सरायकेला | एनआई एक्ट (परक्राम्य लिखत अधिनियम) से संबंधित मामलों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निस्तारण के लिए आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत की तैयारियों को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), सरायकेला-खरसावां में शुक्रवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डीएलएसए अध्यक्ष (प्रभार) ब्रज किशोर पांडेय ने की।

बैठक में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी लूसी सोसेन टिग्गा, सिविल जज (वरीय प्रभाग) अनामिका किस्कू, सिविल जज (कनिष्ठ प्रभाग) सह एसडीजेएम आशीष अग्रवाल तथा डीएलएसए सचिव तौसीफ मेराज सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान ब्रज किशोर पांडेय ने कहा कि विशेष लोक अदालत चेक बाउंस सहित एनआई एक्ट के मामलों के त्वरित, सरल और समझौतापूर्ण निस्तारण का प्रभावी माध्यम है।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) के निर्देशानुसार आयोजित यह पहल लंबित मामलों की संख्या कम करने तथा आम नागरिकों को सुलभ एवं त्वरित न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने न्यायिक पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि योग्य मामलों की शीघ्र पहचान कर पक्षकारों को समयबद्ध तरीके से नोटिस जारी किए जाएं, ताकि अधिक से अधिक मामलों का आपसी सहमति से निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके।

बैठक में बताया गया कि एनआई एक्ट मामलों के निष्पादन के लिए कुल 10 विशेष पीठों का गठन किया गया है। इस दौरान मामलों की पहचान, नोटिस तामिला, प्री-लिटिगेशन स्तर पर समझौते की संभावनाओं तथा प्रभावी वाद प्रबंधन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के अंत में सभी न्यायिक पदाधिकारियों ने विशेष लोक अदालत को सफल बनाने और अधिकतम मामलों का समझौतापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए समन्वित प्रयास करने का संकल्प लिया।


