राजनीति

झामुमो पश्चिमी सिंहभूम की जिला बैठक 1 फरवरी को

झामुमो पश्चिमी सिंहभूम की जिला बैठक 1 फरवरी को

चाईबासा : झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) पश्चिमी सिंहभूम जिला समिति की बैठक 1 फरवरी 2026, रविवार को सुबह 11 बजे सन साइन रेस्टोरेंट हॉल में आयोजित की जाएगी।
जिला सचिव राहुल आदित्य ने बताया कि यह बैठक केंद्रीय समिति के निर्देश और जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम के आदेशानुसार बुलाई गई है। बैठक में केंद्रीय समिति के पदाधिकारी, जिला समिति के पदाधिकारी, सभी जिला स्तरीय संगठनों के अध्यक्ष व सचिव, साथ ही चक्रधरपुर और चाईबासा नगर समिति के अध्यक्ष व सचिवों की उपस्थिति अनिवार्य है।
बैठक के प्रमुख एजेंडा में सदस्यता अभियान, BLA-2 पर विचार-विमर्श और जिले के दो नगर निकाय चुनावों पर चर्चा शामिल है। जिला समिति ने सभी पदाधिकारियों से समय पर उपस्थित होकर सक्रिय भागीदारी की अपील की है।

चांडिल क्षेत्र में अवैध खनन और बालू भंडारण पर जिला खनन विभाग ने छापा मारा

चांडिल क्षेत्र में अवैध खनन और बालू भंडारण पर जिला खनन विभाग ने छापा मारा

सराइकेला : उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह के निर्देश पर आज 28 जनवरी 2026 को जिला खनन पदाधिकारी श्री ज्योति शंकर सतपथी के नेतृत्व में चांडिल अनुमंडल में अवैध बालू खनन, भंडारण और परिवहन के खिलाफ औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया।
निरीक्षण के दौरान तिरुलडीह थाना क्षेत्र के मौजा–सपादा और सिरकाडीह में लगभग 1,10,000 घनफीट अवैध बालू जब्त किया गया। वहीं, इसी क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन के लिए इस्तेमाल की जा रही एक जेसीबी मशीन को भी जब्त कर तिरुलडीह थाना को सुपुर्द किया गया।
ईचागढ़ थाना क्षेत्र के मौजा–सोड़ो जारगोडीह में लगभग 45,000 घनफीट अवैध बालू जब्त किया गया। जब्त बालू की ई-नीलामी जल्द की जाएगी।
इसके अतिरिक्त, नीमडीह थाना क्षेत्र के मौजा–झीमडी में लाल टुंगरी (एकलव्य विद्यालय परिसर) में लौह अयस्क के अवैध उत्खनन के तीन बड़े गड्ढे पाए गए। इसके संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह ने स्पष्ट कहा कि जिले में किसी भी प्रकार के अवैध खनन, भंडारण या परिवहन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मानगो नगर निगम चुनाव: वार्ड 09 से विजय सोय को मिला सामाजिक संगठनों व नेताओं का समर्थन

मानगो नगर निगम चुनाव: वार्ड 09 से विजय सोय को मिला सामाजिक संगठनों व नेताओं का समर्थन

जमशेदपुर : मानगो नगर निगम चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में वार्ड संख्या 09 से प्रत्याशी विजय सोय के समर्थन में कई सामाजिक संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता सामने आए हैं। समर्थन की घोषणा के बाद क्षेत्र में चुनावी माहौल और अधिक सक्रिय हो गया है।
समर्थन करने वाले संगठनों के प्रतिनिधियों ने बताया कि विजय सोय लंबे समय से सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे हैं और आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास करते रहे हैं। वे निःशुल्क शिविरों के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ते हैं। जरूरत पड़ने पर अस्पताल में इलाज या रक्तदान के लिए भी वे स्वयं आगे बढ़कर मदद करते हैं।
उनके प्रयासों से सैकड़ों लोगों को राशन कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड, ई-श्रम कार्ड, आभा कार्ड, वृद्धा व विधवा पेंशन और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं का लाभ मिला है। इसके साथ ही वे स्वास्थ्य, शिक्षा, खेलकूद और बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, नाली, बिजली और पेयजल से जुड़े मुद्दों पर भी सक्रिय रहे हैं।
सामाजिक संगठनों और नेताओं ने कहा कि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए जमीनी स्तर पर काम करने वाले प्रत्याशी को मौका मिलना चाहिए। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे विजय सोय को समर्थन देकर वार्ड के विकास में भागीदार बनें।

प्रखंड स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता का भव्य समापन, अंकित ब्रदर्स बनी विजेता

प्रखंड स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता का भव्य समापन, अंकित ब्रदर्स बनी विजेता

