चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन द्वारा संचालित “प्रोजेक्ट जागृति: बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम” के तहत सदर अस्पताल, चाईबासा स्थित कुपोषण उपचार केंद्र सभागार में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। उपायुक्त मनीष कुमार ने शिविर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार और सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी भी उपस्थित रहे। शिविर के आयोजन में संथाल डॉक्टर एसोसिएशन ने आवश्यक सहयोग प्रदान किया।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने पंजीकरण प्रक्रिया, चिकित्सकीय जांच, रक्त संग्रहण व्यवस्था तथा रक्तदाताओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों से शिविर की कार्यप्रणाली की जानकारी ली तथा निर्देश दिया कि रक्तदाताओं की सुरक्षा और सुविधा से जुड़े सभी मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए।

उपायुक्त ने रक्तदान करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके मानवीय योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान एक पुनीत कार्य है, जिससे जरूरतमंद व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकता है।

शिविर में प्रशिक्षु आईएएस ईरा जोरवाल, अपर उपायुक्त किस्टो कुमार बेसरा, गोपनीय प्रभारी कुमार हर्ष, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्वेता भारती सहित शिक्षक, पत्रकार, विभिन्न सहायक प्रशासी पदाधिकारी, वरीय सहायक, सहायक, गोपनीय कार्यालय एवं विकास शाखा के कर्मी, अंगरक्षक, आदेशपाल, वाहन चालक, स्वयं सहायता समूह की दीदियां तथा विभिन्न विभागों के पदाधिकारी और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक स्वैच्छिक रक्तदान किया।

उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन स्वास्थ्य सेवाओं को जनसहभागिता से जोड़ते हुए नियमित रूप से ऐसे जनहितकारी कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। इसका उद्देश्य जरूरतमंदों के लिए रक्त की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ समाज में सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने नागरिकों से समय-समय पर स्वैच्छिक रक्तदान कर इस जनअभियान का हिस्सा बनने की अपील की।

रक्तदान के बाद सभी रक्तदाताओं को जिला प्रशासन की ओर से प्रशस्ति पत्र, कॉफी मग और टी-शर्ट प्रदान कर सम्मानित किया गया। जिला प्रशासन ने रक्तदाताओं के प्रेरणादायी योगदान की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि इस तरह की सहभागिता भविष्य में भी लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करेगी और जिले में सुरक्षित एवं पर्याप्त रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयासों को मजबूती देगी।

