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नाम बड़े, नीयत छोटी? संसद में पेश बजट पर जनता के हितों को लेकर गंभीर सवाल:- धी. रामहरि पेरियार

नाम बड़े, नीयत छोटी? संसद में पेश बजट पर जनता के हितों को लेकर गंभीर सवाल:- धी. रामहरि पेरियार

चाईबासा : एंटी करप्शन ऑफ इंडिया, झारखंड प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व लोकसभा व विधानसभा प्रत्याशी रहे धी. रामहरि पेरियार ने संसद में आज केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं, परियोजनाओं और वादों के नाम चाहे जितने बड़े हों, यदि उनका क्रियान्वयन ईमानदारी और पारदर्शिता से नहीं होता, तो वे जनता के साथ छल के अलावा कुछ नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं होता, बल्कि यह सरकार की नीति, नीयत, चरित्र और चेहरा होता है। इससे स्पष्ट होता है कि सरकार वास्तव में गरीब, बहुजन, दलित, आदिवासी, पिछड़े और मेहनतकश वर्गों के हित में कार्य कर रही है या फिर बड़े पूंजीपतियों और कॉरपोरेट घरानों के संरक्षण में सत्ता चला रही है।
        धी. रामहरि पेरियार ने विशेष रूप से यह सवाल उठाया कि आत्मनिर्भर भारत की बात करते हुए सरकार ने सरकारी क्षेत्र को कितना मजबूत किया है और क्या यह बजट बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के कल्याणकारी संविधान की आत्मा के अनुरूप है या नहीं। उन्होंने कहा कि संविधान केवल शासन का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह सामाजिक न्याय, समानता और मानव गरिमा की गारंटी है।
   उन्होंने आगे कहा कि आज के बजट को इस कसौटी पर भी परखा जाना चाहिए कि पिछले वर्ष के बजट में किए गए वादे और आश्वासन कितने पूरे हुए। क्या वे केवल रस्म अदायगी बनकर रह गए या वास्तव में उन्होंने जनता के जीवन में कोई सकारात्मक परिवर्तन लाया? जनता को अब केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि ठोस परिणाम चाहिए।
    उन्होंने यह भी कहा कि वास्तविक विकास का मूल्यांकन GDP से नहीं, बल्कि आम नागरिक के जीवन में आए गुणात्मक बदलाव से किया जाना चाहिए। क्या बेरोजगारी घटी? क्या किसानों की आय बढ़ी? क्या शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और सामाजिक सुरक्षा आम जनता तक पहुँची? यदि इन प्रश्नों का उत्तर नकारात्मक है, तो किसी भी बजट को सफल नहीं कहा जा सकता।
   धी. रामहरि पेरियार ने केंद्र सरकार से मांग की कि वह बजट के नाम पर जनता को भ्रमित करने के बजाय अपने पिछले दावों पर श्वेत पत्र जारी करे और बताए कि किस योजना का कितना लाभ जनता तक पहुँचा है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार वास्तव में अच्छे दिन लाना चाहती है, तो उसे नीयत, नीति और न्यायपूर्ण क्रियान्वयन से यह सिद्ध करना होगा, न कि केवल शब्दों और आंकड़ों के माध्यम से।
अंत में उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सबसे बड़ी पूंजी है और उसका विश्वास खोना किसी भी सरकार के लिए सबसे बड़ा नुकसान है। इसलिए सरकार को चाहिए कि वह बजट को केवल संसद में पारित कराने का औपचारिक दस्तावेज न बनाए, बल्कि इसे जनहित, सामाजिक न्याय और संविधान की आत्मा से जोड़कर लागू करे।

