झारखंड में छात्रवृत्ति का मुद्दा गरम, कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने दिल्ली में की केंद्रीय मंत्री से मुलाकात

झारखंड में छात्रवृत्ति का मुद्दा गरम, कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने दिल्ली में की केंद्रीय मंत्री से मुलाकात

दिल्ली : झारखंड में छात्रवृत्ति को लेकर स्थिति गंभीर बनी हुई है। हजारों छात्रों की छात्रवृत्ति लंबित होने से उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। इस मुद्दे को लेकर झारखंड के कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने सक्रिय पहल की है। उन्होंने पहले विधानसभा में कहा था कि जरूरत पड़ने पर वे स्वयं दिल्ली जाकर केंद्रीय मंत्री से मुलाकात करेंगे।

अपने वादे के अनुसार कल्याण मंत्री चमरा लिंडा दिल्ली पहुंचे और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. रामदास अठावले से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पत्र के माध्यम से झारखंड के छात्रों की समस्याओं और पीड़ा से अवगत कराया।

पत्र पढ़ने के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय सचिव को तत्काल निर्देश दिया कि झारखंड की छात्रवृत्ति मद में लंबित राशि को जल्द से जल्द जारी किया जाए।

गौरतलब है कि राज्य के छात्र वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 की छात्रवृत्ति का लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। आर्थिक तंगी के कारण कई छात्र आंदोलन करने को मजबूर हो गए हैं। फीस न भर पाने, पढ़ाई छूटने और भविष्य को लेकर बढ़ती अनिश्चितता से छात्रों में चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

योजनाओं के नाम, कानून के नाम बदलने में केन्द्र की मोदी सरकार माहिर है : त्रिशानु राय

योजनाओं के नाम, कानून के नाम बदलने में केन्द्र की मोदी सरकार माहिर है : त्रिशानु राय

चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के कांग्रेस प्रवक्ता त्रिशानु राय ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदले जाने पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। मंगलवार को जारी बयान में उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार योजनाओं और कानूनों के नाम बदलने में माहिर है।

उन्होंने कहा कि निर्मल भारत अभियान का नाम स्वच्छ भारत अभियान किया गया और ग्रामीण एलपीजी वितरण कार्यक्रम को उज्ज्वला योजना नाम दिया गया। सरकार पैकेजिंग, ब्रांडिंग और नामकरण में तो आगे है, लेकिन असल मुद्दों से ध्यान भटका रही है।

त्रिशानु राय ने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू से सरकार की नफरत तो समझ में आती है, लेकिन महात्मा गांधी के नाम से भी दिक्कत होना हैरान करने वाला है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 से चल रही महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना का नाम बदलकर अब ‘पूज्य बापू रोजगार गारंटी योजना’ किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम से सरकार को क्या आपत्ति है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि सरकार नाम बदलकर बेरोजगारी, डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरती कीमत, वोट चोरी और देश के बढ़ते कर्ज जैसे मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में केंद्र की भाजपा सरकार ने जनता के लिए कोई नई ठोस योजना नहीं चलाई, बल्कि कांग्रेस सरकार की योजनाओं के नाम बदलकर अपनी उपलब्धि बताकर जनता को गुमराह किया जा रहा है।

सिकुरसाई में स्प्राउट्स चाइल्ड ग्रूमिंग सेंटर का वार्षिक खेलकूद समारोह संपन्न

सिकुरसाई में स्प्राउट्स चाइल्ड ग्रूमिंग सेंटर का वार्षिक खेलकूद समारोह संपन्न

चाईबासा : सिकुरसाई स्थित गौशाला मैदान में 14 दिसंबर 2025 को स्प्राउट्स चाइल्ड ग्रूमिंग सेंटर द्वारा वार्षिक खेलकूद समारोह का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम उत्साह, अनुशासन और खेल भावना से भरपूर रहा। केंद्र के बच्चों ने विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपनी शारीरिक क्षमता, आत्मविश्वास और टीम भावना का प्रदर्शन किया।

समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि जिला परिषद सदस्य श्री माधव चंद्र कुंकल ने किया। विशेष अतिथि के रूप में ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ. आशीष कुमार जारिका एवं डॉ. अमन बिरुली उपस्थित रहे। अतिथियों की उपस्थिति से बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों में उत्साह देखा गया।

खेलकूद समारोह में विभिन्न आयु वर्ग के बच्चों के लिए दौड़, फील्ड इवेंट्स और मनोरंजक खेल आयोजित किए गए। कई बच्चों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पुरस्कार प्राप्त किए। बड़ी संख्या में अभिभावक भी मौजूद रहे और बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

