maskal.news

1044 Posts
क्षमता से अधिक सवारी ढोने वाले वाहनों पर परिवहन विभाग की सख्त कार्रवाई

क्षमता से अधिक सवारी ढोने वाले वाहनों पर परिवहन विभाग की सख्त कार्रवाई

चाईबासा : जिले में क्षमता से अधिक सवारी ढोने वाले वाहनों के खिलाफ जिला परिवहन पदाधिकारी गौतम कुमार द्वारा कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि लगातार मिल रही शिकायतों तथा पूर्व में वाहन चालकों और वाहन स्वामियों को कई बार समझाने के बावजूद नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था। इसी के मद्देनज़र आज ऐसे वाहनों पर दंडात्मक कार्रवाई करते हुए दर्जनों वाहनों से जुर्माना वसूला गया।
जिला परिवहन पदाधिकारी ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़ी लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस तरह का अभियान परिवहन विभाग द्वारा लगातार चलाया जाएगा और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उन्हें सड़कों पर सुरक्षित रखना हम सभी का नैतिक कर्तव्य है। साथ ही उन्होंने आम लोगों से इस अभियान में सहयोग करने की अपील की।

यूजीसी गैजेट नोटिफिकेशन के समर्थन में कोल्हान विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर छात्र संगठन का सांकेतिक धरना।<br>

यूजीसी गैजेट नोटिफिकेशन के समर्थन में कोल्हान विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर छात्र संगठन का सांकेतिक धरना।

चाईबासा : झारखंड पुनरुत्थान अभियान स्टूडेंट्स विंग के जिला अध्यक्ष समीर हेंब्रम की अध्यक्षता में गुरुवार को कोल्हान विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर एक दिवसीय सांकेतिक धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह धरना विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा जारी गैजेट नोटिफिकेशन के समर्थन में किया गया।

धरना-प्रदर्शन के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति की अनुपस्थिति में विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक के माध्यम से यूजीसी के अध्यक्ष एवं झारखंड के राज्यपाल को मांग-पत्र सौंपा।

धरना को संबोधित करते हुए स्टूडेंट्स विंग के मेंटर बासिल हेंब्रम ने कहा कि यूजीसी के गैजेट नोटिफिकेशन का विरोध समाज में गहरी जड़ें जमाए भेदभावपूर्ण मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि समानता और न्याय की बातें करने वाले वर्ग, अपने वर्चस्व पर सवाल उठते ही इसका विरोध करने लगते हैं। यूजीसी का यह नोटिफिकेशन इसी असमानता को उजागर करता है।

अभियान के केंद्रीय अध्यक्ष अरिल सिंकु ने कहा कि विश्वविद्यालय का अर्थ सभी के लिए समान अवसर होना चाहिए, लेकिन देश के कई विश्वविद्यालयों में व्याप्त भेदभाव के कारण एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के छात्रों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित संसदीय समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही यूजीसी ने इक्विटी से जुड़ा यह नोटिफिकेशन जारी किया है।

उन्होंने बताया कि यह नोटिफिकेशन विशेष रूप से ओबीसी और दिव्यांग वर्ग को भेदभाव से बचाने के लिए है, लेकिन इसे लेकर हो रहा विरोध दुर्भाग्यपूर्ण है।

झारखंड पुनरुत्थान अभियान स्टूडेंट्स विंग ने यूजीसी के गैजेट नोटिफिकेशन का पूर्ण समर्थन करते हुए कहा कि यह धरना-प्रदर्शन इसी उद्देश्य से आयोजित किया गया।

धरना-प्रदर्शन को अभियान के केंद्रीय अध्यक्ष सन्नी सिंकु, केंद्रीय महासचिव अमृत माझी, यूथ इंटक के जिला अध्यक्ष सुरेश सवैया सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्र नेताओं ने संबोधित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