चाईबासा में झामुमो प. सिंहभूम जिला कार्यसमिति की बैठक संपन्न

चाईबासा में झामुमो प. सिंहभूम जिला कार्यसमिति की बैठक संपन्न

चाईबासा : डोबरोसाई स्थित सनसाईन रेस्टूरेंट में शनिवार, 01 फरवरी 2026 को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) पश्चिमी सिंहभूम जिला कार्यसमिति की बैठक जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में मनोहरपुर विधायक जगत माझी सहित पार्टी के केंद्रीय सदस्य, जिला पदाधिकारी, विभिन्न मोर्चा संगठनों के जिला अध्यक्ष एवं सचिव तथा चाईबासा व चक्रधरपुर नगर इकाइयों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में संगठनात्मक विषयों पर चर्चा के साथ राज्य में हो रहे नगर निकाय चुनाव को लेकर विशेष रणनीति बनाई गई। प. सिंहभूम जिले के चाईबासा और चक्रधरपुर नगर परिषद क्षेत्रों में अध्यक्ष सहित सभी पदों पर झामुमो समर्थित उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने पूरे दमखम के साथ चुनाव मैदान में उतरने का निर्णय लिया।
बैठक में शहर के जाने-माने व्यवसायी एवं झामुमो के समर्पित कार्यकर्ता नितिन प्रकाश के नाम पर सर्वसम्मति से मुहर लगाई गई। नितिन प्रकाश समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं और पश्चिमी सिंहभूम ओलंपिक संघ, चाईबासा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, कोल्हान विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य, केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति तथा एफजेसीसीआई सहित कई संस्थाओं में महत्वपूर्ण दायित्व निभा चुके हैं।
बैठक में जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम, विधायक जगत माझी, जिला सचिव राहुल आदित्य, केंद्रीय सदस्य भुवनेश्वर महतो, मोनिका बोयपाई, जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरेन सहित जिला, मोर्चा एवं नगर इकाइयों के कई पदाधिकारी मौजूद थे।

खरसावां में भाजपा कार्यकर्ताओं ने देखा केंद्रीय बजट का सीधा प्रसारण, अर्जुन मुंडा ने बताया विकसित भारत की दिशा में दूरदर्शी बजट

खरसावां में भाजपा कार्यकर्ताओं ने देखा केंद्रीय बजट का सीधा प्रसारण, अर्जुन मुंडा ने बताया विकसित भारत की दिशा में दूरदर्शी बजट

सरायकेला-खरसावां : खरसावां स्थित प्रसिद्ध आकर्षिणी मंदिर के सभागार में भाजपा जिला अध्यक्ष हरेकृष्ण प्रधान की अध्यक्षता में सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट का सीधा प्रसारण देखा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा उपस्थित रहे।
बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए अर्जुन मुंडा ने कहा कि यह बजट केवल खर्च का दस्तावेज नहीं, बल्कि विकसित भारत–2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया एक दूरदर्शी आर्थिक विजन है। उन्होंने कहा कि बजट में गांव, गरीब, किसान, मजदूर और आम नागरिक की जरूरतों को प्राथमिकता दी गई है। रोजगार सृजन, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। कुल मिलाकर यह बजट वर्तमान जरूरतों के साथ भविष्य की तैयारी करने वाला आम जनता का बजट है।
वहीं जिला अध्यक्ष हरेकृष्ण प्रधान ने कहा कि बजट में नए रोजगार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। साथ ही मधुमेह और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाओं को सस्ता किए जाने का भी प्रावधान है।


वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज पेश करेंगी यूनियन बजट, लगातार 9वीं बार रचेंगी इतिहास

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज पेश करेंगी यूनियन बजट, लगातार 9वीं बार रचेंगी इतिहास

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज यानी 1 फरवरी को देश का आम बजट पेश करेंगी। पूरे देश की निगाहें उनके बजट भाषण पर टिकी हुई हैं। इस बजट के साथ ही वह एक नया इतिहास रचने जा रही हैं।
निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश करेंगी। इसके साथ ही वह देश की पहली ऐसी वित्त मंत्री बन जाएंगी, जिन्होंने लगातार नौ बार बजट प्रस्तुत किया हो। इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने कुल 10 बार और पी. चिदंबरम ने 9 बार बजट पेश किया था, लेकिन कोई भी लगातार नौ बार बजट नहीं पेश कर पाया था।
निर्मला सीतारमण ने 31 मई 2019 को वित्त मंत्री का पद संभाला था। 31 जनवरी 2026 तक वह लगभग 6 साल 8 महीने का कार्यकाल पूरा कर चुकी होंगी। इस अवधि के साथ ही वह देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले वित्त मंत्रियों में शामिल हो जाएंगी।
देश के इतिहास में सबसे लंबे समय तक वित्त मंत्री रहने वालों में सी.डी. देशमुख का नाम प्रमुख है, जिन्होंने 1 जून 1950 से करीब 6 साल 2 महीने तक यह जिम्मेदारी निभाई थी। वहीं, मनमोहन सिंह ने 1990 से 1996 के बीच लगभग पांच वर्षों तक वित्त मंत्रालय संभाला था।
आज बजट पेश करते ही निर्मला सीतारमण का नाम संसदीय इतिहास में एक नए रिकॉर्ड के साथ दर्ज हो जाएगा।