मुख्य अतिथि श्री माधव चंद्र कुंकल ने अपने संबोधन में पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खेल बच्चों को शारीरिक रूप से स्वस्थ और मानसिक रूप से मजबूत बनाते हैं। उन्होंने अभिभावकों की खेल प्रतियोगिता में स्वयं भाग लेकर पुरस्कार भी जीता और प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम का समापन स्प्राउट्स चाइल्ड ग्रूमिंग सेंटर के निदेशक श्री दीपक तुबिद के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि खेलकूद बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

यह वार्षिक खेलकूद समारोह बच्चों की प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ उनके शारीरिक, मानसिक और नैतिक विकास के प्रति केंद्र की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

गुवा गोलीकांड के साक्षी झारखंड आंदोलनकारी डुरगड़ाय सिरका के निधन पर संयुक्त मोर्चा ने परिजनों से की मुलाकात, सरकारी हस्तक्षेप की मांग

गुवा गोलीकांड के साक्षी झारखंड आंदोलनकारी डुरगड़ाय सिरका के निधन पर संयुक्त मोर्चा ने परिजनों से की मुलाकात, सरकारी हस्तक्षेप की मांग

जगन्नाथपुर : गुवा गोलीकांड (8 सितंबर 1980) के साक्षी रहे झारखंड आंदोलनकारी, बड़ा राइका निवासी स्वर्गीय डुरगड़ाय सिरका के निधन पर झारखंड आंदोलनकारी संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधियों ने उनके पैतृक गांव बड़ा राइका पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और शोक संवेदना व्यक्त की। स्वर्गीय डुरगड़ाय सिरका का निधन 8 दिसंबर 2025 को उनके पैतृक निवास पर हुआ था।

इस अवसर पर झारखंड आंदोलनकारी संयुक्त मोर्चा के मुख्य सलाहकार एवं पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा तथा अध्यक्ष आसमान सुंडी ने परिवार की स्थिति की जानकारी ली। मोर्चा के पदाधिकारियों द्वारा उनके पुत्र बेड़गा सिरका को राशन सामग्री एवं आर्थिक सहायता प्रदान की गई।

परिजनों से बातचीत के बाद श्री मंगल सिंह बोबोंगा और अध्यक्ष आसमान सुंडी ने बताया कि स्वर्गीय डुरगड़ाय सिरका के परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर है। उन्होंने कहा कि उनके पुत्र बेड़गा सिरका पर नक्सली मामले में झूठा मुकदमा दर्ज है, जिसके कारण वे लंबे समय तक जेल में रहे और वर्ष 2023 में रिहा हुए थे। वर्तमान में उनके खिलाफ फिर से वारंट जारी है। वहीं, उनके पोते गोनो सिरका ने पिता के जेल जाने के बाद आठवीं कक्षा से पढ़ाई छोड़ दी है।

नेताओं ने इस मामले पर सरकार और प्रशासन से गंभीरता से ध्यान देने की मांग की।
इस दौरान झारखंड आंदोलनकारी संयुक्त मोर्चा के सचिव अजय महतो, कानूराम सिरका, रमेश सिरका, कोलाय चढ़ाई सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

मंझारी के रघुनाथ बिरुवा का UNDP में UN Volunteer के रूप में चयन

मंझारी के रघुनाथ बिरुवा का UNDP में UN Volunteer के रूप में चयन

चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के लिए यह गर्व की बात है कि मंझारी प्रखंड के बड़ा-लागड़ा गांव निवासी रघुनाथ बिरुवा का चयन संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) के अंतर्गत UN Volunteer के रूप में हुआ है। वे अब UNDP के तहत अपनी सेवाएं देंगे।

रघुनाथ बिरुवा “हो” आदिवासी समुदाय से हैं और वर्तमान में भुवनेश्वर स्थित कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (KISS) में इतिहास विषय में पीएचडी शोधकर्ता हैं। उन्होंने कोल्हान विश्वविद्यालय से इतिहास में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की है और दो बार UGC NET परीक्षा उत्तीर्ण की है। इसके अलावा उन्होंने ICSSR, नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित “पश्चिमी सिंहभूम से जनजातीय प्रवासन” जैसे राष्ट्रीय स्तर के शोध प्रोजेक्ट्स पर भी कार्य किया है।

