राजनीति

जगन्नाथपुर में 200 केवीए ट्रांसफार्मर बदला गया, बिजली बहाल

जगन्नाथपुर में 200 केवीए ट्रांसफार्मर बदला गया, बिजली बहाल

चाईबासा : जगन्नाथपुर स्थित राजकीय रस्सैल उच्च विद्यालय (+2) के सामने लगे 200 केवीए ट्रांसफार्मर के खराब होने की सूचना माननीय विधायक श्री सोनाराम सिंकु को दी गई। विधायक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को तत्काल नया ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इसके बाद 24 घंटे के भीतर खराब ट्रांसफार्मर के स्थान पर नया 200 केवीए ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिया गया।

बिजली बहाल होने से मेन मार्केट के दुकानदारों और स्थानीय निवासियों को राहत मिली है। ट्रांसफार्मर बदलने पर बाजार क्षेत्र में खुशी का माहौल है। दुकानदारों और मार्केट वासियों ने त्वरित कार्रवाई के लिए माननीय विधायक के प्रति आभार व्यक्त किया है।

चाईबासा, चक्रधरपुर में अपराध का खुला खेल अवैध लॉटरी, ब्राउन शुगर और संगठित गिरोह के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग

चाईबासा, चक्रधरपुर में अपराध का खुला खेल अवैध लॉटरी, ब्राउन शुगर और संगठित गिरोह के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग

चाईबासा : चाईबासा, चक्रधरपुर जिले में अवैध लॉटरी, ब्राउन शुगर और संगठित अपराध का नेटवर्क खुलेआम फल-फूल रहा है। यह अब केवल अंदेशा नहीं, बल्कि खुला अपराध है, जिसकी सूचना ट्विटर के माध्यम से @JharkhandPolice, @ChaibasaPolice और @DC_Chaibasa को औपचारिक रूप से दी जा चुकी है।
जानकारी के अनुसार इस काले नेटवर्क के मुख्य चेहरे हैं, राकेश जायसवाल, एमडी अल्ताफ, एमडी वसीम और बच्चा बंगाली। इन्हीं के इशारे पर लॉटरी की सप्लाई, नशे का धंधा और अवैध वसूली का संगठित खेल चल रहा है। इसका सीधा असर गरीबों की मेहनत की कमाई, युवाओं के भविष्य और जिले की कानून-व्यवस्था पर पड़ रहा है।
यह स्थिति न केवल प्रशासनिक विफलता को उजागर करती है, बल्कि समाज को नैतिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से भी गहरे संकट में धकेल रही है।
   एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के झारखंड प्रदेश के अध्यक्ष धी. रामहरि पेरियार ने ट्वीट कर इस पूरे अपराध नेटवर्क को उजागर किया है और प्रशासन से मांग की है कि इस गिरोह के विरुद्ध तत्काल, निष्पक्ष और कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि जिले में कानून का राज कायम हो सके और माफिया राज का अंत हो। अब सवाल यह है, कानून चलेगा या अपराधियों का राज?

डॉ. विजय सिंह गागराई ने रांची में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की

डॉ. विजय सिंह गागराई ने रांची में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की

रांची : भारतीय जनता पार्टी (BJP) झारखंड प्रदेश कार्यालय में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता एवं जनसेवक डॉ. विजय सिंह गागराई ने औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर BJP Jharkhand के प्रदेश अध्यक्ष माननीय श्री आदित्य साहू जी तथा झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री एवं वर्तमान नेता प्रतिपक्ष माननीय श्री बाबूलाल मरांडी जी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

भाजपा की सदस्यता ग्रहण करते हुए डॉ. विजय सिंह गागराई ने कहा कि यह क्षण उनके जीवन का ऐतिहासिक, प्रेरणादायक एवं संकल्पपूर्ण क्षण है। उन्होंने कहा कि झारखंड को सुशासन, विकास और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से उन्होंने भाजपा से जुड़ने का निर्णय लिया है।

डॉ. गागराई ने कहा,

“मेरा दृढ़ विश्वास है कि झारखंड का समग्र विकास ही सशक्त भारत की मजबूत नींव है। जनता की सेवा ही मेरा धर्म है और यही मेरा सर्वोच्च कर्तव्य रहा है।”

उन्होंने आगे कहा कि वे झारखंड की जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने, अपने क्षेत्र चक्रधरपुर सहित पूरे राज्य के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर समर्पित भाव से कार्य करते रहेंगे।

इस अवसर पर पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया और उनके भाजपा परिवार में शामिल होने पर शुभकामनाएँ दीं।

