सरायकेला | चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के भुइयांडीह स्थित एक औद्योगिक इकाई के बाहर सोमवार को मजदूरों और स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कंपनी के मुख्य प्रवेश द्वार पर एकत्र होकर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की।

ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्री घनी आबादी वाले क्षेत्र के समीप संचालित हो रही है, जिससे आसपास के लोगों को वायु प्रदूषण समेत कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि उद्योग से निकलने वाले धुएं और अन्य प्रदूषक तत्वों का प्रतिकूल प्रभाव स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने तथा फैक्ट्री के संचालन की समीक्षा करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान हाल ही में हुई औद्योगिक दुर्घटना का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, 16 जून को फैक्ट्री परिसर में हुए विस्फोट में कई मजदूर घायल हो गए थे, जिनमें कुछ की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। घटना के बाद से मजदूरों और उनके परिजनों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

मजदूरों का आरोप है कि घायल कर्मियों के इलाज, वेतन भुगतान और मुआवजे के संबंध में अब तक संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने मांग की कि सभी घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, उपचार का पूरा खर्च कंपनी वहन करे तथा प्रभावित परिवारों को उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।

सोमवार सुबह शुरू हुए इस आंदोलन के कारण फैक्ट्री का कामकाज प्रभावित रहा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर लिखित रूप से सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

ग्रामीणों और मजदूरों ने औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा प्रबंधन और संबंधित विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की भी मांग की।

फिलहाल, प्रदर्शन स्थल पर स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है। स्थानीय प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा है।

