#अर्जुनमुंडा #छात्रआंदोलन #झारखंडसरकार #JPSC #JSSC #maskalnews

छात्र आंदोलन को लेकर अर्जुन मुंडा ने राज्य सरकार पर साधा निशाना, निष्पक्ष जांच की मांग

छात्र आंदोलन को लेकर अर्जुन मुंडा ने राज्य सरकार पर साधा निशाना, निष्पक्ष जांच की मांग

बोकारो | पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने छात्र आंदोलन और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। सोमवार को बोकारो परिसदन में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर उठ रहे सवालों तथा छात्रों के आंदोलन पर सरकार से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

4 व्हीलर कार बुक करने के लिए +91 8002626576

अर्जुन मुंडा ने कहा कि राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर बड़ी संख्या में छात्र आंदोलनरत हैं। इससे विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे समय में सरकार को छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनना चाहिए और टकराव के बजाय उनसे संवाद स्थापित करना चाहिए।

Contact no :- +91 8553588326

उन्होंने JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि राज्य सरकार वास्तव में छात्रों की मांगों को लेकर संवेदनशील है, तो CBI जांच कराने से परहेज क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होने से छात्रों के मन में उठ रहे सवालों का समाधान हो सकेगा और परीक्षा व्यवस्था के प्रति उनका भरोसा भी कायम रहेगा।

Contact no :- +91 9337736501

मानवता के आधार पर भी हो निष्पक्ष जांच
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि राज्य सरकार में थोड़ी भी ईमानदारी है, तो उसे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात से कोई मतलब नहीं है कि सरकार ने क्या सही किया और क्या गलत, लेकिन जब छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, तो उनकी बात सुनना सरकार की जिम्मेदारी है।

अभी संपर्क करें :- +91 8936090601

अर्जुन मुंडा ने कहा कि यह मामला सीधे तौर पर छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है। इसलिए सरकार को मानवता के आधार पर भी पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद और पारदर्शी जांच के माध्यम से किया जाना चाहिए, ताकि राज्य में परीक्षा व्यवस्था को लेकर विश्वास का माहौल बना रहे।

Book your slot today : +91 7250214782

उन्होंने कहा कि लगातार चल रहे छात्र आंदोलन से राज्य की विकास प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है। ऐसे में सरकार को टकराव का रास्ता छोड़कर छात्रों से बातचीत करनी चाहिए और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।