चाईबासा : युवाओं में खेल भावना को बढ़ावा देने और छिपी प्रतिभाओं को मंच देने के उद्देश्य से पूर्ति स्पोर्टिंग क्लब करलाजुड़ी के तत्वावधान में आयोजित प्रखंड स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता का भव्य समापन हुआ। समापन समारोह में बड़ी संख्या में खेल प्रेमी मौजूद रहे।
समारोह के मुख्य अतिथि झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री सह सरायकेला विधायक चंपई सोरेन ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर खेल भावना की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि खेल से शारीरिक विकास के साथ-साथ अनुशासन, टीमवर्क और नेतृत्व क्षमता का भी विकास होता है। फुटबॉल जैसे खेल ग्रामीण और शहरी प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं।
प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न प्रखंडों से कुल 48 टीमों ने भाग लिया। फाइनल मुकाबले में अंकित ब्रदर्स ने विजेता का खिताब जीता, जबकि नाइट बुलेट की टीम उपविजेता रही। टीएसएनआर एफसी और एक मुंडा फुटबॉल टीम ने भी बेहतर प्रदर्शन किया। वहीं सांख्य-16 वर्ग में बीएफए और दक्षिण कोल्हान बड़ा गुइरा की टीमों ने उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा, जिला परिषद सदस्य लालमुनी पूर्ति, भाजपा एसटी मोर्चा जिला उपाध्यक्ष रानी बंदिया सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आयोजन को सफल बनाने में पूर्ति स्पोर्टिंग क्लब के पदाधिकारियों, सदस्यों और स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

सरायकेला: नगरपालिका आम निर्वाचन–2026 की तैयारियों को लेकर प्रेस वार्ता

सरायकेला: नगरपालिका आम निर्वाचन–2026 की तैयारियों को लेकर प्रेस वार्ता

सरायकेला : नगरपालिका (आम) निर्वाचन–2026 के सफल, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने पुलिस अधीक्षक मुकेश लुनायत की उपस्थिति में समाहरणालय सभागार में प्रेस वार्ता की।
उपायुक्त ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग, झारखण्ड के प्रेस नोट संख्या 187 (दिनांक 27 जनवरी 2026) के अनुसार जिले के नगर निकाय क्षेत्रों में नगरपालिका आम निर्वाचन–2026 कराया जाएगा। निर्वाचन की घोषणा के साथ ही आदित्यपुर नगर निगम, कपाली नगर परिषद और सरायकेला नगर पंचायत क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। सभी राजनीतिक दलों, प्रत्याशियों और संबंधित व्यक्तियों को इसका अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। बिना अनुमति सभा, जुलूस या लाउडस्पीकर के उपयोग पर कार्रवाई की जाएगी। आचार संहिता या निर्वाचन नियमों के उल्लंघन पर विधिसम्मत कार्रवाई होगी।
उपायुक्त ने नगर निकाय क्षेत्रों के मतदाताओं से निर्भीक होकर मतदान करने और लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।
पुलिस अधीक्षक मुकेश लुनायत ने कहा कि शांतिपूर्ण और भयमुक्त निर्वाचन कराना पुलिस प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अति-संवेदनशील और संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। अवैध शराब, नकद वितरण और हथियारों के प्रदर्शन पर रोक के लिए विशेष टीम और फ्लाइंग स्क्वॉड का गठन किया गया है। सोशल मीडिया पर भ्रामक और नफरत फैलाने वाली सामग्री पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। लाइसेंसी हथियार धारकों को निर्धारित समय सीमा में अपने हथियार संबंधित थाना में जमा करने का निर्देश दिया गया है।
मतदान केंद्रों का विवरण
आदित्यपुर नगर निगम: 35 वार्ड, 136 मतदान केंद्र
कपाली नगर परिषद: 21 वार्ड, 31 मतदान केंद्र
सरायकेला नगर पंचायत: 11 वार्ड, 13 मतदान केंद्र
मतदाताओं का विवरण
आदित्यपुर नगर निगम: कुल 1,39,889 मतदाता
कपाली नगर परिषद: कुल 33,766 मतदाता
सरायकेला नगर पंचायत: कुल 10,762 मतदाता
निर्वाचन कार्यक्रम
निर्वाचन की सूचना प्रकाशन: 28 जनवरी 2026
नाम निर्देशन पत्र दाखिल: 29 जनवरी से 4 फरवरी 2026
नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा: 5 फरवरी 2026
अभ्यर्थिता वापस लेने की अंतिम तिथि: 6 फरवरी 2026
निर्वाचन प्रतीक आवंटन: 7 फरवरी 2026
मतदान: 23 फरवरी 2026 (सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक)
मतगणना: 27 फरवरी 2026 (सुबह 8 बजे से)
निर्वाचन से संबंधित अद्यतन जानकारी जिले की आधिकारिक वेबसाइट seraikela.nic.in पर उपलब्ध रहेगी।
प्रेस वार्ता में उप विकास आयुक्त रीना हांसदा, उप निर्वाचन पदाधिकारी सुरेन्द्र उरांव, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सहित प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

