़ा और गहरा बदलाव हो रहा है। शासन का विचार अब सत्ता से सेवा और अथॉरिटी से जिम्मेदारी की ओर बढ़ रहा है। यह बदलाव सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और नैतिक भी है।

पीएमओ जल्द ही अपने 78 साल पुराने साउथ ब्लॉक ऑफिस से निकलकर नए आधुनिक कैंपस ‘सेवा तीर्थ’ में शिफ्ट होने जा रहा है। यह कदम सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा है।

पहले भी बदले जा चुके हैं कई सरकारी नाम


इससे पहले केंद्र सरकार ने राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ किया था। प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास का नाम भी 2016 में रेस कोर्स रोड से बदलकर लोक कल्याण मार्ग किया गया था।

अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शासन तंत्र को ऐसी पहचान दी जा रही है, जो कर्तव्य, पारदर्शिता, और जन-सेवा को दर्शाती है। केंद्रीय सचिवालय का नया नाम ‘कर्तव्य भवन’ इसी सोच को प्रतिबिंबित करता है।

राजभवनों के नए नाम


केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों के राजभवनों का नाम बदलकर लोकभवन और राज्यपालों/उपराज्यपालों के आवास का नाम लोक निवास कर दिया है। मंत्रालय के अनुसार ‘राजभवन’ नाम औपनिवेशिक मानसिकता को दिखाता है, इसलिए इसे बदलकर जनता-केंद्रित नाम दिया गया है।

अधिकारियों के मुताबिक, यह बदलाव भारत की लोकतांत्रिक सोच में आए वैचारिक परिवर्तन का प्रतीक है — अब शासन की भाषा सेवा, कर्तव्य और नागरिक-प्रथम दृष्टिकोण की तरफ बढ़ रही है।

कांग्रेस का राष्ट्रीय मीडिया टैलेंट हंट कार्यक्रम— सामान्य कार्यकर्ताओं को मिलेगा प्रवक्ता बनने का मौका

कांग्रेस का राष्ट्रीय मीडिया टैलेंट हंट कार्यक्रम— सामान्य कार्यकर्ताओं को मिलेगा प्रवक्ता बनने का मौका

चाईबासा : कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रीय स्तर के मीडिया टैलेंट हंट कार्यक्रम को लेकर मंगलवार को कांग्रेस भवन, चाईबासा में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। कार्यक्रम के कोल्हान प्रमंडल समन्वयक अख्तर अली ने बताया कि इस पहल के माध्यम से पार्टी सामान्य कार्यकर्ताओं को भी राष्ट्रीय स्तर पर प्रवक्ता बनने का अवसर दे रही है। चयन प्रक्रिया पूरी तरह इंटरव्यू आधारित होगी और सभी स्तरों पर प्रवक्ताओं की नियुक्ति इसी कार्यक्रम के माध्यम से की जाएगी।

अख्तर अली ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध है। इच्छुक कार्यकर्ता क्यूआर कोड के जरिए गूगल फॉर्म भर सकते हैं या कांग्रेस भवन, चाईबासा में कार्यालय सचिव से ऑफलाइन फॉर्म लेकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 5 दिसंबर निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने एक पारदर्शी चयन प्रक्रिया तैयार की है, जिसमें पार्टी के इतिहास, विचारधारा की समझ और तर्क के साथ बहस करने की क्षमता रखने वाले युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

उन्होंने प. सिंहभूम जिले के योग्य, प्रतिभावान और समर्पित युवाओं से इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की। अख्तर अली ने कहा कि नए और प्रतिभाशाली चेहरों को आगे लाकर कांग्रेस अपनी विचारधारा को अधिक प्रभावी तरीके से जन-जन तक पहुँचाना चाहती है।

प्रेस वार्ता में प्रदेश सचिव अशरफुल होदा, जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय, जिला महासचिव मासूम रजा, जिला सोशल मीडिया चेयरमैन रवि कच्छप, शिवकर बोयपाई, महमूद अली, मुस्ताक आलम, अबुल खालिक, सुनील कुमार और सुशील दास सहित कई पदाधिकारी मौजूद थे।

खरसावाँ और चांडिल में किसानों को चना-सरसों बीज वितरण, 95 किसानों को मिला लाभ

खरसावाँ और चांडिल में किसानों को चना-सरसों बीज वितरण, 95 किसानों को मिला लाभ

खरसावाँ : खरसावाँ प्रखंड मुख्यालय में कृषि विभाग की ओर से किसानों के बीच चना बीज वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 30 किसानों को कुल 660 किलो चना बीज वितरित किया गया। इस अवसर पर प्रखंड प्रमुख, जिला परिषद सदस्य, एटीएम, बीटीएम, बीएओ सहित अन्य पदाधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

इसी क्रम में चांडिल प्रखंड के हेसाकोचा पंचायत में भी चना और सरसों बीज वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहाँ 65 किसानों को 130 किलो चना और 65 किसानों को 130 किलो सरसों बीज प्रदान किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने किसानों को योजनाओं और तकनीकी जानकारी से अवगत कराया।

जिले के अन्य प्रखंडों में भी प्रतिदिन चना सहित विभिन्न फसलों के प्रमाणित बीज वितरण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, ताकि किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध हो सके और उत्पादकता में वृद्धि हो।

बीज वितरण का मुख्य उद्देश्य किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले चना और सरसों बीज उपलब्ध कराना, आधुनिक कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करना और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर दिलाना है। साथ ही वैज्ञानिक तकनीकों और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देकर सतत् कृषि विकास पर जोर दिया जा रहा है।

