नई दिल्ली / रांची : भारत सरकार ने 77वें गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर पद्म पुरस्कारों की घोषणा करते हुए झारखंड आंदोलन के प्रणेता और वरिष्ठ आदिवासी नेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित करने का निर्णय लिया है। यह सम्मान उन्हें सार्वजनिक कार्यों तथा लोककल्याण के क्षेत्र में उनके बहुसंख्यक योगदान के लिए प्रदान किया जाएगा।
कश्मीर : जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के भद्रवाह उपमंडल में गुरुवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। भद्रवाह–चंबा अंतरराज्यीय मार्ग पर खन्नी टॉप के पास सेना का एक वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से फिसल गया और लगभग 200 फीट गहरी खाई में जा गिरा।
इस दुर्घटना में 10 जवान बलिदान हो गए, जबकि 7 अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, बुलेटप्रूफ वाहन में कुल 17 जवान सवार थे, जो एक ऊंची सैन्य पोस्ट की ओर जा रहे थे। इसी दौरान चालक के नियंत्रण खो देने से यह हादसा हुआ।
घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रशासन और सेना द्वारा राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया।
रांची : झारखंड के माननीय मुख्यमंत्री के 23 जनवरी को ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी यात्रा और वहां प्रोफेसर अल्पा शाह से संभावित मुलाकात को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने इस प्रस्तावित मुलाकात पर कड़ा ऐतराज जताते हुए मुख्यमंत्री और उनके सलाहकारों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि प्रोफेसर अल्पा शाह को उनके लेखन और विचारों के कारण वामपंथी विचारधारा से जुड़ा माना जाता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अल्पा शाह की पुस्तक “Nightmarch: Among India’s Revolutionary Guerrillas” में नक्सलियों के प्रति सहानुभूति दिखाई गई है और उन्हें ‘क्रांतिकारी’ के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।
मरांडी ने यह भी दावा किया कि इस विचारधारा से जुड़े लोग कश्मीर को भारत से अलग करने, जनमत संग्रह की वकालत करने, भारतीय सुरक्षा बलों पर आरोप लगाने तथा समाज में विभाजन फैलाने जैसे विचारों का समर्थन करते रहे हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि एक संवैधानिक पद पर बैठे मुख्यमंत्री का ऐसे व्यक्ति से मुलाकात करना कितना उचित है, जिन पर भारत विरोधी विचारधारा को बढ़ावा देने के आरोप लगते रहे हैं। मरांडी ने इसे झारखंड की जनता और देश के शहीदों के सम्मान से जुड़ा विषय बताते हुए मुख्यमंत्री से इस पर पुनर्विचार करने की मांग की।
हालांकि, इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री कार्यालय या राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
नालसा : नई दिल्ली के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) सरायकेला-खरसावां रमाशंकर सिंह के मार्गदर्शन में सोमवार को जिले में “Protect Today, Secure Tomorrow” शीर्षक से पैन-इंडिया पर्यावरणीय विधिक साक्षरता एवं सामुदायिक संरक्षण पहल के तहत जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
इस विशेष अभियान के अंतर्गत जिले के सभी प्रखंडों एवं पंचायतों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों का उद्देश्य आम लोगों को पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कानूनी अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना था।
इस पहल का मुख्य कार्यक्रम अर्का जैन विश्वविद्यालय, गम्हरिया में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में दिलीप कुमार शॉ, मुख्य एलएडीसी सरायकेला-खरसावां एवं विधि संकाय के अधिष्ठाता, विश्वविद्यालय के प्राध्यापकगण, विधि संकाय के छात्र तथा पैरा लीगल वॉलंटियर्स उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिलीप कुमार शॉ ने NALSA, नई दिल्ली की कॉन्सेप्ट नोट एवं इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय विधिक साक्षरता न केवल वर्तमान समय की आवश्यकता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सामुदायिक संरक्षण तभी संभव है जब समाज के प्रत्येक वर्ग को पर्यावरणीय कानूनों और उनके पालन की जानकारी हो।
कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। छात्रों और पैरा लीगल वॉलंटियर्स की सक्रिय भागीदारी से कार्यक्रम को प्रभावी बनाया गया। इस पहल से सामुदायिक स्तर पर जागरूकता और सहभागिता को बढ़ावा मिला, जिससे भविष्य की पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने में समाज अधिक सक्षम होगा।
दिल्ली : कांग्रेस संसदीय दल (CPP) की चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि लगभग 20 वर्ष पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में संसद ने सर्वसम्मति से मनरेगा कानून पारित किया था, जिससे करोड़ों ग्रामीण परिवारों, खासकर गरीब, वंचित और अतिगरीब वर्ग को रोजगार का कानूनी अधिकार मिला।
सोनिया गांधी ने कहा कि मनरेगा के कारण ग्रामीणों का पलायन रुका और ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाया गया। यह योजना महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपनों को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम थी। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान भी मनरेगा गरीबों के लिए संजीवनी साबित हुआ।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार ने मनरेगा को लगातार कमजोर करने की कोशिश की है। हाल ही में सरकार द्वारा बिना विचार-विमर्श और विपक्ष को विश्वास में लिए मनरेगा के स्वरूप में बदलाव किया गया है, जिससे इसकी मूल भावना को ठेस पहुंची है। उन्होंने यह भी कहा कि अब रोजगार से जुड़े फैसले जमीनी जरूरतों के बजाय दिल्ली से तय किए जाएंगे।
सोनिया गांधी ने कहा कि मनरेगा किसी एक पार्टी की नहीं, बल्कि देशहित और जनहित से जुड़ी योजना है। कांग्रेस इसे कमजोर करने के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी और किसानों, श्रमिकों व भूमिहीन ग्रामीण गरीबों के हितों की रक्षा के लिए पूरी मजबूती से खड़ी रहेगी।
उन्होंने कहा कि जैसे 20 साल पहले गरीबों को रोजगार का अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष किया गया था, वैसे ही आज भी मनरेगा के पक्ष में लड़ाई जारी रहेगी।
झारखंड के राजभवन का नाम अब बदलकर “लोक भवन झारखंड” कर दिया गया है। इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। राज्यपाल संतोष गंगवार ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और गृह मंत्रालय की पहल के तहत देश के सभी राजभवनों को लोक-केंद्रित पहचान दी जा रही है।
इसी क्रम में अब रांची और दुमका के राजभवन को आधिकारिक रूप से लोक भवन नाम दिया गया है। राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव नितीन मदन कुलकर्णी के हस्ताक्षर से बुधवार को आदेश जारी किया गया।
सरकार के अनुसार यह बदलाव राज्य सरकार के प्रस्ताव पर राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद लागू हुआ है। नए नाम की घोषणा के बाद राज्य में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। सरकार का कहना है कि नाम बदलने का उद्देश्य यह संदेश देना है कि सरकार सेवा के लिए है।
#नई_दिल्ली : केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और देशभर के राजभवनों के नाम बदल दिए हैं। अब PMO को ‘सेवा तीर्थ’ और सभी राजभवनों को ‘लोकभवन’ के नाम से जाना जाएगा।
सेवा की भावना पर जोर
पीएमओ की ओर से कहा गया कि भारत के पब्लिक इंस्टिट्यूशन्स में बड़ा और गहरा बदलाव हो रहा है। शासन का विचार अब सत्ता से सेवा और अथॉरिटी से जिम्मेदारी की ओर बढ़ रहा है। यह बदलाव सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और नैतिक भी है।
पीएमओ जल्द ही अपने 78 साल पुराने साउथ ब्लॉक ऑफिस से निकलकर नए आधुनिक कैंपस ‘सेवा तीर्थ’ में शिफ्ट होने जा रहा है। यह कदम सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा है।
पहले भी बदले जा चुके हैं कई सरकारी नाम