नगर पालिका चुनाव–2026 को लेकर उपायुक्त चंदन कुमार की अध्यक्षता में कोषांगों के साथ समीक्षा बैठक

नगर पालिका चुनाव–2026 को लेकर उपायुक्त चंदन कुमार की अध्यक्षता में कोषांगों के साथ समीक्षा बैठक

चाईबासा : जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका) सह उपायुक्त श्री चंदन कुमार की अध्यक्षता में नगर पालिका चुनाव–2026 के सफल एवं सुचारु आयोजन को लेकर सभी गठित कोषांगों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में उपायुक्त ने सभी कोषांगों के नोडल पदाधिकारियों से अब तक की तैयारियों की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कोषांगों द्वारा अपने-अपने दायित्वों के तहत किए गए कार्यों और प्रगति की भी समीक्षा की गई।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी कोषांगों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध ढंग से कार्य करने का निर्देश दिया, ताकि नगर पालिका चुनाव–2026 को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया जा सके।

बैठक में सभी कोषांगों के नोडल, प्रभारी पदाधिकारी एवं संबंधित कर्मी उपस्थित रहे।

नगर निकाय चुनाव 2026: चाईबासा नगर परिषद से भाजपा टिकट के लिए रोहित दास ने किया आवेदन

नगर निकाय चुनाव 2026: चाईबासा नगर परिषद से भाजपा टिकट के लिए रोहित दास ने किया आवेदन

चाईबासा : झारखंड नगर निकाय चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। चाईबासा नगर परिषद क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार बनने की इच्छा जताते हुए युवा कार्यकर्ता एवं कॉमर्स कॉलेज के पूर्व छात्र नेता रोहित दास ने भाजपा जिला अध्यक्ष गीता बालमुचू को अपना आवेदन सौंपा।
इस मौके पर रोहित दास ने कहा कि वे लंबे समय से पार्टी संगठन से जुड़े हैं और यदि उन्हें अवसर मिलता है तो वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जनता की सेवा करेंगे।
उल्लेखनीय है कि रोहित दास अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में नगर मंत्री रह चुके हैं और वर्तमान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सक्रिय स्वयंसेवक हैं।

चक्रधरपुर में VB-GRAMG के तहत जिला स्तरीय कार्यशाला, पूर्व सांसद गीता कोड़ा हुईं शामिल

चक्रधरपुर में VB-GRAMG के तहत जिला स्तरीय कार्यशाला, पूर्व सांसद गीता कोड़ा हुईं शामिल

पश्चिम सिंहभूम : चक्रधरपुर में विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन की गारंटी (ग्रामीण) VB-GRAMG के तहत एक जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में पूर्व सांसद श्रीमती गीता कोड़ा शामिल हुईं। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व मंत्री श्री सुदर्शन भगत उपस्थित रहे।

इस अवसर पर श्री दीपक पासवान, शशिभूषण सामड, गुरुचरण नायक, अशोक षाडंगी, सुरेश साव, मालती गिलुवा, तीरथ जामुदा, अनिमा मिंज, डारे बोदरा, बहनु तिर्की, अनूप दूबे, सुशांत कुमार मंडल, दुर्योधन प्रधान, सरना बोयपाई सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का भयंकर विमान हादसे में निधन

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का भयंकर विमान हादसे में निधन

मुम्बई : महाराष्ट्र के बारामती (पुणे जिला) में 28 जनवरी 2026 की सुबह एक चार्टर्ड Learjet 45 विमान (VT-SSK) लैंडिंग के दौरान क्रैश-लैंड हुआ, जिससे विमान में सवार अजित पवार सहित सभी लोग की मौत हो गई है। विमान मुंबई से बारामती के लिए जा रहा था। हादसा सुबह लगभग 8:48 बजे हुआ जब विमान रनवे के समीप क्रैश-लैंड करते ही आग में जल गया।
इस दुर्घटना में अजित पवार के अलावा उनके पर्सनल सिक्योरिटी अधिकारी, अन्य सहयोगी और विमान के दो क्रू सदस्यों सहित कुल 5 लोग मारे गए। विमान में सवार किसी भी व्यक्ति के बचने की सूचना नहीं है, और दुर्घटना के कारणों की जांच जारी है।
अजित पवार महाराष्ट्र के एक वरिष्ठ और प्रभावशाली राजनीति नेता थे, जिन्होंने राज्य प्रशासन और चुनावी राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस हादसे की खबर मिलते ही राजनीतिक और सामाजिक नेता शोक व्यक्त कर रहे हैं और पूरे महाराष्ट्र में भारी क्षोभ का माहौल है।
यह जानकारी विश्वसनीय अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय समाचार स्रोतों पर आधारित है।