UGC 2026 नियमों को लेकर देशभर में विवाद, लक्ष्मीनारायण मुंडा ने जताई गहरी आपत्ति

UGC 2026 नियमों को लेकर देशभर में विवाद, लक्ष्मीनारायण मुंडा ने जताई गहरी आपत्ति

रांची : भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था में हाल ही में लागू किए गए UGC (University Grants Commission) के “Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026” को लेकर देशभर में बहस तेज हो गई है। सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मीनारायण मुंडा ने इन नियमों पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे केवल शिक्षा सुधार नहीं, बल्कि भारत की सामाजिक एकता और संप्रभुता के लिए खतरा बताया है।
लक्ष्मीनारायण मुंडा का कहना है कि ये नियम सतही तौर पर जाति-आधारित भेदभाव रोकने का दावा करते हैं, लेकिन वास्तव में यह एकतरफा और विभाजनकारी नीति है। उन्होंने आरोप लगाया कि नियमों में भेदभाव की परिभाषा केवल SC, ST और OBC वर्गों तक सीमित रखी गई है, जबकि सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई है। इससे कैंपस में असंतुलन और तनाव बढ़ने की आशंका है।
UGC 2026 के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में इक्विटी कमेटी, इक्विटी एंबेसडर और हेल्पलाइन गठित करने का प्रावधान किया गया है। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि इससे शिक्षा परिसरों में शिकायतों की राजनीति को बढ़ावा मिलेगा और शैक्षणिक माहौल प्रभावित होगा।
गौरतलब है कि इन नियमों को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए। कई छात्र संगठनों ने इसे “कैंपस में अराजकता फैलाने वाला” बताया। 29 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा इन नियमों पर रोक लगाए जाने के बावजूद, राजनीतिक और सामाजिक बहस थमी नहीं है। भाजपा से जुड़े कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं के इस्तीफे भी सामने आए हैं।
लक्ष्मीनारायण मुंडा ने केंद्र की भाजपा सरकार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ का दावा करने वाली सरकार ने इस तरह के नियम क्यों लागू किए। उन्होंने 2019 से चली आ रही जनहित याचिकाओं का हवाला देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की आड़ में सरकार ने ऐसे प्रावधानों को आगे बढ़ाया, जो समाज को बांटने का काम कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि UGC 2026 नियमों को National Education Policy (NEP) 2020, Free Trade Agreement (FTA) और World Economic Forum (WEF) से अलग नहीं देखा जा सकता। उनका दावा है कि भारत-यूरोपीय संघ FTA और विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में कैंपस खोलने की अनुमति से भारतीय शिक्षा व्यवस्था पर वैश्विक नियंत्रण बढ़ेगा।
WEF के साथ स्किल डेवलपमेंट को लेकर हुए समझौतों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि इससे भारत को “ग्लोबल स्किल हब” बनाने के नाम पर युवाओं को सस्ते श्रम के रूप में तैयार किया जा रहा है। उनका आरोप है कि ‘इक्विटी’ के नाम पर छात्रों को आपस में बांटकर वैश्विक पूंजीवाद के हित साधे जा रहे हैं।
मुंडा ने कहा कि यह नीति न तो वास्तविक समानता लाएगी और न ही रोजगार या विकास। बल्कि इससे भारत की शिक्षा, संस्कृति और संप्रभुता कमजोर होगी। उन्होंने छात्रों, युवाओं और नागरिकों से जागरूक होने और सरकार से जवाब मांगने की अपील की।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या देश वैश्विक पूंजीवाद की गुलामी की ओर बढ़ रहा है और क्या भारत को एक “वैश्विक कॉलोनी” में बदला जा रहा है। उनके अनुसार अब समय आ गया है कि इस पूरी नीति और इसके पीछे के एजेंडे को सार्वजनिक बहस में लाया जाए।

भरडीहा में खेलकूद प्रतियोगिता का समापन, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास रहे मुख्य अतिथि

भरडीहा में खेलकूद प्रतियोगिता का समापन, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास रहे मुख्य अतिथि

