चक्रधरपुर | चक्रधरपुर प्रखंड कार्यालय सभागार में गुरुवार को प्रज्ञा केंद्र संचालकों (वीएलई) का दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) के प्रभावी क्रियान्वयन तथा 16वें वित्त आयोग के तहत ऑनलाइन प्रविष्टि कार्य को समयबद्ध, त्रुटिरहित और गुणवत्तापूर्ण ढंग से संपन्न कराना था।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में चक्रधरपुर, बंदगांव और खूंटपानी प्रखंडों के कुल 46 वीएलई ने भाग लिया। इस दौरान मास्टर ट्रेनर देवेश कांत, सायका नूर और तृप्ति विश्वकर्मा ने प्रतिभागियों को ई-ग्रामस्वराज पोर्टल के संचालन, ग्राम पंचायत विकास योजना की ऑनलाइन प्रविष्टि तथा 16वें वित्त आयोग से संबंधित तकनीकी प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी।

प्रशिक्षण के दौरान वीएलई को ई-ग्रामस्वराज पोर्टल पर कार्य करने का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया, ताकि ऑनलाइन प्रविष्टि के दौरान आने वाली तकनीकी समस्याओं का समय रहते समाधान किया जा सके। साथ ही प्रतिभागियों की शंकाओं का मौके पर ही समाधान कर उन्हें तकनीकी रूप से दक्ष बनाया गया।

प्रशिक्षकों ने बताया कि ग्राम पंचायत विकास योजना ग्रामीण विकास की आधारशिला है और इसकी सफलता पंचायत प्रतिनिधियों, पंचायत सचिवों तथा वीएलई के बेहतर समन्वय पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि योजनाओं की समय पर ऑनलाइन प्रविष्टि और सही डेटा अपलोड होने से विकास कार्यों की निगरानी, पारदर्शिता तथा प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।

कार्यक्रम में प्रखंड समन्वयक नारायण नायक सहित चक्रधरपुर, बंदगांव और खूंटपानी प्रखंडों के सभी वीएलई उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के समापन अवसर पर प्रतिभागियों से अपील की गई कि वे प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त तकनीकी ज्ञान का उपयोग पंचायतों में विकास योजनाओं के प्रभावी एवं पारदर्शी संचालन के लिए करें।


