सरायकेला | सरायकेला जिला मुख्यालय में कई जर्जर और अनुपयोगी सरकारी भवन इन दिनों शराबियों के अड्डे बन गए हैं। पहले शहर के सड़क किनारे, मंदिरों के पास और नदी किनारे शराब पीने वालों का जमावड़ा लगता था, लेकिन वर्तमान थाना प्रभारी द्वारा अवैध अड्डेबाजी, नशाखोरी और हुड़दंग पर सख्ती के बाद खुले में शराब पीना मुश्किल हो गया है।

हालांकि लाइसेंसधारी दुकानों से शराब खरीदने पर कोई रोक नहीं है, जिससे नाबालिगों से लेकर बुजुर्गों तक सभी आसानी से शराब खरीद रहे हैं। समस्या तब पैदा होती है जब शराब पीने के लिए सुरक्षित स्थान नहीं मिलता। खासकर किशोर और युवा अपने घर या समाज के सामने शराब पीने से बचते हैं।

इसी वजह से वे अब खंडहर हो चुके सरकारी भवनों और महापुरुषों की मूर्तियों के आसपास छिपकर शराब का सेवन कर रहे हैं, जिससे इन स्थानों की गरिमा भी प्रभावित हो रही है।