वे सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहे हैं और कोल्हान क्षेत्र में विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में योगदान देते रहे हैं। UNDP में उनके चयन से पूरे कोल्हान क्षेत्र और “हो” आदिवासी समुदाय में खुशी का माहौल है। वे स्थानीय विद्यार्थियों और युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरे हैं।

अपनी सफलता का श्रेय रघुनाथ बिरुवा ने अपने माता-पिता, KISS विश्वविद्यालय के संस्थापक अच्युत समंता, अपने शोध मार्गदर्शकों, शिक्षकों और सहयोगियों को दिया है। वहीं ग्रामीण शिक्षा दीप संस्था के अध्यक्ष बनमाली तामसोय सहित पूरी टीम ने उनके चयन पर बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

जारकी शिमलाबाद में पेयजल संकट, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष ने विभाग को सौंपा आवेदन

जारकी शिमलाबाद में पेयजल संकट, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष ने विभाग को सौंपा आवेदन

चक्रधरपुर : कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष विजय सिंह सामाड को जारकी शिमलाबाद गांव के ग्रामीणों ने पेयजल की गंभीर समस्या को लेकर शिकायत दी। शिकायत मिलते ही उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए पेयजल विभाग के सहायक अभियंता को आवेदन सौंपा।

आवेदन में बताया गया है कि प्रखंड अंतर्गत केरा पंचायत के ग्राम जारकी शिमलाबाद के मुखी टोला (सर्वे मुखी के घर के सामने) और नायक टोला (छउ नृत्य अखाड़ा के सामने) स्थित नलकूप पिछले तीन महीनों से खराब हैं। इन नलकूपों पर ही ग्रामीणों की पेयजल निर्भरता है, जिसके कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष ने दोनों खराब नलकूपों की तत्काल स्थल निरीक्षण कर मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि टोला वासियों को जल्द पेयजल सुविधा मिल सके।

इस मौके पर प्रखंड महासचिव भोलेनाथ बोदरा, बासुदेव मुखी, बाबू राम बोदरा सहित अन्य कांग्रेसी कार्यकर्ता उपस्थित थे।

पश्चिमी सिंहभूम में 15 दिसंबर से धान अधिप्राप्ति शुरू, 3 लाख क्विंटल खरीद का लक्ष्य

पश्चिमी सिंहभूम में 15 दिसंबर से धान अधिप्राप्ति शुरू, 3 लाख क्विंटल खरीद का लक्ष्य

पश्चिमी सिंहभूम : पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में शनिवार को उपायुक्त चंदन कुमार की अध्यक्षता में खरीफ विपणन मौसम 2025–26 के तहत धान अधिप्राप्ति योजना को लेकर जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में 15 दिसंबर 2025 से जिले में धान अधिप्राप्ति कार्य प्रारंभ करने की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में बताया गया कि इस वर्ष जिले में कुल 3 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकार द्वारा बोनस सहित सामान्य श्रेणी के धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2450 रुपये प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-ए श्रेणी के धान का समर्थन मूल्य 2470 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। वर्तमान में जिले के 7895 किसान किसान उपार्जन पोर्टल पर निबंधित हैं।

धान अधिप्राप्ति के लिए जिले में 16 लैंपस का चयन किया गया है, जिन्हें 6 मिलरों से संबद्ध किया गया है। सभी स्तरों पर दंडाधिकारी एवं आवश्यक कर्मियों की प्रतिनियुक्ति भी पूरी कर ली गई है।

उपायुक्त चंदन कुमार ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ सुनिश्चित कराना है, ताकि कोई भी किसान अपनी उपज कम दाम पर बेचने को मजबूर न हो। उन्होंने बताया कि इस वर्ष भुगतान प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया गया है तथा धान खरीद के एक सप्ताह के भीतर डीबीटी के माध्यम से किसानों के खातों में राशि भेजी जाएगी।

उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि धान अधिप्राप्ति प्रक्रिया पारदर्शी, सुचारू और समयबद्ध तरीके से संचालित की जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सभी खरीद केंद्रों पर तौल मशीन, बोरा, नमी मापक यंत्र, परिवहन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहें। सरकार के निर्देशानुसार इस वर्ष सभी धान अधिप्राप्ति केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में खरीद की जाएगी, जिसके लिए सभी 16 केंद्रों पर शीघ्र सीसीटीवी अधिष्ठापन का निर्देश दिया गया।