रोजगार का झांसा देकर ले जाई जा रही पांच नाबालिग लड़कियां रेस्क्यू, आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई

रोजगार का झांसा देकर ले जाई जा रही पांच नाबालिग लड़कियां रेस्क्यू, आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई

मनोहरपुर : मनोहरपुर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने रोजगार दिलाने के नाम पर तस्करी के तहत ले जाई जा रही पांच नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू किया है। यह कार्रवाई शुक्रवार रात की बताई जा रही है, जिससे एक बड़े मानव तस्करी के मामले का खुलासा हुआ है।

जानकारी के अनुसार, ये लड़कियां 18030 अप कुर्ला एक्सप्रेस से नागपुर जा रही थीं। संदिग्ध परिस्थितियों में यात्रा करते देख आरपीएफ ने उनसे पूछताछ की, लेकिन वे अपने गंतव्य और यात्रा के उद्देश्य के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे सकीं। इससे तस्करी की आशंका और गहरी हो गई।

इसके बाद आरपीएफ ने सभी नाबालिग लड़कियों को ट्रेन से उतारकर सुरक्षित रेस्क्यू किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि उन्हें रोजगार का लालच देकर बाहर ले जाया जा रहा था।

रेस्क्यू के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर सभी लड़कियों को चाइल्ड लाइन चाईबासा को सौंप दिया गया है, जहां उनकी काउंसलिंग की जा रही है और परिजनों से संपर्क की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

आरपीएफ ने तस्करी में शामिल लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच तेज कर दी है। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि नाबालिगों की किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को दें।

रोजगार का झांसा देकर ले जाई जा रही पांच नाबालिग लड़कियां रेस्क्यू, आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई

रोजगार का झांसा देकर ले जाई जा रही पांच नाबालिग लड़कियां रेस्क्यू, आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई

मनोहरपुर : मनोहरपुर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने रोजगार दिलाने के नाम पर तस्करी के तहत ले जाई जा रही पांच नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू किया है। यह कार्रवाई शुक्रवार रात की बताई जा रही है, जिससे एक बड़े मानव तस्करी के मामले का खुलासा हुआ है।

जानकारी के अनुसार, ये लड़कियां 18030 अप कुर्ला एक्सप्रेस से नागपुर जा रही थीं। संदिग्ध परिस्थितियों में यात्रा करते देख आरपीएफ ने उनसे पूछताछ की, लेकिन वे अपने गंतव्य और यात्रा के उद्देश्य के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे सकीं। इससे तस्करी की आशंका और गहरी हो गई।

इसके बाद आरपीएफ ने सभी नाबालिग लड़कियों को ट्रेन से उतारकर सुरक्षित रेस्क्यू किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि उन्हें रोजगार का लालच देकर बाहर ले जाया जा रहा था।

रेस्क्यू के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर सभी लड़कियों को चाइल्ड लाइन चाईबासा को सौंप दिया गया है, जहां उनकी काउंसलिंग की जा रही है और परिजनों से संपर्क की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

आरपीएफ ने तस्करी में शामिल लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच तेज कर दी है। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि नाबालिगों की किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को दें।

मानकी मुंडा संघ कोल्हान पोड़ाहाट की केंद्रीय समिति बैठक संपन्न, नए पदाधिकारियों का सर्वसम्मति से मनोनयन

