मनोहरपुर | सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मनोहरपुर में लंबे समय से बंद पड़े अल्ट्रासाउंड मशीन और ऑक्सीजन प्लांट को चालू कराने की दिशा में जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाध्यक्ष सुशील बारला द्वारा सौंपे गए ज्ञापन पर संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, मनोहरपुर को दोनों सुविधाओं को शुरू कराने के लिए आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

जानकारी के अनुसार, जिलाध्यक्ष सुशील बारला ने 24 अगस्त 2026 को पत्रांक BAP/JHD-34/2026 के माध्यम से उपायुक्त, पश्चिमी सिंहभूम को ज्ञापन सौंपकर मनोहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति से अवगत कराया था। ज्ञापन में लंबे समय से बंद पड़े अल्ट्रासाउंड मशीन और ऑक्सीजन प्लांट को जल्द चालू कराने की मांग की गई थी।

मामले पर संज्ञान लेते हुए असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (CS), पश्चिमी सिंहभूम ने ज्ञापांक 1447/चाईबासा के माध्यम से प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, मनोहरपुर को निर्देश जारी किया है। विभागीय पत्र में बंद पड़े अल्ट्रासाउंड मशीन एवं ऑक्सीजन प्लांट को चालू कराने के लिए अविलंब आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी कार्रवाई करने तथा इसकी अद्यतन रिपोर्ट कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया है।

इस संबंध में सुशील बारला ने कहा कि मनोहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनोहरपुर, आनंदपुर और गुदड़ी जैसे सुदूरवर्ती क्षेत्रों के हजारों ग्रामीणों एवं गरीब मरीजों के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र है। ऐसे में अस्पताल में उपलब्ध महत्वपूर्ण चिकित्सा सुविधाओं का लंबे समय तक बंद रहना चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा कि अल्ट्रासाउंड मशीन और ऑक्सीजन प्लांट के बंद रहने के कारण मरीजों को जांच एवं उपचार के लिए जिला मुख्यालय चाईबासा अथवा निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। इससे गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।

सुशील बारला ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की कि विभागीय निर्देश के अनुरूप दोनों सुविधाओं को जल्द से जल्द चालू कराया जाए, ताकि मनोहरपुर सहित आसपास के सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

विभागीय निर्देश जारी होने के बाद स्थानीय ग्रामीणों एवं मरीजों में स्वास्थ्य सुविधाओं के बहाल होने की उम्मीद जगी है। अल्ट्रासाउंड मशीन और ऑक्सीजन प्लांट के नियमित संचालन से क्षेत्र के मरीजों को जांच एवं उपचार के लिए दूर-दराज के अस्पतालों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।