इसके अलावा प्रखंड विकास पदाधिकारियों को किसानों से संपर्क कर उन्हें धान बिक्री के बाद तेज भुगतान प्रक्रिया की जानकारी देने, अधिक से अधिक किसानों का किसान उपार्जन पोर्टल पर निबंधन कराने तथा नजदीकी लैंपस में समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में धान अधिप्राप्ति अवधि के दौरान बिचौलियों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने, साप्ताहिक प्रगति प्रतिवेदन उपलब्ध कराने और गोदामों का भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश भी दिए गए। जानकारी दी गई कि 15 दिसंबर को सभी चयनित धान खरीद केंद्रों पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में धान अधिप्राप्ति कार्य का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा।

बैठक में अपर उपायुक्त प्रवीण केरकट्टा, जिला आपूर्ति पदाधिकारी सुनीला खलको, जिला सहकारिता पदाधिकारी अमृता कुमारी, जिला कृषि पदाधिकारी अमरजीत कुजूर सहित सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, लैंपस के अध्यक्ष-सचिव और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

कपाली में जमीन कब्जा और जनसंख्या बदलाव के आरोप, आदिवासी–मूलवासी समुदाय ने जताई गंभीर चिंता

कपाली में जमीन कब्जा और जनसंख्या बदलाव के आरोप, आदिवासी–मूलवासी समुदाय ने जताई गंभीर चिंता

सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली क्षेत्र में भूमि कब्जे, अवैध बसावट और जनसंख्या संरचना में बड़े बदलाव के आरोप सामने आए हैं। कपाली से आए आदिवासी–मूलवासी समुदाय के लोगों ने दावा किया है कि पिछले कुछ वर्षों में उनकी जमीनें अवैध रूप से हड़प ली गईं और क्षेत्र को एक विशेष समुदाय की कॉलोनी में बदल दिया गया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले कपाली एक पंचायत हुआ करती थी, जिसमें डांगरडीह, बांधगोड़ा, हांसाडूंगरी, केन्दडीह और कालियाडूंगरी गांव शामिल थे। 1995 की वोटर लिस्ट में यहां मांझी, टुडू, महतो, मंडल, कुंभकार सहित केवल आदिवासी–मूलवासी समुदाय के ही मतदाता दर्ज थे। लेकिन वर्तमान में स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।

पीड़ित समुदाय का कहना है कि आज कपाली में उनके मात्र डेढ़ से दो हजार वोटर बचे हैं, जबकि एक विशेष समुदाय के 35,000 से अधिक वोटर दर्ज हो चुके हैं। उनका आरोप है कि सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर उनकी जमीन पर अवैध कब्जा किया गया और उन्हें जबरन विस्थापित किया गया, जबकि उनके पास खतियान और सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कई पुराने टोले सरकारी रिकॉर्ड से गायब कर दिए गए हैं, जो बिना प्रशासनिक संरक्षण के संभव नहीं है।

उन्होंने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले में तत्काल जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि कोई कदम नहीं उठाया गया, तो वे जनता दरबार आयोजित कर सभी जमीन से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करेंगे और आगे की आंदोलन रणनीति तय करेंगे।

नई दिल्ली में कांग्रेस की ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ रैली का व्यापक असर होगा: प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश

नई दिल्ली में कांग्रेस की ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ रैली का व्यापक असर होगा: प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश

रांची : कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा है कि 14 दिसंबर को नई दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ रैली देशभर में व्यापक असर डालेगी। उन्होंने बताया कि यह रैली न केवल जनता को जागरूक करेगी, बल्कि चुनाव आयोग की भारतीय जनता पार्टी के साथ कथित संलिप्तता को लेकर लोगों को सचेत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कमलेश ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए कांग्रेस का यह प्रयास बेहद अहम है और इसकी सफलता तय है। इस आयोजन को आने वाले वर्षों तक याद रखा जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट चोरी मामले में अब सभी तथ्य सामने आ चुके हैं, जो बताते हैं कि किस प्रकार सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर असर डाला जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि गंभीर आरोपों के बावजूद चुनाव आयोग निष्पक्ष जांच के प्रति संवेदनशीलता नहीं दिखा रहा है, जबकि सरकार आयोग के उस रवैये का बचाव कर रही है जिसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया जा रहा है।

इसी बीच, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश शुक्रवार सुबह पार्टी के कई पदाधिकारियों के साथ भगवान बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से नई दिल्ली रवाना हुए। रवाना होने वालों में सौरभ अग्रवाल, कुमार राजा, त्रिशानु राय, लाल किशोर नाथ शहदेव, आलोक दुबे, राज बागची, आफताब आलम, डॉ. राजेश गुप्ता, हारुन अंसारी, संजय कुमार, ईश्वर आनंद और रबिन्द्र झा शामिल थे।

