राजनीति

‘सरकार आपके द्वार’ शिविर पर पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई ने जताई चिंता

‘सरकार आपके द्वार’ शिविर पर पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई ने जताई चिंता

हाटगम्हारिया : भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई ने हाटगम्हारिया प्रखंड के ठक्कर बापा डुमरिया पंचायत भवन में आयोजित ‘सरकार आपके द्वार’ शिविर की कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम वास्तविक जरूरतों को पूरा करने में विफल हो रहा है और केवल दिखावा बनकर रह गया है। उन्होंने इसकी तुलना “सफेद हाथी” से करते हुए कहा कि बड़े दावे तो किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका असर नजर नहीं आता।

गागराई ने बताया कि शिविर में ग्रामीणों की भारी भीड़ इस बात का संकेत है कि शासन-प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों को सही तरीके से निभाने में असफल रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण जनता अब भी आवास, मैया सम्मान योजना जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं से वंचित है। शिविर में न कंबल वितरित किए जा रहे हैं और न ही स्कूल जाने वाले बच्चों को स्वेटर या पोशाक उपलब्ध कराई जा रही है।

पूर्व मंत्री ने कहा कि हेमंत सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘खाना पूर्ति’ और ‘आपके द्वार’ जैसे कार्यक्रम केवल नाम मात्र के रह गए हैं। कई योजनाओं के पोर्टल बंद होने के कारण लाभार्थियों तक सहायता नहीं पहुंच पा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन दोनों ही निष्क्रिय दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने टिप्पणी की— “सरकार कुंभकर्णी निंद्रा में है और प्रशासन के हाथ बंधे हुए हैं।”

गागराई ने स्पष्ट किया कि यह केवल राजनीतिक बयान नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति को दर्शाता है। उन्होंने मांग की कि सरकार तत्काल कार्रवाई कर योजनाओं को सही तरीके से लागू करे ताकि ग्रामीणों को उनका अधिकार मिल सके।

कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों ने भी अपनी समस्याएं सामने रखीं और कहा कि सरकार के दावों और वास्तविक हालात में बड़ा अंतर है। इस मौके पर गागराई ने स्थानीय प्रशासन से अपील की कि सरकारी योजनाओं को गंभीरता से लागू किया जाए और जरूरतमंदों को समय पर सहायता प्रदान की जाए।

सरकारी सेवाओं को गांवों तक पहुंचाने के लिए नलिता, कोलचोकड़ा और केन्दो पंचायत में विशेष शिविर

सरकारी सेवाओं को गांवों तक पहुंचाने के लिए नलिता, कोलचोकड़ा और केन्दो पंचायत में विशेष शिविर

चक्रधरपुर : पश्चिमी सिंहभूम जिले में “आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार” अभियान के अंतर्गत चल रहे “सेवा का अधिकार सप्ताह” के तहत चक्रधरपुर प्रखंड के नलिता, कोलचोकड़ा और केन्दो पंचायत में पंचायत स्तरीय शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में विधायक सुखराम उरांव और उपायुक्त चंदन कुमार शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत दोनों ने संयुक्त रूप से शिविर का उद्घाटन कर की।

इसके बाद अधिकारियों द्वारा झारखंड राज्य सेवा देने की गारंटी अधिनियम-2011 के तहत सूचीबद्ध सेवाओं से संबंधित विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया गया। शिविर में समाज कल्याण विभाग की ओर से गोद भराई एवं अन्नप्राशन योजना के लाभुकों को लाभ प्रदान किया गया। साथ ही स्कूली बच्चों को साइकिल, पठन-पाठन सामग्री एवं डेमो चेक वितरित किए गए।

ग्रामीणों को संबोधित करते हुए विधायक सुखराम उरांव ने कहा कि “सेवा का अधिकार सप्ताह” का उद्देश्य पंचायत स्तर पर लोगों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ सीधे शिविर में उपलब्ध कराना है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे इन शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाएँ।

उपायुक्त चंदन कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम लगातार छठे वर्ष आयोजित किया जा रहा है। इस वर्ष शिविरों में जाति, आवासीय, आय, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, नया राशन कार्ड, दाखिल-खारिज, भूमि मापी, भूमि धारण प्रमाण पत्र तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी सेवाओं से संबंधित आवेदनों को प्राथमिकता से स्वीकार किया जा रहा है और मौके पर ही शिकायतों का समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।

कार्यक्रम में चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी सुश्री श्रुति राजलक्ष्मी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचल अधिकारी भी उपस्थित रहे।

