सरायकेला | सरायकेला की प्रसिद्ध छऊ कला के संरक्षण, कलाकारों के हित और लंबित मामलों के समाधान को लेकर गुरुवार को गुंडिचा मंदिर परिसर में छऊ कलाकारों की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सरायकेला छऊ आर्टिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष भोला महंती ने की। इस दौरान राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र के पुनरुत्थान समेत कलाकारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में कलाकारों ने कहा कि छऊ नृत्य सरायकेला की पहचान और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत है। ऐसे में राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र को मजबूत कर नियमित रूप से सक्रिय करने की दिशा में ठोस पहल जरूरी है। कलाकारों ने पूर्व में उपायुक्त के निर्देश के आलोक में चिन्हित चार प्रमुख बिंदुओं पर हुई कार्रवाई की स्थिति की भी समीक्षा की।

कलाकारों ने मांग की कि चारों बिंदुओं पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर ठोस प्रस्ताव तैयार किया जाए और संबंधित विभाग के माध्यम से इसे शीघ्र राज्य सरकार को भेजा जाए। बैठक में निर्णय लिया गया कि कलाकारों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन को अनुमंडल पदाधिकारी, सरायकेला को सौंपा जाएगा। ज्ञापन के माध्यम से सभी मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई करते हुए प्रस्ताव सरकार को भेजने का आग्रह किया जाएगा।

एसोसिएशन के अध्यक्ष भोला महंती ने कहा कि जिला प्रशासन और राज्य सरकार की ओर से छऊ कला एवं कलाकारों के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। लंबित विषयों का भी जल्द समाधान होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि कलाकार प्रशासन और सरकार के प्रयासों में सकारात्मक सहयोग के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

संरक्षक मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा ऐतिहासिक चैत्र पर्व को भव्य स्वरूप दिए जाने से सरायकेला छऊ की प्रतिष्ठा को और मजबूती मिली है। राज्य सरकार भी कलाकारों के सम्मान, पेंशन, प्रशिक्षण और कला केंद्र के पुनरुत्थान की दिशा में पहल कर रही है। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से सरायकेला छऊ कला को नई ऊंचाई तक पहुंचाया जा सकता है।

कलाकारों ने कहा कि छऊ कला को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए कला केंद्र का संस्थागत सुदृढ़ीकरण, नियमित प्रशिक्षण, कलाकारों को मंच और अवसर उपलब्ध कराना तथा उन्हें सम्मान और आजीविका से जोड़ना आवश्यक है।

बैठक में भोला महंती, मनोज कुमार चौधरी, गुरु तपन कुमार पटनायक, रंजीत आचार्य, रजेतेंदु रथ, गोपाल कुमार पटनायक, कामेश्वर भोल, गोपाबंधु तांती, गणेश परीक्षा, उदित प्रताप सिंहदेव, मुन्ना महाराणा, सरोज कपाट, बुद्धेश्वर कुमार, तरुण कुमार भोल, निवारण महतो, चंद्र नारायण महंती, राजेश गोप, पारस नाथ पुथाल, राकेश महंती, दशरथ महतो, शिव चरण साहू, राजेश महंती, रविन्द्र मोदक, शिव हेस्सा, पंकज कुमार साहू सहित वरिष्ठ एवं युवा कलाकार मौजूद रहे।