मानकी मुंडा संघ कोल्हान पोड़ाहाट की केंद्रीय समिति बैठक संपन्न, नए पदाधिकारियों का सर्वसम्मति से मनोनयन

चाईबासा : मानकी मुंडा संघ कोल्हान पोड़ाहाट केंद्रीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता ग्रामीण मुंडा बुधराम उरांव ने की। इस बैठक में केंद्रीय समिति का विस्तार किया गया तथा सर्वसम्मति से बचे हुए सभी पदों पर मनोनयन किया गया।
बैठक में चार मानकी मुंडाओं को सलाहकार तथा तीन साथियों को विधि सलाहकार के रूप में आम सहमति से मनोनीत किया गया। इस अवसर पर नवगठित केंद्रीय समिति के पदाधिकारियों की घोषणा की गई, जिसमें गणेश पाट पिंगुवा को अध्यक्ष, कालीचरण बिरूवा, सुरेन्द्र चातोम्बा एवं साधुचरण जोंको को उपाध्यक्ष, चंदन होनहागा एवं सोना सुलेमान हासदा को महासचिव, दलपद देवगम को सचिव तथा श्यामचरण लागुरी, हरेकृष्णा बांदिया एवं सुरेन्द्र बानरा को कोषाध्यक्ष बनाया गया। वहीं शत्रुध्न कुंकल को प्रवक्ता तथा रामेश्वर कुन्टिया एवं गोविंद पुरती को सलाहकार सह कार्यालय प्रभारी नियुक्त किया गया।
बैठक में बड़ी संख्या में मानकी मुंडा उपस्थित थे। सभी की सहमति से यह निर्णय लिया गया कि दिनांक 2 फरवरी 2026 (सोमवार) को आयोजित सरकारी कार्यक्रम में अंचल के सभी मानकी मुंडा उपस्थित रहेंगे। साथ ही संघ का एक प्रतिनिधिमंडल माननीय मुख्यमंत्री महोदय को मांग पत्र सौंपेगा।

पश्चिम सिंहभूम में डिजिटल पंचायत प्रज्ञा केंद्र संचालक संघ की बैठक सह पिकनिक आयोजित

पश्चिम सिंहभूम में डिजिटल पंचायत प्रज्ञा केंद्र संचालक संघ की बैठक सह पिकनिक आयोजित

पश्चिम सिंहभूम : पश्चिम सिंहभूम जिला डिजिटल पंचायत सचिवालय प्रज्ञा केंद्र संचालक संघ द्वारा एक भव्य फिजिकल बैठक सह पिकनिक कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पंचायत व्यवस्था में आ रही समस्याओं पर चर्चा करना और पंचायत स्तर पर सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर रणनीति तैयार करना था।
बैठक के दौरान पंचायत स्तर पर डिजिटल सेवाओं के संचालन में आने वाली व्यवहारिक चुनौतियों, प्रज्ञा केंद्र संचालकों के अधिकार, सम्मान और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
राज्य संघ से आए कार्यकारिणी सदस्य श्री मुदस्सिर ने संगठन को मजबूत करने पर जोर देते हुए सभी संचालकों से सक्रिय भागीदारी और सेवा भाव से कार्य करने की अपील की। वहीं प्रदेश संयोजक श्री नवीन कुमार ने कहा कि प्रज्ञा केंद्र पिछले 15 वर्षों से संचालित हो रहे हैं, लेकिन संचालकों को आज भी अपेक्षित सम्मान और अधिकार नहीं मिल पाए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक संचालकों को उनका अधिकार नहीं मिलेगा, संघर्ष जारी रहेगा।
पश्चिम सिंहभूम जिला सचिव श्री फनी भूषण महतो ने डिजिटल पंचायत व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्तमान में यह केवल नाम मात्र की रह गई है। आज भी आम जनता को छोटे कार्यों के लिए प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
प्रदेश कोषाध्यक्ष श्री सानी पट पिंगुआ ने संघ को मजबूत करने के लिए सभी प्रज्ञा केंद्र संचालकों से सदस्यता अभियान में भाग लेने की अपील की। वहीं जिला संरक्षक श्री अजय भागती ने बैठक में अनुपस्थित रहने वाले संचालकों पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
कार्यक्रम में CSC जिला प्रबंधक श्री उमेश कुमार अग्रवाल, सरफराजुल हक तथा डिजिटल पंचायत जिला प्रबंधक श्री देवेश कांत की भी उपस्थिति रही। उन्होंने सभी संचालकों से एकजुट होकर संगठन को और सशक्त बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष श्री बिरसिंह तपेय, जिला सह सचिव श्री रॉबिनसन हेंब्रम, जिला संरक्षक श्री जनार्दन बालमुचू सहित जिले के विभिन्न पंचायतों से आए दर्जनों प्रज्ञा केंद्र संचालक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों ने संगठन को मजबूत करने, संचालकों के अधिकारों की रक्षा करने और डिजिटल पंचायत प्रणाली को सशक्त बनाने का संकल्प लिया।

