नोवामुंडी | पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी प्रखंड अंतर्गत दुधबिला पंचायत के बेतेरकेया गांव में गुरुवार सुबह बिजली विभाग में कार्यरत एक मिस्त्री की 11 हजार वोल्ट विद्युत लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजा, आश्रित को सरकारी नौकरी तथा दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया।

जानकारी के अनुसार, बेतेरकेया निवासी रवि चंपिया रोज की तरह सुबह करीब 9:30 बजे मरम्मत कार्य के लिए ड्यूटी पर निकले थे। बताया गया कि वह करीब 11 हजार वोल्ट के बिजली पोल पर चढ़कर तार जोड़ने का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान अचानक लाइन में बिजली प्रवाहित हो गई, जिससे वह करंट की चपेट में आ गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस समय मरम्मत कार्य चल रहा था, उस दौरान बिजली आपूर्ति कैसे शुरू हुई, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता एवं सहायक अभियंता को इस हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए दोनों अधिकारियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। उनका आरोप है कि विभाग में कार्यरत मिस्त्रियों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण (सेफ्टी किट) उपलब्ध नहीं कराए जाते और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती है।

मृतक के परिजनों ने आश्रित को सरकारी नौकरी, 20 लाख रुपये मुआवजा तथा अन्य आवश्यक सहायता की मांग को लेकर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि सुबह हुई घटना के कई घंटे बाद भी विभाग की ओर से कोई संतोषजनक लिखित आश्वासन नहीं दिया गया। उनका कहना था कि बिना मांगें पूरी किए शव को उठाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

इस घटना की आदिवासी किसान मजदूर पार्टी के जिला अध्यक्ष सह जिला परिषद सदस्य ने कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले कर्मियों के परिवारों के साथ न्याय होना चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार से मृतक के आश्रित को सरकारी नौकरी और उचित मुआवजा देने की मांग की तथा चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो विभाग के समक्ष आंदोलन जारी रहेगा।

वहीं, कार्यपालक अभियंता, चाईबासा ने बताया कि मृतक एक निजी एजेंसी (जीत राज कंपनी) के माध्यम से कार्यरत थे। उन्होंने कहा कि कंपनी की ओर से प्रारंभिक सहायता राशि 20 हजार से 50 हजार रुपये तक देने का आश्वासन दिया गया है। साथ ही मृतक के आश्रित को 10 लाख रुपये मुआवजा तथा जिस स्थान पर मृतक कार्यरत थे, वहां परिवार के एक सदस्य को रोजगार उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
घटना के समय मौके पर पुलिस प्रशासन, विभागीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

