मनोहरपुर | पश्चिमी सिंहभूम जिले के उपायुक्त मनीष कुमार ने शुक्रवार को मनोहरपुर प्रखंड क्षेत्र के भ्रमण के दौरान बरंगा पंचायत का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बरंगा स्थित वृद्धाश्रम का निरीक्षण कर वहां रह रहे वृद्धजनों से आत्मीय मुलाकात की। उपायुक्त ने वृद्धजनों के साथ समय बिताकर उनका कुशलक्षेम जाना और उनकी आवश्यकताओं तथा उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।

उपायुक्त ने वृद्धजनों से व्यक्तिगत रूप से संवाद करते हुए उनके स्वास्थ्य, दैनिक जीवन, रहन-सहन और अन्य आवश्यकताओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्होंने वृद्धजनों को वस्त्र भी भेंट किए। उपायुक्त को अपने बीच देखकर वृद्धजनों के चेहरे पर खुशी और आत्मीयता नजर आई। मुलाकात के दौरान एक वृद्धजन ने गीत के माध्यम से उपायुक्त का स्वागत किया।
इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि वृद्धजन समाज और परिवार की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उम्र के इस पड़ाव पर उन्हें सम्मान, अपनापन और सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि वृद्धजन स्वयं को कभी अकेला न समझें। जिला प्रशासन उनकी आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील है और उनकी हरसंभव सहायता एवं सुविधा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उपायुक्त ने वृद्धाश्रम में उपलब्ध सुविधाओं का भी जायजा लिया और संबंधित कर्मियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने वृद्धजनों की सुविधा और गरिमापूर्ण जीवन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि वृद्धजनों की सेवा केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता और मानवीय जिम्मेदारी भी है।

‘प्रोजेक्ट प्राण’ के तहत सुदृढ़ पंचायत सचिवालय का शुभारंभ
वृद्धाश्रम के निरीक्षण के बाद उपायुक्त ने बरंगा पंचायत सचिवालय का निरीक्षण किया। उन्होंने ‘प्रोजेक्ट प्राण’ के तहत पंचायत सचिवालय के सुदृढ़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद स्थानीय मुखिया और प्रखंड विकास पदाधिकारी की मौजूदगी में दीप प्रज्वलित कर सुसज्जित बरंगा पंचायत सचिवालय का शुभारंभ किया।

पंचायत सचिवालय में विकसित की गई विभिन्न सुविधाओं का भी उपायुक्त ने अवलोकन किया। इनमें मंईयां कक्ष, ऊर्जा कक्षा, ज्ञान केंद्र सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं।
उपायुक्त ने कहा कि पंचायत सचिवालय ग्रामीण क्षेत्र में शासन और आम जनता के बीच संपर्क का महत्वपूर्ण केंद्र है। इसे इस तरह विकसित किया जाना चाहिए कि ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं, सेवाओं और आवश्यक सूचनाओं के लिए अनावश्यक रूप से प्रखंड या जिला मुख्यालय का चक्कर न लगाना पड़े।

उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों को पंचायत सचिवालय में उपलब्ध सभी सुविधाओं को नियमित रूप से क्रियाशील रखने और उनका अधिकतम लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाने का निर्देश दिया। साथ ही पंचायत स्तर पर संचालित विभिन्न योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने तथा पात्र लाभुकों को योजनाओं से जोड़ने में पंचायत सचिवालय की प्रभावी भूमिका सुनिश्चित करने को कहा।

उपायुक्त ने कहा कि पंचायत सचिवालय को केवल कार्यालय तक सीमित न रखते हुए ग्रामीणों के लिए सेवा, सुविधा, जानकारी और संवाद का केंद्र बनाया जाए। उन्होंने पंचायत क्षेत्र में विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ जनसहभागिता को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।

