चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिले में मौसमी इन्फ्लुएंजा एवं H1N1 (स्वाइन फ्लू) संक्रमण की संभावित स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, सिविल सर्जन, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक, सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, एमपीडब्ल्यू सहित स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा पदाधिकारी एवं कर्मी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

बैठक में H1N1 सहित अन्य संक्रामक रोगों की रोकथाम, संदिग्ध मामलों की समय पर पहचान, संक्रमण नियंत्रण, उपचार व्यवस्था और स्वास्थ्य संस्थानों की तैयारियों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग को जिले में संक्रमण की संभावित स्थिति को लेकर पूरी तरह सतर्क एवं तैयार रहने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध मामले या संक्रमण की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा सभी स्तरों पर बेहतर समन्वय के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत रखा जाए।
अस्पतालों में विशेष आइसोलेशन वार्ड तैयार रखने का निर्देश
उपायुक्त ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों एवं संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों को H1N1 अथवा अन्य संक्रामक रोगों के संभावित मरीजों के उपचार के लिए सामान्य वार्ड से अलग विशेष आइसोलेशन वार्ड तैयार रखने का निर्देश दिया। इन वार्डों में आवश्यक जीवनरक्षक दवाएं, चिकित्सा उपकरण एवं अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध रखने को कहा गया।

उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने तथा गंभीर मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए समयबद्ध रेफरल की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही, सभी स्वास्थ्य संस्थानों को उपलब्ध संसाधनों एवं तैयारियों की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया गया।
संदिग्ध मामलों की त्वरित पहचान और रिपोर्टिंग पर जोर
बैठक में स्वास्थ्यकर्मियों को H1N1 संक्रमण की पहचान, संक्रमण नियंत्रण, संदिग्ध मामलों की रिपोर्टिंग, नमूना संग्रह, उपचार एवं रेफरल से संबंधित निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया। चिकित्सा पदाधिकारियों को संभावित अथवा संदिग्ध मामलों की सूचना मिलने पर निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार तत्काल आवश्यक कार्रवाई और समय पर रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए सतर्कता, समय पर पहचान और त्वरित उपचार बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने जिले में नियमित निगरानी व्यवस्था को मजबूत रखने तथा सभी स्तरों पर आवश्यक समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया।

संक्रमण से बचाव के लिए आमजनों से सावधानी बरतने की अपील
जिला प्रशासन ने आमजनों से संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है। लोगों को खांसी या छींक आने पर मुंह और नाक को रूमाल अथवा टिश्यू से ढकने, हाथों को नियमित रूप से साबुन एवं साफ पानी से धोने तथा बीमार या फ्लू जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों के अनावश्यक संपर्क से बचने की सलाह दी गई है।
बुखार, खांसी, गले में खराश, सांस लेने में परेशानी अथवा फ्लू से संबंधित गंभीर लक्षण दिखाई देने पर स्वयं उपचार करने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या चिकित्सक से परामर्श लेने की अपील की गई। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और अन्य संवेदनशील लोगों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है।
बच्चों की स्वास्थ्य जांच में तेजी लाने का निर्देश
बैठक में राष्ट्रीय बाल किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच और आवश्यक उपचार व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। सभी संबंधित चिकित्सा पदाधिकारियों को माइक्रो प्लान तैयार कर निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप स्वास्थ्य जांच में तेजी लाने और शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों को चिह्नित विद्यालयों एवं अन्य निर्धारित स्थलों पर जाकर बच्चों की स्वास्थ्य जांच करने, आवश्यकता के अनुसार उपचार एवं रेफरल सुविधा उपलब्ध कराने तथा अभिभावकों को बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने को कहा गया।

कार्यक्रम के प्रभावी संचालन के लिए स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया। विद्यालयों में आयोजित स्वास्थ्य जांच के दौरान विद्यालय प्रबंधन और शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों का आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
इसके अलावा, चिन्हित बच्चों की स्वास्थ्य जांच, उपचार एवं आवश्यक सुविधाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा गया। संबंधित पदाधिकारियों को उपलब्ध आंकड़ों की समीक्षा कर जरूरतमंद बच्चों को समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।

उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि जिले में संक्रामक रोगों की रोकथाम के साथ-साथ बच्चों एवं किशोरों की स्वास्थ्य सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने सभी स्वास्थ्य पदाधिकारियों एवं कर्मियों को अपने दायित्वों का गंभीरतापूर्वक निर्वहन करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, निगरानी व्यवस्था और आमजनों तक समय पर चिकित्सा सुविधा की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि जिले में H1N1 सहित संभावित संक्रामक रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण, समय पर उपचार तथा बच्चों की स्वास्थ्य जांच से संबंधित कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