हेमंत सोरेन सरकार की पहली वर्षगांठ पर राज्यस्तरीय समारोह की तैयारी तेज

हेमंत सोरेन सरकार की पहली वर्षगांठ पर राज्यस्तरीय समारोह की तैयारी तेज

रांची : मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने गुरुवार को कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार की पहली वर्षगांठ पर आयोजित होने वाले राज्यस्तरीय समारोह का औपचारिक आमंत्रण पत्र उन्हें सौंपा।

ज्ञात हो कि 28 नवंबर को हेमंत सोरेन सरकार अपने एक वर्ष के कार्यकाल का सफलतापूर्वक समापन कर रही है। इस अवसर पर मोरहाबादी मैदान में दोपहर 12 बजे से भव्य समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता स्वयं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे।

समारोह में राज्य सरकार के सभी मंत्रियों सहित कई प्रमुख गणमान्य अतिथियों के शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मुख्यमंत्री द्वारा करीब 10 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरण होगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे रोजगार के क्षेत्र में एक सकारात्मक संदेश जाएगा और युवाओं में उत्साह भी बढ़ेगा।

बीमार बेटे के इलाज की उम्मीद बने सूरज मंडल — दुलाल मंडल परिवार को मिली आर्थिक सहायता

बीमार बेटे के इलाज की उम्मीद बने सूरज मंडल — दुलाल मंडल परिवार को मिली आर्थिक सहायता

पूर्वी सिंहभूम : पोटका प्रखंड के पुट लुपुंग निवासी दुलाल मंडल के परिवार की दयनीय स्थिति की जानकारी मिलते ही शौर्य यात्रा समिति के सदस्यों एवं समाजसेवियों ने आगे बढ़कर मानवता का परिचय दिया। परिवार आर्थिक संकट की मार झेल रहा था और इलाज के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध न होने के कारण स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी। सूचना मिलते ही समिति के सदस्यों ने पहल की और आम जनता से सहयोग की अपील की।

जिला परिषद सदस्य सूरज मंडल एवं समाजसेवी पलटू मंडल के नेतृत्व में समिति के सदस्यों ने लोगों से सहायता की अपील जारी की। अपील का प्रभाव उल्लेखनीय रहा—क्षेत्र के आम नागरिकों ने अपनी क्षमता के अनुसार योगदान दिया और सामूहिक प्रयासों से ₹52,511 की राशि एकत्रित की गई, जिसे आज समिति के सदस्यों द्वारा दुलाल मंडल के परिवार को सौंपा गया।

दुलाल मंडल स्वयं गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। भावुक होते हुए उन्होंने कहा—
“अगर मेरे पिता ठीक होते, तो मेरा इलाज जरूर करा पाते।”
घर में वृद्ध मां मुकुल मंडल अपने अंधे–बहरे पति और अपाहिज बेटे की सेवा करते–करते पूरी तरह टूट चुकी हैं। घर की आर्थिक स्थिति इस कदर कमजोर है कि इलाज कराने के लिए पैसे तो दूर, बेचने लायक कोई संपत्ति भी नहीं बची है। टूटे मन से मां कहती हैं—
“इलाज के लिए कई जगह हाथ फैलाए, लेकिन लोग भी अब तंग आ गए। हम नहीं जानते आगे कैसे जिएंगे।”

जिस बेटे दुलाल पर परिवार का सहारा टिका था, आज वही दूसरों की मदद का मोहताज हो गया है। मां की आंखें नम हो जाती हैं—
“अगर कोई फरिश्ता मिल जाए जो मेरे बेटे का इलाज करा दे… ताकि वह फिर से खड़ा होकर हमें संभाल सके।”

परिवार ने सरकार, समाजसेवियों और आम जनता से दुलाल मंडल के समुचित इलाज के लिए आर्थिक सहायता की अपील की है, ताकि यह परिवार फिर से स्वावलंबी बन सके और जीवन सामान्य रूप से आगे बढ़ पाए।

इस पुनीत कार्य में सक्रिय योगदान देने वालों में शामिल रहे—
समाजसेवी पलटू मंडल, समिति के घनश्याम मंडल, सूरज मोदक, माना गोप, मलय मंडल, रमेश मोदक, आस्तिक गोप, रंजन दास, तनुज दास एवं देवाशीष गोप।

इन सभी ने मिलकर यह संदेश दिया कि समाज तभी महान बनता है जब लोग दूसरों के दुख में साझेदार बनें।
वास्तव में — “मानव सेवा ही ईश्वर सेवा है।”