आदित्यपुर में एनडीपीएस मामले की वांछित महिला अभियुक्त डॉली परवीन गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजी गई

आदित्यपुर में एनडीपीएस मामले की वांछित महिला अभियुक्त डॉली परवीन गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजी गई

आदित्यपुर : आदित्यपुर थाना कांड संख्या 303/2025 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 17(b), 21(b) एवं 27(a) में वांछित महिला अभियुक्त डॉली परवीन को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गिरफ्तारी 31 जनवरी 2026 को की गई।
गिरफ्तार अभियुक्त डॉली परवीन (उम्र लगभग 43 वर्ष), पति कादिम खान, निवासी एच रोड मुस्लिम बस्ती, थाना आदित्यपुर, जिला सरायकेला-खरसावाँ की रहने वाली है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में पूर्व में 208 ग्राम अवैध ब्राउन शुगर के साथ तीन अन्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
पूर्व में गिरफ्तार अभियुक्तों में शहबाज खान (19 वर्ष), निवासी एच रोड मुस्लिम बस्ती, आदित्यपुर; मो. समीर उर्फ मो. आयान (19 वर्ष), निवासी दुर्ग, छत्तीसगढ़; तथा रफीकुल इस्लाम (50 वर्ष), निवासी मुर्शीदाबाद, पश्चिम बंगाल शामिल हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार डॉली परवीन का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके विरुद्ध आदित्यपुर थाना में एनडीपीएस एक्ट सहित हत्या, मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा एवं अन्य गंभीर धाराओं में कुल 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
यह कार्रवाई आदित्यपुर थाना की टीम द्वारा सह थाना प्रभारी पु.नि. बिनोद तिर्की के नेतृत्व में की गई। छापामारी दल में रमन विश्वकर्मा, विनोद टुडू, समा सुसारी लकड़ा, जाही मुर्मू, मधु कुमारी, राघवेन्द्र कुमार, नितिश कुमार पाण्डेय एवं हवलदार सहदेव यादव शामिल थे।
पुलिस ने बताया कि मादक पदार्थों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी है और इस तरह के मामलों में संलिप्त अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

चाईबासा में GST विभाग की बड़ी कार्रवाई, विनय ठाकुर के घर छापेमारी

चाईबासा में GST विभाग की बड़ी कार्रवाई, विनय ठाकुर के घर छापेमारी

चाईबासा : चाईबासा में GST विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर के भाई विनय ठाकुर के घर छापेमारी की। इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार GST की टीम दो गाड़ियों में विनय ठाकुर के आवास पर पहुंची और जांच शुरू की।
बताया जा रहा है कि विनय ठाकुर सत्यम बिल्डर्स कंपनी के मालिक हैं। GST विभाग द्वारा कंपनी से जुड़े टैक्स भुगतान और वित्तीय लेन-देन से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है। छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने घर में मौजूद फाइलें, कागजात और अन्य रिकॉर्ड खंगाले।
अचानक हुई इस कार्रवाई की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जुट गए। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की गई है। फिलहाल GST विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला कर संबंधी अनियमितताओं से जुड़ा है या नहीं। खबर लिखे जाने तक जांच जारी है और छापेमारी कई घंटों तक चलने की संभावना जताई जा रही है।