#जयराम_महतो #शैलेंद्र_महतो #बरवाअड्डा_थाना #हेमंत_सोरेन #maskalnews

जयराम महतो-बरवाअड्डा थाना प्रभारी प्रकरण में शैलेंद्र महतो ने की मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष से हस्तक्षेप की अपील

जयराम महतो-बरवाअड्डा थाना प्रभारी प्रकरण में शैलेंद्र महतो ने की मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष से हस्तक्षेप की अपील

रांची | पूर्व सांसद शैलेंद्र महतो ने जेएलकेएम प्रमुख एवं विधायक जयराम महतो और बरवाअड्डा थाना प्रभारी से जुड़े विवाद पर सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस मामले में झारखंड पुलिस एसोसिएशन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र कुमार महतो से हस्तक्षेप कर मामले के निष्पादन की अपील की है।

4 व्हीलर कार बुक करने के लिए +91 8002626576

शैलेंद्र महतो ने अपने पोस्ट में सबसे पहले स्पष्ट किया कि झारखंड की परंपरा और आचार-विचार में गाली-गलौज का कोई स्थान नहीं है और वह ऐसी हरकतों की घोर निंदा करते हैं।
उन्होंने कहा कि जयराम महतो पर बरवाअड्डा थाना प्रभारी के साथ गाली-गलौज करने का आरोप है और इस संबंध में उनके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की जा चुकी है। विधायक और थाना प्रभारी के बीच हुई कथित गरमागरम बहस का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। शैलेंद्र महतो ने सवाल उठाया कि वायरल वीडियो किसने जारी किया और क्या वीडियो पूरा है अथवा उसे काट-छांटकर प्रसारित किया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित होगा।

Contact no :- +91 8553588326

पूर्व सांसद ने आरोप लगाया कि झारखंड पुलिस एसोसिएशन द्वारा जयराम महतो की गिरफ्तारी अथवा उनसे माफी की मांग की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना पूरी जांच के किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि की गिरफ्तारी या माफी की मांग करना कितना उचित है।

Contact no :- +91 9337736501

अपने पोस्ट में शैलेंद्र महतो ने देश की राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में नेताओं के खिलाफ अक्सर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि राजनीतिक और सोशल मीडिया मंचों पर नेताओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां और गाली-गलौज की घटनाएं सामने आती रहती हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र कुमार महतो से अपील करते हुए कहा कि एक विधायक और झारखंड पुलिस एसोसिएशन से जुड़े इस विवाद में हस्तक्षेप कर मामले का उचित समाधान कराया जाना चाहिए।

अभी संपर्क करें :- +91 8936090601

शैलेंद्र महतो ने वर्ष 1983 की एक घटना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय बिहार राज्य के जुगसलाई विधानसभा क्षेत्र के विधायक तुलसी रजक एक कार्यक्रम के सिलसिले में मनोहरपुर गए थे, जहां तत्कालीन थाना प्रभारी द्वारा उनके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया था। उनके अनुसार, मामला बिहार विधानसभा तक पहुंचने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री ने संबंधित थाना प्रभारी को निलंबित करने का आदेश दिया था। उन्होंने कहा कि उस समय मझगांव से कांग्रेस विधायक और बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष रहे देवेंद्रनाथ चांपिया से इस मामले की जानकारी ली जा सकती है।
पूर्व सांसद ने अपने बयान के अंत में विधायिका और कार्यपालिका के अधिकारों एवं उनके बीच के अंतर को लेकर भी सवाल उठाया और कहा कि वर्तमान मामले में संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका और मर्यादा पर विचार किया जाना चाहिए।

Book your slot today : +91 7250214782

यह पूरा मामला पूर्व सांसद शैलेंद्र महतो द्वारा सोशल मीडिया पर व्यक्त किए गए विचारों और दावों पर आधारित है। संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया आने पर मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।