संविधान दिवस पर आजाद समाज पार्टी के सदस्यों ने  लिया संविधान की शपथ

संविधान दिवस पर आजाद समाज पार्टी के सदस्यों ने  लिया संविधान की शपथ

पूर्वी सिंहभूम : संविधान दिवस के अवसर पर साकची स्थित फैशन वर्ल्ड में आजाद समाज पार्टी द्वारा संविधान शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत संविधान की प्रस्तावना के पाठ से हुई, जिसके बाद सभी उपस्थित सदस्यों ने न्याय, स्वतंत्रता, समता और बंधुता की मूल भावना को जीवन में उतारने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में संविधान की रक्षा, संवैधानिक मूल्यों को सामाजिक रूप से बढ़ावा देने और भाईचारे को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।

चंद्रशेखर भाई के साथ शपथ लेते हुए सभी सदस्यों ने दोहराया कि संविधान ही सर्वोच्च है और देश का हर नागरिक उसके संरक्षण का जिम्मेदार है। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि अन्याय, भेदभाव और नफरत के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा और देश को संविधान के मार्ग पर आगे बढ़ाया जाएगा।

इस अवसर पर पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष परवेज खालिद, जिला कार्यकारी अध्यक्ष शमीम अकरम, कोल्हान भीम आर्मी 78 एकता मिशन के दिनेश गौतम, सराइकेला जिला अध्यक्ष एजाज अहमद, सराइकेला जिला प्रभारी सनत सिंह सरदार, अनश खान समेत कई लोग उपस्थित थे।
कार्यक्रम में सदस्यों ने एक स्वर में कहा — “संविधान नहीं झुकेगा, और नहीं झुकने देंगे।”

चाईबासा कांग्रेस भवन में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया संविधान दिवस

चाईबासा कांग्रेस भवन में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया संविधान दिवस

चाईबासा : कांग्रेस भवन में बुधवार को कांग्रेसजनों द्वारा संविधान दिवस उत्साहपूर्ण एवं गरिमामयी वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत संविधान निर्माण ड्राफ्टिंग कमिटी के अध्यक्ष भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर और संविधान सभा के सदस्य मरांग गोमके के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने से हुई।

इसके बाद कांग्रेसजनों ने भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पठन गर्व के साथ किया। कार्यक्रम के तहत “संविधान बचाओ” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जो प्रदेश कांग्रेस के निर्देशानुसार आयोजित की गई।

संगोष्ठी में बिहार विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री देवेंद्र नाथ चांपिया ने कहा कि भारतीय संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक आत्मा का प्रतिबिंब है। इसमें समानता, न्याय, स्वतंत्रता और बंधुत्व जैसे मूल्य हर नागरिक को अधिकारों के साथ कर्तव्य भी देते हैं। संविधान की मूल भावना “सबका सम्मान, सबका अधिकार” को जमीन पर लागू करना आज की आवश्यकता है।

राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुनीत शर्मा ने कहा कि भारत का संविधान सामाजिक न्याय का सबसे बड़ा माध्यम है। बाबा साहेब के सपनों के भारत को साकार करने के लिए संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और संवर्धन जरूरी है। संविधान ने हमें गरिमा के साथ जीने का अधिकार दिया है।

कांग्रेस जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने कहा कि संविधान दिवस केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि लोकतांत्रिक पर्व है। कांग्रेस हमेशा संविधान की रक्षा, सामाजिक न्याय और जनाधिकारों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध रही है।

संगोष्ठी में कांग्रेस के अन्य पदाधिकारियों ने भी विचार व्यक्त किए।
मौके पर कांग्रेस जिला महासचिव कैरा बिरुवा, लियोनार्ड बोदरा, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रीतम बांकिरा, नगर अध्यक्ष मो. सलीम, शिक्षा विभाग चेयरमैन पुरुषोत्तम दास पान, जिला सचिव जगदीश सुंडी समेत कई पदाधिकारी उपस्थित थे।

संविधान दिवस पर सामूहिक रूप से पढ़ी गई प्रस्तावना — पश्चिमी सिंहभूम समाहरणालय में अधिकारियों ने दोहराया संकल्प

संविधान दिवस पर सामूहिक रूप से पढ़ी गई प्रस्तावना — पश्चिमी सिंहभूम समाहरणालय में अधिकारियों ने दोहराया संकल्प

पश्चिमी सिंहभूम : संविधान दिवस के अवसर पर मंगलवार को जिला समाहरणालय परिसर के प्रथम तल पर गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से संविधान की प्रस्तावना का पठन किया और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प दोहराया।

