चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिले के झींकपानी प्रखंड स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में विद्यालय प्रबंध समिति की वार्षिक बैठक के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी मनीष कुमार ने विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें अनुशासन, सकारात्मक सोच, रचनात्मकता, आत्मविश्वास और निरंतर सीखने की प्रेरणा दी। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों की शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं खेलकूद संबंधी उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ-साथ रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेना भी जरूरी है।

कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त मनीष कुमार, सहायक समाहर्ता ईरा जोरवाल, जिला शिक्षा पदाधिकारी और छात्राओं ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद स्वागत नृत्य के माध्यम से अतिथियों का अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में असम से आई छात्राओं ने पारंपरिक बिहू नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी, जबकि छात्रा ऋषिका गौर ने कथक नृत्य के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने सांस्कृतिक विविधता और रचनात्मकता का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया।

विद्यार्थियों को अनुशासन और निरंतर प्रयास का दिया संदेश
उपायुक्त मनीष कुमार ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें जीवन में लक्ष्य निर्धारित करने, नियमित अध्ययन करने और प्रत्येक कार्य को जिम्मेदारी के साथ पूरा करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण चरण है। इस दौरान विकसित की गई अच्छी आदतें, अनुशासन और सीखने की ललक भविष्य में सफलता की मजबूत नींव तैयार करती हैं।

उन्होंने कहा कि सफलता केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि ज्ञान को व्यवहार में उतारना, समस्याओं का समाधान खोजना, दूसरों के प्रति संवेदनशील रहना और कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमता पहचानकर निरंतर अभ्यास के माध्यम से उनमें सुधार करना चाहिए।

उपायुक्त ने विद्यार्थियों को असफलताओं से निराश होने के बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ने, अपनी गलतियों को स्वीकार करने और उनमें सुधार करने की आदत विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने पढ़ाई के साथ खेलकूद, संगीत, नृत्य, चित्रकला, विज्ञान और अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भाग लेने पर भी जोर दिया। उनके अनुसार, ऐसी गतिविधियों से आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है।

मानसिक स्वास्थ्य और सकारात्मक अभिव्यक्ति पर जोर
सहायक समाहर्ता ईरा जोरवाल ने विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक संतुलन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी भावनाओं और विचारों को सकारात्मक एवं प्रभावी तरीके से व्यक्त करना चाहिए। पढ़ाई के दौरान आने वाली चुनौतियों का धैर्यपूर्वक सामना करना, आवश्यकता पड़ने पर शिक्षकों और अभिभावकों से संवाद करना तथा अपनी रुचियों के लिए समय निकालना व्यक्तित्व विकास में सहायक होता है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने भी विद्यार्थियों को पूरे मनोयोग से पढ़ाई करने, विषयों को समझकर अध्ययन करने और नियमित रूप से पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखते हुए निरंतर सीखने और बेहतर प्रदर्शन करने का संदेश दिया।
विज्ञान एवं कला मॉडलों का किया अवलोकन
उपायुक्त मनीष कुमार ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए विज्ञान एवं कला से संबंधित विभिन्न मॉडलों का अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों से मॉडलों की अवधारणा, उपयोगिता और कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी ली तथा उनकी रचनात्मक सोच और विषयों को व्यावहारिक रूप में प्रस्तुत करने की क्षमता की सराहना की।

उन्होंने कहा कि विज्ञान और कला के माध्यम से नए विचारों को अभिव्यक्त करने तथा दैनिक जीवन की समस्याओं के समाधान खोजने के अवसर मिलते हैं। विद्यार्थियों को जिज्ञासु बने रहना चाहिए और पुस्तकीय ज्ञान के साथ प्रयोग एवं अनुभव के माध्यम से भी सीखने का प्रयास करना चाहिए।
शिवालिक सदन को मिला ओवरऑल चैंपियन का खिताब
विद्यालय में आयोजित वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सदनों को सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में शिवालिक सदन ने ओवरऑल चैंपियन का खिताब हासिल किया। उदयगिरि सदन को द्वितीय और अरावली सदन को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
शैक्षणिक क्षेत्र में अर्धवार्षिक परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। कक्षा छह से आठ के कनीय वर्ग में अभिनव आनंद तथा कक्षा नौ से 12 के वरीय वर्ग में शुभम मंडल को पुरस्कार प्रदान किया गया।
नवोदय विद्यालय समिति द्वारा आयोजित कला उत्सव में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। समूह वाद्ययंत्र प्रतियोगिता में गौरव, हरि, सोम और करण को, एकल गायन प्रतियोगिता में प्रीतम को तथा चित्रकला प्रतियोगिता में दीपांशु को पुरस्कार प्रदान किया गया। पुरस्कार वितरण के माध्यम से विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों, खेल प्रतिभा और सांस्कृतिक अभिरुचि को प्रोत्साहित किया गया।
शिक्षक-शिक्षिकाओं के सहयोग से हुआ कार्यक्रम का आयोजन
कार्यक्रम का सफल आयोजन प्रभारी प्राचार्य पंकज कुमार गुप्ता के नेतृत्व में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं और अन्य सदस्यों के सहयोग से संपन्न हुआ। समारोह ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, उपलब्धियों के लिए सम्मान प्राप्त करने और जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों को समझने का अवसर प्रदान किया।
अंत में वरीय शिक्षक सुशांत दास ने उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके बहुमूल्य समय, मार्गदर्शन और सहभागिता के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