कुरमुण्डा के ग्रामीणों ने मालती मुण्डारी के समर्थन में सीडीपीओ को सौंपा आवेदन

कुरमुण्डा के ग्रामीणों ने मालती मुण्डारी के समर्थन में सीडीपीओ को सौंपा आवेदन

चक्रधरपुर: कुरमुण्डा पंचायत के सैकड़ों ग्रामीणों, ग्राम मुण्डा और जनप्रतिनिधियों ने सीडीपीओ श्रीमती विमला देवी को एक लिखित आवेदन सौंपकर आंगनबाड़ी केंद्र कुरमुण्डा (कोड संख्या 20368030620) की सेविका चयन प्रक्रिया में हुई देरी पर आपत्ति जताई है।

ग्रामीणों ने बताया कि 21 नवंबर 2025, शुक्रवार को लाभुकों की आमसभा और चयन समिति की बैठक आयोजित हुई थी। इस बैठक में सीडीपीओ की उपस्थिति में सेविका चयन प्रक्रिया पूर्ण की गई। चयन प्रक्रिया में कुल तीन आवेदिकाएँ शामिल थीं—

1. श्रीमती मालती मुण्डारी – 29 अंक


2. श्रीमती चुड़ामनी सरदार – 18 अंक


3. श्रीमती शिशु लिलमनी भूमिज – 14 अंक



ग्रामीणों के अनुसार, मालती मुण्डारी को सबसे अधिक अंक प्राप्त होने के बावजूद 10 दिन बीतने पर भी उनका आवेदन अनुमोदन हेतु जिला कार्यालय नहीं भेजा गया है। ग्रामीणों ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि आमसभा द्वारा चयनित सर्वोच्च अंक प्राप्त आवेदिका का समर्थन सभी ग्रामवासी करते हैं।

ग्रामीणों ने मांग की कि मालती मुण्डारी का आवेदन जल्द से जल्द जिला कार्यालय भेजकर अनुमोदित कराया जाए। आवेदन की प्रतिलिपि उपायुक्त, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी पोड़ाहाट चक्रधरपुर तथा बीडीओ चक्रधरपुर को भी प्रदान की गई है।

इस दौरान ग्राम मुण्डा भगवती गोप, वार्ड सदस्य बहादुर गागराई, सरदार मुण्डा, चैतन सरदार, मांगता सरदार, दिनेश सरकार, जयराम गोप सरदार, मुंगा लाल, राकेश सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे।

तांतनगर मॉडल स्कूल के 100-बेड छात्रावास निर्माण में करोड़ों की बंदरबांट, ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की लापरवाही उजागर:- धी. रामहरि पेरियार

तांतनगर मॉडल स्कूल के 100-बेड छात्रावास निर्माण में करोड़ों की बंदरबांट, ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की लापरवाही उजागर:- धी. रामहरि पेरियार

तंतनगर : एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष धी. रामहरि पेरियार ने तांतनगर प्रखंड स्थित मॉडल स्कूल के 100-बेड छात्रावास का स्थलीय निरीक्षण कर चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए हैं। इस छात्रावास को दिसंबर 2025 तक पूर्ण रूप से बनकर स्कूल प्रबंधन को हैंडओवर हो जाना चाहिए था, लेकिन वास्तविकता यह है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद काम अधूरा, लापरवाही चरम पर और जिम्मेदार विभाग मौन है।
निरीक्षण में पाया गया कि भवन का बड़ा हिस्सा अधूरा पड़ा है।निर्माणाधीन हिस्सों पर महीनों से कोई काम नहीं हो रहा। जहां छात्रों की रौनक होनी चाहिए थी, वहाँ सिर्फ टूटी दीवारें, उखड़ी प्लास्टरिंग, धूल, जर्जर ढांचा और रुका हुआ निर्माण दिखाई देता है।
       ठेकेदार और विभागीय अधिकारी, दोनों की तरफ से पूर्ण चुप्पी और गैर-जवाबदेही। प्रदेश अध्यक्ष पेरियार ने कहा कि यह स्पष्ट रूप से जनता के पैसों की खुली लूट, शिक्षा व्यवस्था का मजाक और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। करोड़ों रुपये भुगतान के बाद भी हैंडओवर नहीं होना इस बात का प्रमाण है कि परियोजना को जानबूझकर रसातल में धकेला जा रहा है।
    उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी धन का दुरुपयोग भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21A (शिक्षा का अधिकार) और मानवाधिकारों का सीधा उल्लंघन है। छात्रों को सुरक्षित, सक्षम और पूर्ण अवसंरचना उपलब्ध कराना सरकार और प्रशासन का संवैधानिक दायित्व है। लेकिन यहाँ ठेकेदारों की मनमानी और विभाग की निष्क्रियता ने पूरे प्रोजेक्ट को बर्बादी की ओर धकेल दिया है।
धी. पेरियार ने उपायुक्त चंदन कुमार को एक्स (ट्विटर) पर टैग करते हुए तत्काल कार्रवाई की माँग की है। उन्होंने कहा कि परियोजना का तकनीकी ऑडिट कराया जाए।
सभी बिल भुगतान और ठेकेदारी अनुमोदन की जाँच हो। अधूरे निर्माण और बजट व्यय में गंभीर अनियमितताओं पर आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए।
ज़िम्मेदार अधिकारियों को जवाबदेह बनाकर कार्रवाई की समय सीमा घोषित की जाए।


अंत में प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा :-


जनता के पैसे की लूट, छात्रों के भविष्य की बर्बादी और विभागीय उदासीनता को एंटी करप्शन ऑफ इंडिया किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेगा। यदि तत्काल कार्रवाई नहीं होती है, तो हम जनहित में बड़े स्तर पर हस्ताक्षर अभियान, जन-अधिकार मार्च और कानूनी कार्यवाही शुरू करेंगे।