समाहरणालय में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित

समाहरणालय में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित

सरायकेला : समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, संकुल और प्रखंड संसाधन व्यक्ति सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
उपायुक्त ने विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, विद्यार्थियों की कक्षा उपस्थिति बढ़ाने, आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मकता मिशन के लक्ष्य प्राप्त करने, तथा शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और समयबद्ध अध्यापन पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि लगातार अनुपस्थित शिक्षकों और कर्मियों की सूची तैयार कर उनके खिलाफ निलंबन या बर्खास्तगी की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
साथ ही, उन्होंने विद्यालयों में स्वास्थ्य जांच शिविर, कम उपस्थिति वाले विद्यालयों में अभिभावकों और ग्रामीणों को जागरूक करने, स्थानीय पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और पंचायत प्रतिनिधियों से सहयोग लेने, और छूटी हुई किशोरियों को सवित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना से जोड़ने के लिए आवेदन शीघ्र विभाग को भेजने के निर्देश दिए।

उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव रोकने की व्यवस्था पर विवाद, समता समिति को लेकर सियासी बहस तेज

उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव रोकने की व्यवस्था पर विवाद, समता समिति को लेकर सियासी बहस तेज

पिछले पाँच वर्षों में आईआईटी, आईआईएम और अन्य राष्ट्रीय महत्व के उच्च शिक्षण संस्थानों में लगभग 87 छात्रों की आत्महत्या के मामले सामने आए हैं। इनमें से अधिकांश छात्र अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदायों से थे।
दलित शोधार्थी रोहित वेमुला (हैदराबाद) और आदिवासी डॉक्टर पायल तड़वी (मुंबई) की आत्महत्या के मामले देशभर में चर्चा का विषय बने रहे। इन घटनाओं के बाद पीड़ित परिवारों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जिस पर न्यायालय ने केंद्र सरकार को उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति और सामाजिक आधार पर होने वाले भेदभाव को रोकने के लिए प्रभावी नियम बनाने के निर्देश दिए।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में संसद की एक समिति गठित की गई, जिसके अध्यक्ष वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और उपाध्यक्ष घनश्याम तिवाड़ी थे। समिति की सिफारिशों के आधार पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने इक्विटी (समता) समिति का गठन किया। इसका उद्देश्य दलित, आदिवासी, ओबीसी, अल्पसंख्यक, महिला और दिव्यांग छात्रों के साथ होने वाले भेदभाव की शिकायतों की सुनवाई और कार्रवाई सुनिश्चित करना था।
हालांकि, अब इसी व्यवस्था को कुछ समूहों द्वारा “सवर्ण विरोधी” बताकर इसका विरोध किया जा रहा है। सवाल यह उठ रहा है कि जब यह पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों, संसदीय समिति की सिफारिशों और UGC की वैधानिक व्यवस्था के तहत हुई, तो विरोध का दायरा केवल मौजूदा केंद्र सरकार तक ही क्यों सीमित है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बहस का केंद्र राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप नहीं, बल्कि यह होना चाहिए कि क्या यह व्यवस्था वास्तव में उन छात्रों को सुरक्षा और न्याय दे पा रही है, जिनके लिए इसे लागू किया गया था।

कुमारडुंगी में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बड़कुंवर गागराई की चाय पर चर्चा

कुमारडुंगी में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बड़कुंवर गागराई की चाय पर चर्चा

कुमारडुंगी : कुमारडुंगी में भाजपा झारखंड प्रदेश उपाध्यक्ष सह झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई ने आज भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ चाय पर चर्चा कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर नवनिर्वाचित सभी मंडल अध्यक्ष भी उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को मजबूत करना, कार्यकर्ताओं में एकजुटता बनाए रखना तथा केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा करना था।
इस मौके पर बड़कुंवर गागराई ने कहा कि भाजपा एक राष्ट्र को समर्पित पार्टी है और आज विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन चुकी है। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती के लिए अनुशासन और एकजुटता आवश्यक है तथा सभी कार्यकर्ताओं को मिलकर काम करना चाहिए।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश ने हर क्षेत्र में प्रगति की है। चाहे रक्षा, मेक इन इंडिया, कृषि, खेल या अन्य क्षेत्र हों, भारत ने उल्लेखनीय विकास किया है। आज भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत पहचान बना चुका है और प्रधानमंत्री को विभिन्न देशों द्वारा दिए गए सर्वोच्च नागरिक सम्मान इसका प्रमाण हैं।
अंत में बड़कुंवर गागराई ने नवनिर्वाचित मंडल अध्यक्षों को शुभकामनाएं दीं और उनसे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर संगठन को मजबूत करने तथा जनता से सीधा जुड़ने की अपील की।