चक्रधरपुर : पश्चिमी सिंहभूम जिला के गोइलकेरा प्रखंड के भरडीहा गांव में प्रगति स्पोर्ट्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित दो दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता का गुरुवार को समापन हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास थे। उन्होंने फीता काटकर प्रतियोगिता का उद्घाटन किया और विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया।
इस दौरान रघुवर दास ने कहा कि गांव-घर में खेलकूद आयोजनों से समाज मजबूत होता है और बच्चों व युवाओं को खेलों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। उन्होंने भरडीहा में आयोजित चौपाल कार्यक्रम में भी भाग लिया और राज्य सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने मंईयां सम्मान योजना में लाभुक महिलाओं की संख्या में कटौती का जिक्र किया और कहा कि सरकार की नीतियों का असर आगामी चुनावों में देखने को मिलेगा।
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी की समस्या भी उठाई। उन्होंने बताया कि सरकारी डॉक्टर नियमित रूप से नहीं आते और गंभीर स्थिति में उन्हें करीब 20 किलोमीटर दूर गोइलकेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाना पड़ता है।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक गुरुचरण नायक, भाजपा जिला उपाध्यक्ष किशोर डागा, जिला मंत्री सुशीला टोप्पो, आजसू केंद्रीय सदस्य बिरसा मुंडा, जिला परिषद सदस्य शिव रतन नायक, केदार नायक सहित कई समिति सदस्य और ग्रामीण उपस्थित थे।

चाईबासा में भाजपा का जिला सम्मेलन आयोजित

चाईबासा में भाजपा का जिला सम्मेलन आयोजित

पश्चिम सिंहभूम : चाईबासा स्थित बासा बासाटोंटो के बलिस ब्यनकेट हॉल में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी, पश्चिम सिंहभूम जिला की ओर से “विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) VB-G RAM G” का जिला सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय जनजातीय मंत्री अर्जुन मुंडा मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। उनके आगमन पर जिला अध्यक्ष गीता बालमुचू सहित पार्टी कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और स्थानीय रीति-रिवाज के साथ स्वागत किया।
अपने संबोधन में अर्जुन मुंडा ने पश्चिम सिंहभूम जिले में पहली बार एक आदिवासी महिला के जिला अध्यक्ष बनने पर गीता बालमुचू को शुभकामनाएं दीं और सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च पद राष्ट्रपति पर आदिवासी महिला द्रौपदी मुर्मू के आसीन होने से आदिवासी समाज का सम्मान बढ़ा है और महिला सशक्तिकरण को मजबूती मिली है।
उन्होंने कहा कि कोल्हान क्षेत्र में चाईबासा जिले का विशेष महत्व है और सम्मेलन में कार्यकर्ताओं की बड़ी उपस्थिति यह दर्शाती है कि लोग VB-G RAM G योजना के बारे में जानना चाहते हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर योजना की जानकारी देने और यह बताने की अपील की कि इसमें मजदूरी राशि की हेराफेरी की कोई संभावना नहीं है।
अर्जुन मुंडा ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कोल्हान क्षेत्र में विल्किन्सन रूल और छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने मानकी व्यवस्था, पेशा कानून और कोल्हान सुपरिटेंडेंट के पद पर स्थायी नियुक्ति नहीं होने को लेकर भी सरकार की आलोचना की।
सम्मेलन में अनूप कुमार सुल्तानिया, सतीश पूरी, मनीष राम, राकेश बबलू शर्मा, हर्ष रवानी, चंदन झा, हेमंत कुमार केशरी, दिलीप अग्रवाल, अनंत शयनम, शुशीला पूर्ति, रूपा सिंह दास, मृदुला निषाद, संगीता नायक, ब्रजमोहन चातोम्बा, बेबी मित्रा, उषा सिंकू, रानी तिरिया, शुशीला नायक, खुशबू हेम्ब्रम, नितम गागराई, सुकमती बिरुवा, सुदामा हाइबुरु, चंद्रमोहन गोप, चैतन्य गोप, धीरज सिंह, राय भूमिज, शंभू हाजरा, अजित सिंह, संजय अखाड़ा, धुनिया कुम्हार, सुकलाल कुंकल, अर्जुन सरदार, पीतांबर रावत, रामेश्वर सिंकू, सिद्धार्थ गोप, जोगेश्वर गोप सहित हजारों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

समाहरणालय में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित

समाहरणालय में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित

सरायकेला : समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, संकुल और प्रखंड संसाधन व्यक्ति सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
उपायुक्त ने विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, विद्यार्थियों की कक्षा उपस्थिति बढ़ाने, आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मकता मिशन के लक्ष्य प्राप्त करने, तथा शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और समयबद्ध अध्यापन पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि लगातार अनुपस्थित शिक्षकों और कर्मियों की सूची तैयार कर उनके खिलाफ निलंबन या बर्खास्तगी की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
साथ ही, उन्होंने विद्यालयों में स्वास्थ्य जांच शिविर, कम उपस्थिति वाले विद्यालयों में अभिभावकों और ग्रामीणों को जागरूक करने, स्थानीय पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और पंचायत प्रतिनिधियों से सहयोग लेने, और छूटी हुई किशोरियों को सवित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना से जोड़ने के लिए आवेदन शीघ्र विभाग को भेजने के निर्देश दिए।