कार्यक्रम में अपर उपायुक्त प्रवीन केरकेट्टा, सामान्य शाखा उप-समाहर्ता देवेंद्र कुमार, गोपनीय शाखा प्रभारी कुमार हर्ष, जिला शिक्षा पदाधिकारी टोनी प्रेमराज टोप्पो सहित विभिन्न जिला स्तरीय अधिकारी एवं समाहरणालय के कर्मी उपस्थित रहे।

सभी उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य बनाए रखने का संकल्प लिया। साथ ही उन्होंने सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, समान अवसर और व्यक्ति की गरिमा सुनिश्चित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
राष्ट्र की एकता और अखंडता को मजबूत करने तथा बंधुता को बढ़ावा देने का संकल्प भी इस अवसर पर लिया गया।

जलुगड़ा पहुंचे सांसद कालीचरण मुंडा — स्वतंत्रता के बाद पहली बार किसी सांसद ने लिया गांव का हाल, पूर्व मुखिया से की मुलाकात

जलुगड़ा पहुंचे सांसद कालीचरण मुंडा — स्वतंत्रता के बाद पहली बार किसी सांसद ने लिया गांव का हाल, पूर्व मुखिया से की मुलाकात

खूंटी : अड़की प्रखंड के बोहोण्डा पंचायत अंतर्गत सुदूर जंगलों में बसे जलुगड़ा गांव में खूंटी के सांसद कालीचरण मुंडा पहुंचे। यह गांव जिला मुख्यालय से लगभग 55 किमी दूर है और कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र रहा है। स्वतंत्रता के बाद यह पहला अवसर था जब कोई सांसद इस गांव पहुंचे।

सांसद मुंडा का मुख्य उद्देश्य पूर्व मुखिया मुर्गी मुंडा से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जानना था। वे उनके घर पहुंचे और करीब एक घंटे तक बातचीत की। उल्लेखनीय है कि क्षेत्र के लिए सदैव सक्रिय रहे पूर्व मुखिया मुर्गी मुंडा इन दिनों लकवा ग्रस्त हैं और चलने-फिरने में असमर्थ हैं। बावजूद इसके वे समाज की समस्याओं को लेकर चिंतित रहते हैं। सांसद ने उनके इलाज में हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

सांसद के गांव पहुंचने पर सनिका समद, सुजीत समद, रोतोन समद, कल्याण समद, बिरसा समद, रेला समद सहित कई ग्रामीणों ने स्वागत किया और प्रसन्नता व्यक्त की। ग्रामीणों ने सांसद को गांव की समस्याओं से संबंधित एक आवेदन भी सौंपा।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें :

• पुलिया से स्कूल तक सड़क निर्माण

• बुसुडीह से उपरटोली जलुगड़ा तक सड़क निर्माण

• अखड़ा के पास चबूतरा निर्माण

• उपरटोली जलुगड़ा में जलमीनार की स्थापना

• अधूरे स्कूल भवन का कार्य पूरा करना


सांसद कालीचरण मुंडा ने खूंटी लौटकर संबंधित विभाग के अधिकारियों और अभियंताओं को समस्याओं के जल्द समाधान का निर्देश दिया।

रांची राजभवन में ‘उरांव धर्म एवं प्रथाएं’ पुस्तक का भव्य लोकार्पण – राज्यपाल ने सराहा जनजातीय ज्ञान परंपराओं का संरक्षण

रांची राजभवन में ‘उरांव धर्म एवं प्रथाएं’ पुस्तक का भव्य लोकार्पण – राज्यपाल ने सराहा जनजातीय ज्ञान परंपराओं का संरक्षण

रांची : आज राजभवन में एक भव्य एवं गरिमामय समारोह में प्रसिद्ध मानवशास्त्री शरत चंद्र राय द्वारा लिखित तथा श्री राज रतन सहाय द्वारा हिंदी में अनुवादित पुस्तक ‘उरांव धर्म एवं प्रथाएं’ का औपचारिक लोकार्पण किया गया। समारोह की अध्यक्षता माननीय राज्यपाल श्री संतोष गंगवार ने की।

करीब सौ वर्ष पूर्व लिखी गई यह महत्वपूर्ण पुस्तक उरांव जनजाति की जीवन-पद्धति, धार्मिक आस्थाओं, सामाजिक संरचना और सांस्कृतिक परंपराओं पर आधारित एक विस्तृत एवं शोधसमृद्ध दस्तावेज मानी जाती है। इसके हिंदी रूपांतरण से शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और सामान्य पाठकों के लिए जनजातीय समाज के अध्ययन का एक सुलभ स्रोत उपलब्ध हुआ है।