सिद्धार्थ होनहोगा ने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और झारखंड सरकार पर साधा निशाना

सिद्धार्थ होनहोगा ने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और झारखंड सरकार पर साधा निशाना

पश्चिम सिंहभूम : खुंटपानी प्रखंड अंतर्गत जोंकोंशासन गांव की गर्भवती महिला मीना जोंकों (35 वर्ष) के इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप सामने आया है। महिला ने चाईबासा सदर अस्पताल में मृत शिशु को जन्म दिया, जिसके बाद उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
जानकारी के अनुसार, मीना जोंकों को दो दिन पहले चाईबासा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्थिति गंभीर होने पर 26 जनवरी 2026 को उसे जमशेदपुर स्थित एमजीएम अस्पताल रेफर किया गया। आरोप है कि एमजीएम अस्पताल में भी महिला को समुचित इलाज और आवश्यक चिकित्सकीय सुविधा नहीं मिली, जिसके बाद परिजनों को उसे रांची स्थित रिम्स ले जाने की सलाह दी गई।
इस पूरे मामले को लेकर सिद्धार्थ होनहोगा ने झारखंड सरकार और स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में दूर-दराज के इलाकों से आने वाले मरीजों को बार-बार रेफर करना आम बात हो गई है, जिससे कई बार मरीजों की जान खतरे में पड़ जाती है।
उन्होंने यह भी कहा कि खनिज संपदा से समृद्ध पश्चिम सिंहभूम जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है। सिद्धार्थ होनहोगा ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
फिलहाल मृत शिशु को जन्म देने के बाद महिला जिंदगी और मौत से जूझ रही है, जबकि पीड़ित परिवार गहरे मानसिक तनाव में है।

सेरेंगसिया ऐतिहासिक शहीद स्थल को लेकर जिला प्रशासन के रवैये की मानकी मुण्डा संघ ने की कड़ी निंदा

सेरेंगसिया ऐतिहासिक शहीद स्थल को लेकर जिला प्रशासन के रवैये की मानकी मुण्डा संघ ने की कड़ी निंदा

चाईबासा : टोंटो (पश्चिमी सिंहभूम) सिरिंगसिया घाटी  में शहीद स्मारक 2 फरवरी को आयोजित होने वाली वार्षिक शहीद दिवस को लेकर चल रहे विवाद के बीच। चन्दन होनहागा
महासचिव,मानकी मुण्डा संघ,कोल्हान पोड़ाहाट केन्द्रीय समिति पश्चिमी सिंहभूम,ने लेटर जारी करते हुए लिखा है।
पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत टोंटो प्रखंड में स्थित सेरेंगसिया ऐतिहासिक शहीद स्थल (कोल विद्रोह 1831–32) जल, जंगल, जमीन एवं आदिवासी अस्तित्व की रक्षा के लिए अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध शहादत देने वाले वीर आदिवासी शहीदों की पावन रणभूमि रही है।
इन महान शहीदों की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 02 फरवरी को दिरि दुल-सुनूम सहित श्रद्धांजलि दिवस का आयोजन स्थानीय ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक रूप से किया जाता रहा है। यह स्थल केवल ऐतिहासिक नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की आस्था का केंद्र है, जहाँ देश-विदेश से आमजन एवं शोधकर्ता श्रद्धांजलि अर्पित करने आते हैं।
मानकी मुण्डा संघ, कोल्हान पोड़ाहाट केन्द्रीय समिति, पश्चिमी सिंहभूम ने आरोप लगाया है कि इस वर्ष 02 फरवरी से पूर्व जिला प्रशासन द्वारा जिस प्रकार की परिस्थितियाँ उत्पन्न की जा रही हैं, वह निंदनीय है तथा पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था (मानकी-मुण्डा व्यवस्था) और शहीद स्थल व्यवस्थापक के निर्णयों के विरुद्ध है।
संघ ने जिला प्रशासन द्वारा सेरेंगसिया शहीद स्थल व्यवस्थापक के खिलाफ अपनाए जा रहे कथित मनमाने रवैये की कड़ी निंदा की है। संगठन ने स्पष्ट किया कि कोल्हान पोड़ाहाट क्षेत्र की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था मौजा-सेरेंगसिया के ग्रामीणों एवं शहीद स्थल संरक्षक समिति के साथ मजबूती से खड़ी है और रहेगी।
मानकी मुण्डा संघ ने जिला प्रशासन से विनम्र लेकिन स्पष्ट मांग की है कि सेरेंगसिया शहीद स्थल को किसी भी प्रकार का राजनीतिक अखाड़ा न बनाया जाए तथा प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी ग्रामीणों को श्रद्धापूर्वक अपना पारंपरिक कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दी जाए। साथ ही ग्रामीणों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।

