चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिले के सदर चाईबासा प्रखंड कार्यालय सभागार में मिशन वात्सल्य अंतर्गत परिवार आधारित देखरेख कार्यक्रम ‘स्पॉन्सरशिप’ के तहत आच्छादित लाभुकों के लिए एक दिवसीय प्रखंड स्तरीय पारिवारिक-सह-मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला उपायुक्त श्री मनीष कुमार मुख्य रूप से शामिल हुए।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जोखिमग्रस्त बच्चों के पालक परिवारों का सत्यापन, फॉलोअप तथा स्पॉन्सरशिप योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करना था। समारोह को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं समुचित विकास सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने बताया कि मिशन वात्सल्य के अंतर्गत संचालित स्पॉन्सरशिप योजना के माध्यम से पात्र बच्चों को प्रति माह 4,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है, ताकि उनके पालन-पोषण, शिक्षा, पोषण एवं अन्य आवश्यक जरूरतों की पूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

उपायुक्त ने पालक परिवारों से अपील की कि वे प्राप्त राशि का उपयोग बच्चों के सर्वांगीण विकास और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में करें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा आर्थिक या सामाजिक कारणों से अपने अधिकारों और अवसरों से वंचित न रहे।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लाभुक परिवारों का नियमित अनुश्रवण एवं फॉलोअप करने तथा योजना के उद्देश्यों को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करने का निर्देश दिया। कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने लाभुक बच्चों एवं उनके अभिभावकों से संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं और सुझावों की जानकारी भी प्राप्त की।

इस अवसर पर परिवार आधारित देखरेख व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा बच्चों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी लाभुकों को दी गई।
कार्यक्रम में प्रशिक्षु आईएएस सुश्री ईरा जोरवाल, सहायक निदेशक (सामाजिक सुरक्षा कोषांग) श्री खुशेन्द्र सोनकेशरी, प्रशिक्षु जेएएस, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।