UGC के नई नियमावली जारी, मनुवादियों का विरोध; अभियान के स्टूडेंट्स विंग का समर्थन—29 जनवरी को धरना-प्रदर्शन।

UGC के नई नियमावली जारी, मनुवादियों का विरोध; अभियान के स्टूडेंट्स विंग का समर्थन—29 जनवरी को धरना-प्रदर्शन।

चाईबासा। 13 जनवरी 2026 को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा एक महत्वपूर्ण नियमावली जारी की गई, जिसका उद्देश्य विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के साथ जाति, धर्म, लिंग और क्षेत्र के आधार पर हो रहे अन्याय, उत्पीड़न और भेदभाव को रोकना है। यह नियमावली भारतीय संविधान में निहित समानता, गरिमा और सामाजिक न्याय के मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक आवश्यक कदम है।

लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण तथ्य यह है कि इस नियमावली के जारी होते ही तथाकथित कुछ वर्गों द्वारा इसका विरोध किया जाने लगा। यह विरोध केवल एक प्रशासनिक असहमति नहीं है, बल्कि यह मनुवादी, ब्राह्मणवादी और ऊँच-नीच पर आधारित उस रुग्ण मानसिकता को उजागर करता है, जो आज भी बहुजन समाज के विद्यार्थियों को समान अवसर मिलने से रोकना चाहती है।

इस विरोध का सीधा अर्थ यही निकाला जा सकता है कि हजारों वर्षों से चली आ रही जातिगत वर्चस्व की मानसिकता को आज भी बहुजन समाज के विद्यार्थियों पर थोपा जा रहा है। विश्वविद्यालय, महाविद्यालय और अन्य पावर सेंटरों से दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को दूर रखने की एक सुनियोजित कोशिश लगातार जारी है।

यदि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के पिछले पाँच वर्षों के आंकड़ों पर नज़र डालें, तो यह स्पष्ट होता है कि जातीय भेदभाव के मामलों में लगभग 118% की वृद्धि हुई है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि हाल के वर्षों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के साथ विश्वविद्यालयों में भेदभाव और उत्पीड़न बढ़ा है, न कि घटा है।

आज भी समाज का एक वर्ग अपनी वर्चस्ववादी सोच के तहत दबे-कुचले समुदायों के लोगों के साथ अमानवीय व्यवहार करता है। वे नहीं चाहते कि पिछड़े वर्गों के लोग उच्च पदों पर पहुँचें, निर्णय-निर्माण की प्रक्रिया में भाग लें और देश व समाज की सेवा करें। यही कारण है कि देश के केंद्रीय विश्वविद्यालयों में आज भी प्रतिनिधित्व की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है—

अनुसूचित जनजाति के लगभग 83%,

अनुसूचित जाति के लगभग 64%,

और अन्य पिछड़ा वर्ग के लगभग 80%

असिस्टेंट प्रोफेसर के पद खाली पड़े हैं।

ऐसी परिस्थितियों में सामाजिक न्याय और समान अवसर की बात किस आधार पर की जा सकती है? जहाँ दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्गों का प्रतिनिधित्व नाममात्र का हो, वहाँ वे वर्चस्ववादी समाज के सामने अपनी बात मजबूती से कैसे रख सकते हैं?

विगत वर्षों में अनेक ऐसे मामले सामने आए हैं, जहाँ विश्वविद्यालयों में दलित, पिछड़े और आदिवासी विद्यार्थियों को जाति, धर्म और क्षेत्र के आधार पर इतना प्रताड़ित किया गया कि कई विद्यार्थियों ने आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठा लिया। यह हमारे शैक्षणिक तंत्र और सामाजिक संवेदनशीलता पर एक गहरा प्रश्नचिह्न है।

ऐसी स्थिति में यदि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग उत्पीड़न और भेदभाव को रोकने के लिए नियमावली बनाता है, तो उसका विरोध करना वास्तव में अमानवीय व्यवहार को जायज ठहराने जैसा है। सवाल यह है कि वे कौन लोग हैं, जो आज भी जानवरों जैसा व्यवहार इंसानों के साथ करने को सही ठहराना चाहते हैं?

यह नियमावली किसी के अधिकार छीनने का प्रयास नहीं है, बल्कि यह उन विद्यार्थियों को सुरक्षा और सम्मान देने की कोशिश है, जिन्हें सदियों से वंचित रखा गया है। यदि हमें एक सच्चे लोकतांत्रिक और संवैधानिक गणराज्य का निर्माण करना है, तो ऐसी प्रगतिशील पहलों का समर्थन करना ही होगा—विरोध नहीं।