अवैध महुआ शराब के खिलाफ छापेमारी, 80 लीटर शराब जब्त, 1200 किलो जावा महुआ नष्ट

अवैध महुआ शराब के खिलाफ छापेमारी, 80 लीटर शराब जब्त, 1200 किलो जावा महुआ नष्ट

सरायकेला : उपायुक्त के निर्देश पर जिले में अवैध नशा कारोबार के खिलाफ लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में उत्पाद अधीक्षक झितिज विजय मिंज के निर्देशन में राजनगर थाना क्षेत्र के मुराकाटी और जोजोगोडा गांव में अवैध महुआ शराब के अड्डों पर छापेमारी की गई।
इस कार्रवाई में 80 लीटर अवैध महुआ शराब बरामद कर जब्त की गई, जबकि 1200 किलोग्राम जावा महुआ को नियमानुसार नष्ट किया गया। साथ ही अवैध शराब अड्डा संचालक के खिलाफ उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अभियुक्त फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए आगे की कार्रवाई जारी है।

मानगो नगर निगम चुनाव: वार्ड 09 से विजय सोय ने नामांकन पत्र लिया

मानगो नगर निगम चुनाव: वार्ड 09 से विजय सोय ने नामांकन पत्र लिया

जमशेदपुर : मानगो नगर निगम के वार्ड संख्या 09 से प्रत्याशी श्री विजय सोय ने आज समर्थकों, शुभचिंतकों और वार्डवासियों की उपस्थिति में विधिवत रूप से नामांकन पत्र प्राप्त किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।
नामांकन के बाद श्री सोय ने वार्ड की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें वर्षों से क्षेत्रवासियों का सहयोग और विश्वास मिलता रहा है। उन्होंने कहा कि यदि जनता उन्हें सेवा का अवसर देती है, तो वे ईमानदारी, पारदर्शिता और समर्पण के साथ वार्ड के विकास के लिए कार्य करेंगे।
श्री सोय ने बताया कि उनका उद्देश्य वार्ड 09 को नशा, अपराध और प्रदूषण से मुक्त बनाना है। साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, रोजगार, सड़क, नाली, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुँचाने का भी संकल्प दोहराया।
अंत में उन्होंने वार्डवासियों से सहयोग और आशीर्वाद की अपील करते हुए कहा कि जनसमर्थन से मिलकर वार्ड 09 को एक आदर्श और विकसित वार्ड बनाया जाएगा।

UGC के नए नियमों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, सामान्य वर्ग के युवाओं में नाराजगी

UGC के नए नियमों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, सामान्य वर्ग के युवाओं में नाराजगी

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों को लेकर सामान्य वर्ग के युवाओं में नाराजगी देखी जा रही है। इन नियमों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है, जिस पर सुनवाई के लिए अदालत तैयार हो गई है। चीफ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की पीठ इस मामले पर आज सुनवाई करेगी।

याचिका में कहा गया है कि नए नियम जातिगत भेदभाव खत्म करने के उद्देश्य से बनाए गए हैं, लेकिन ये सामान्य वर्ग के छात्रों के साथ भेदभाव करते हैं। नियमों में अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए जातिगत भेदभाव की शिकायत की व्यवस्था है, जबकि सामान्य वर्ग के छात्रों को इसमें शामिल नहीं किया गया है। इसके अलावा, याचिका में यह भी कहा गया है कि झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई का प्रावधान इन नियमों में नहीं है।