कुमारडुंगी में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बड़कुंवर गागराई की चाय पर चर्चा

कुमारडुंगी में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बड़कुंवर गागराई की चाय पर चर्चा

कुमारडुंगी : कुमारडुंगी में भाजपा झारखंड प्रदेश उपाध्यक्ष सह झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई ने आज भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ चाय पर चर्चा कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर नवनिर्वाचित सभी मंडल अध्यक्ष भी उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को मजबूत करना, कार्यकर्ताओं में एकजुटता बनाए रखना तथा केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा करना था।
इस मौके पर बड़कुंवर गागराई ने कहा कि भाजपा एक राष्ट्र को समर्पित पार्टी है और आज विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन चुकी है। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती के लिए अनुशासन और एकजुटता आवश्यक है तथा सभी कार्यकर्ताओं को मिलकर काम करना चाहिए।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश ने हर क्षेत्र में प्रगति की है। चाहे रक्षा, मेक इन इंडिया, कृषि, खेल या अन्य क्षेत्र हों, भारत ने उल्लेखनीय विकास किया है। आज भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत पहचान बना चुका है और प्रधानमंत्री को विभिन्न देशों द्वारा दिए गए सर्वोच्च नागरिक सम्मान इसका प्रमाण हैं।
अंत में बड़कुंवर गागराई ने नवनिर्वाचित मंडल अध्यक्षों को शुभकामनाएं दीं और उनसे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर संगठन को मजबूत करने तथा जनता से सीधा जुड़ने की अपील की।

सिद्धार्थ होनहोगा ने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और झारखंड सरकार पर साधा निशाना

सिद्धार्थ होनहोगा ने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और झारखंड सरकार पर साधा निशाना

पश्चिम सिंहभूम : खुंटपानी प्रखंड अंतर्गत जोंकोंशासन गांव की गर्भवती महिला मीना जोंकों (35 वर्ष) के इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप सामने आया है। महिला ने चाईबासा सदर अस्पताल में मृत शिशु को जन्म दिया, जिसके बाद उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
जानकारी के अनुसार, मीना जोंकों को दो दिन पहले चाईबासा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्थिति गंभीर होने पर 26 जनवरी 2026 को उसे जमशेदपुर स्थित एमजीएम अस्पताल रेफर किया गया। आरोप है कि एमजीएम अस्पताल में भी महिला को समुचित इलाज और आवश्यक चिकित्सकीय सुविधा नहीं मिली, जिसके बाद परिजनों को उसे रांची स्थित रिम्स ले जाने की सलाह दी गई।
इस पूरे मामले को लेकर सिद्धार्थ होनहोगा ने झारखंड सरकार और स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में दूर-दराज के इलाकों से आने वाले मरीजों को बार-बार रेफर करना आम बात हो गई है, जिससे कई बार मरीजों की जान खतरे में पड़ जाती है।
उन्होंने यह भी कहा कि खनिज संपदा से समृद्ध पश्चिम सिंहभूम जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है। सिद्धार्थ होनहोगा ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
फिलहाल मृत शिशु को जन्म देने के बाद महिला जिंदगी और मौत से जूझ रही है, जबकि पीड़ित परिवार गहरे मानसिक तनाव में है।

UGC के नए नियमों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, सामान्य वर्ग के युवाओं में नाराजगी

UGC के नए नियमों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, सामान्य वर्ग के युवाओं में नाराजगी

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों को लेकर सामान्य वर्ग के युवाओं में नाराजगी देखी जा रही है। इन नियमों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है, जिस पर सुनवाई के लिए अदालत तैयार हो गई है। चीफ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की पीठ इस मामले पर आज सुनवाई करेगी।

याचिका में कहा गया है कि नए नियम जातिगत भेदभाव खत्म करने के उद्देश्य से बनाए गए हैं, लेकिन ये सामान्य वर्ग के छात्रों के साथ भेदभाव करते हैं। नियमों में अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए जातिगत भेदभाव की शिकायत की व्यवस्था है, जबकि सामान्य वर्ग के छात्रों को इसमें शामिल नहीं किया गया है। इसके अलावा, याचिका में यह भी कहा गया है कि झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई का प्रावधान इन नियमों में नहीं है।