अपने संबोधन में राज्यपाल श्री संतोष गंगवार ने कहा कि यह पुस्तक केवल एक शोध-ग्रंथ नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध जनजातीय विरासत का आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक परिचय है। उन्होंने अनुवाद की सहज भाषा और स्पष्ट प्रस्तुति की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह कृति मुख्यधारा के पाठकों को उरांव समाज की सोच, जीवन-दृष्टि और सांस्कृतिक धरोहर से परिचित कराती है। साथ ही उन्होंने चेताया कि पारंपरिक ज्ञान-व्यवस्था और सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है, और इस तरह के साहित्यिक प्रयास समाज के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं।

समारोह में उपस्थित पूर्व मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने भी पुस्तक के लोकार्पण पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जनजातीय संस्कृति और परंपराएँ किसी भी राज्य की पहचान व आत्मा होती हैं। अनुवाद कार्य को उन्होंने शब्दों का पुनर्लेखन नहीं, बल्कि भाव, संदर्भ और सांस्कृतिक संवेदनाओं के पुन:संप्रेषण की कला बताया, जो अत्यंत मूल्यवान है।

पुस्तक के अनुवादक श्री राज रतन सहाय ने इसे अपनी सेवा-भावना एवं जनजातीय समाज के प्रति समर्पण का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए स्वयं को नियति का चयनित मानते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले वे शरत चंद्र राय की दो अन्य महत्वपूर्ण पुस्तकों—‘आदिम मुंडा एवं उनका प्रदेश’ और ‘बिरहोर’—का भी सफलतापूर्वक हिंदी अनुवाद कर चुके हैं। उनका उद्देश्य है कि जनजातीय ज्ञान-परंपराएँ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे और शोध के नए आयाम खुलें।

कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं विधायक श्री रामेश्वर उरांव, पूर्व मंत्री एवं जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक श्री सरयू राय, पूर्व सांसद श्री सुदर्शन भगत, झारखंड राय विश्वविद्यालय की कुलपति श्रीमती सविता सेंगर, पूर्व कुलपति डॉ. सत्यनारायण मुंडा, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, सहित अनेक गणमान्य अतिथि, शिक्षाविद, शोधकर्ता, लेखक एवं विभिन्न जनजातीय समुदायों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

ईडी समन अवहेलना मामले में बड़ा मोड़ — हाईकोर्ट ने CM हेमंत सोरेन को दी गई राहत वापस ली, एमपी-एमएलए कोर्ट में सशरीर उपस्थिति अनिवार्य

ईडी समन अवहेलना मामले में बड़ा मोड़ — हाईकोर्ट ने CM हेमंत सोरेन को दी गई राहत वापस ली, एमपी-एमएलए कोर्ट में सशरीर उपस्थिति अनिवार्य

रांची : प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समनों की अवहेलना मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने आज एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दी गई अंतरिम राहत को निरस्त कर दिया। इस फैसले के बाद अब उन्हें एमपी-एमएलए कोर्ट में ट्रायल के दौरान सशरीर उपस्थित होना अनिवार्य होगा।

हाईकोर्ट ने 4 दिसंबर 2024 को अपने अंतरिम आदेश में मुख्यमंत्री की याचिका पर सुनवाई करते हुए एमपी-एमएलए कोर्ट में व्यक्तिगत उपस्थित से राहत दी थी। हालांकि, मौजूदा आदेश के बाद यह राहत खत्म हो गई है। इससे पहले निचली अदालत ने भी व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट देने से साफ इनकार कर दिया था, जिसके खिलाफ मुख्यमंत्री ने हाईकोर्ट की शरण ली थी।

मामले की पृष्ठभूमि

यह पूरा मामला ईडी द्वारा जारी किए गए समनों से जुड़ा है। लैंड स्कैम समेत कई संवेदनशील मामलों में पूछताछ के लिए ईडी ने पहली बार 14 अगस्त 2023 को हेमंत सोरेन को बुलाया था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद लगातार 10 बार समन जारी किए गए, मगर मुख्य मंत्री हर बार गैरहाज़िर रहे। अंततः 10वें समन के बाद उन्होंने पूछताछ के लिए सहमति दी।

इसके बाद ईडी की टीम सीएम हाउस पहुंची और दो दिनों की पूछताछ के बाद 31 जनवरी 2024 को सोरेन को गिरफ्तार कर लिया गया। उनके गिरफ्तार होते ही राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदला। उसी शाम उन्होंने राजभवन जाकर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।
2 फरवरी 2024 को झामुमो विधायक चंपाई सोरेन ने नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।