महिला (SC/ST) छात्रावासों पर निजी कब्जा व जी.सी. जैन कॉमर्स कॉलेज के सरकारी भवनों के दुरुपयोग पर धी. रमहरि पेरियार की कड़ी आपत्ति, 72 घंटे में कार्रवाई की अल्टीमेटम

महिला (SC/ST) छात्रावासों पर निजी कब्जा व जी.सी. जैन कॉमर्स कॉलेज के सरकारी भवनों के दुरुपयोग पर धी. रमहरि पेरियार की कड़ी आपत्ति, 72 घंटे में कार्रवाई की अल्टीमेटम

चाईबासा : एंटी करप्शन ऑफ इंडिया, झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष धी. रमहरि पेरियार ने उपायुक्त, पश्चिम सिंहभूम को सौंपे गए ज्ञापन में जिले के दो गंभीर एवं अत्यंत चिंताजनक मामलों पर कड़ा विरोध दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि सरकारी संपत्ति पर निजी कब्जा, छात्राओं के आवास का व्यावसायीकरण तथा कॉलेज की इमारत को निजी उपयोग में देना—किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है और यह सीधे-सीधे छात्रों के संवैधानिक अधिकारों पर हमला है।

1. SC/ST छात्रावासों पर निजी कब्जा : छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों पर सीधा आघात SC/ST छात्राओं के लिए निर्मित छात्रावासों को निजी व्यक्तियों/संस्थाओं द्वारा स्किल डेवलपमेंट सेंटर के रूप में कब्जा कर लिया गया है।
यह स्थिति अनुच्छेद 14, 15(4), 21 और 21A के स्पष्ट उल्लंघन के साथ-साथ सरकारी धन, सार्वजनिक संपत्ति एवं छात्राओं की सुरक्षा—तीनों के साथ खिलवाड़ है।

एंटी करप्शन ऑफ इंडिया ने इसे प्रशासनिक लापरवाही, मिलीभगत और गहरी पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का परिणाम बताया है।
         सरकारी छात्रावास को निजी व्यावसायिक केंद्र में बदल देना, शासन-प्रणाली की असफलता का जीवंत उदाहरण है।

2. जी.सी. जैन कॉमर्स कॉलेज : जर्जर भवन में कक्षाएँ, नया भवन निजी संस्थान को सौंपे जाने का गंभीर आरोप कॉलेज का पुराना भवन गंभीर रूप से जर्जर और खतरनाक घोषित होने योग्य है, फिर भी छात्र-छात्राएँ उसी में अध्ययन को मजबूर हैं।
दूसरी ओर सरकारी धन से निर्मित नई और सुरक्षित इमारत को एक निजी स्किल डेवलपमेंट संस्था को उपयोग हेतु दिए जाने का आरोप सामने आया है।

यह कार्रवाई UGC मानकों, राज्य सरकार/शिक्षा विभाग के नियमों, तथा पब्लिक प्रॉपर्टी उपयोग संबंधी कानूनों, का खुला उल्लंघन है।

*संगठन की 6 प्रमुख माँगें 72 घंटे की समयसीमा*

धी. रमहरि पेरियार ने उपायुक्त को लिखित रूप से निम्नलिखित माँगें रखी हैं :

1. SC/ST छात्रावासों और कॉमर्स कॉलेज के नए भवन से 72 घंटे के भीतर सभी निजी कब्जों को हटाया जाए।

2. कॉलेज की नई इमारत को तत्काल शिक्षण कार्य हेतु बहाल किया जाए।

3. पूरे प्रकरण की स्वतंत्र, निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच गठित की जाए।

4. जर्जर भवन की तकनीकी/सिविल सुरक्षा जाँच कर उसे सुरक्षित बनाया जाए या अस्थायी रूप से बंद किया जाए।

5. जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

6. भविष्य में सरकारी सम्पत्ति के दुरुपयोग को रोकने हेतु कठोर नीति और निगरानी तंत्र लागू किया जाए।

यह किसी व्यक्ति का विवाद नहीं, यह हमारी बेटियों की सुरक्षा और विद्यार्थियों के भविष्य का प्रश्न है।

धी. पेरियार ने कहा कि सरकारी धन से बने छात्रावासों और कॉलेज भवनों को निजी संस्थाओं को सौंपना केवल भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य से विश्वासघात है। हम उम्मीद करते हैं कि जिला प्रशासन संविधान और कानून के दायरे में तुरंत, कठोर और निष्पक्ष कार्रवाई करेगा।