बोकारो | पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने छात्र आंदोलन और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। सोमवार को बोकारो परिसदन में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर उठ रहे सवालों तथा छात्रों के आंदोलन पर सरकार से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

अर्जुन मुंडा ने कहा कि राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर बड़ी संख्या में छात्र आंदोलनरत हैं। इससे विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे समय में सरकार को छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनना चाहिए और टकराव के बजाय उनसे संवाद स्थापित करना चाहिए।

उन्होंने JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि राज्य सरकार वास्तव में छात्रों की मांगों को लेकर संवेदनशील है, तो CBI जांच कराने से परहेज क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होने से छात्रों के मन में उठ रहे सवालों का समाधान हो सकेगा और परीक्षा व्यवस्था के प्रति उनका भरोसा भी कायम रहेगा।

मानवता के आधार पर भी हो निष्पक्ष जांच
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि राज्य सरकार में थोड़ी भी ईमानदारी है, तो उसे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात से कोई मतलब नहीं है कि सरकार ने क्या सही किया और क्या गलत, लेकिन जब छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, तो उनकी बात सुनना सरकार की जिम्मेदारी है।

अर्जुन मुंडा ने कहा कि यह मामला सीधे तौर पर छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है। इसलिए सरकार को मानवता के आधार पर भी पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद और पारदर्शी जांच के माध्यम से किया जाना चाहिए, ताकि राज्य में परीक्षा व्यवस्था को लेकर विश्वास का माहौल बना रहे।

उन्होंने कहा कि लगातार चल रहे छात्र आंदोलन से राज्य की विकास प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है। ऐसे में सरकार को टकराव का रास्ता छोड़कर छात्रों से बातचीत करनी चाहिए और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