इससे पहले केंद्र सरकार ने राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ किया था। प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास का नाम भी 2016 में रेस कोर्स रोड से बदलकर लोक कल्याण मार्ग किया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शासन तंत्र को ऐसी पहचान दी जा रही है, जो कर्तव्य, पारदर्शिता, और जन-सेवा को दर्शाती है। केंद्रीय सचिवालय का नया नाम ‘कर्तव्य भवन’ इसी सोच को प्रतिबिंबित करता है।
राजभवनों के नए नाम
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों के राजभवनों का नाम बदलकर लोकभवन और राज्यपालों/उपराज्यपालों के आवास का नाम लोक निवास कर दिया है। मंत्रालय के अनुसार ‘राजभवन’ नाम औपनिवेशिक मानसिकता को दिखाता है, इसलिए इसे बदलकर जनता-केंद्रित नाम दिया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, यह बदलाव भारत की लोकतांत्रिक सोच में आए वैचारिक परिवर्तन का प्रतीक है — अब शासन की भाषा सेवा, कर्तव्य और नागरिक-प्रथम दृष्टिकोण की तरफ बढ़ रही है।
नयी दिल्ली : सीआईएससीई की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की तिथियाँ घोषित कर दी गई हैं। परिषद के मुख्य कार्यकारी एवं सचिव जोसेफ इमैनुएल ने गुरुवार को बताया कि कक्षा 10 (ICSE) की परीक्षा 17 फरवरी से 30 मार्च तक होगी, जबकि कक्षा 12 (ISC) की परीक्षा 12 फरवरी से 6 अप्रैल तक आयोजित की जाएगी।
इस वर्ष लगभग 2.6 लाख छात्र ICSE और करीब 1.5 लाख छात्र ISC परीक्षा देंगे। इमैनुएल के अनुसार, परीक्षा समय-सारणी को इस तरह तैयार किया गया है कि छात्रों को प्रमुख विषयों के बीच पर्याप्त तैयारी का समय मिल सके।
जारी डेटशीट में ICSE के 75 विषयों और ISC के 50 विषयों की पूरी परीक्षा अनुसूची शामिल है।
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त चंदन कुमार ने परियोजना निदेशक आईटीडीए जयदीप तिग्गा के साथ एकलव्य आवासीय आदर्श विद्यालय टोंटो और नोआमुंडी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों विद्यालयों के छात्रों ने स्वागत गीत गाकर उनका अभिनंदन किया।
टोंटो (पेरेंट) परिसर से हाटगम्हरिया (सिस्टर) और नोआमुंडी (पेरेंट) परिसर से मनोहरपुर (सिस्टर) एकलव्य विद्यालयों का संचालन हो रहा है। टोंटो और हाटगम्हरिया में कक्षा 6, 7 और 8 के लिए कुल 180 छात्रों का नामांकन हो चुका है, जबकि नोआमुंडी और मनोहरपुर में 81 छात्रों का नामांकन हुआ है। नामांकन प्रक्रिया जारी है और सभी आवेदकों को कक्षाएं शुरू होने की सूचना दे दी गई है। सिंहभूम प्रमंडल के अन्य जिलों से भी छात्र प्रवेश ले रहे हैं।
उपायुक्त ने बताया कि जिले में कुल 11 नए एकलव्य आवासीय आदर्श विद्यालय शुरू किए जा रहे हैं, जिनमें पांच पेरेंट और पांच सिस्टर विद्यालय शामिल हैं। अध्यापन कार्य शुरू करने के लिए सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय की आधारभूत सुविधाओं, छात्रावास, रसोई और डाइनिंग हॉल का जायजा लिया। साथ ही छात्रों के सुरक्षित आवास, पौष्टिक भोजन और स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आवासीय विद्यालयों में चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति करने को भी कहा।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिक्षण व्यवस्था की समीक्षा की और छात्रों से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली। टोंटो-हाटगम्हरिया में 8 अतिथि शिक्षक और 13 चतुर्थ वर्ग कर्मी तथा नोआमुंडी-मनोहरपुर में 10 अतिथि शिक्षक और 10 चतुर्थ वर्ग कर्मी प्रतिनियुक्त हैं। जिन अतिथि शिक्षकों ने योगदान नहीं दिया है, उनके स्थान पर प्रतीक्षा सूची से नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है।
विद्यालयों में रहने, खाने और पढ़ाई से जुड़ी सामग्री जैसे खाद्य पदार्थ, बर्तन, पठन-पाठन सामग्री, कंबल और चादर की आपूर्ति पूरी कर ली गई है। नामांकन बढ़ने के साथ छात्रों की पोशाक और किताबों की आपूर्ति के लिए भी आदेश जारी कर दिए गए हैं।
चक्रधरपुर : झारखंड राज्य के 25वें स्थापना वर्षगांठ के अवसर पर “Know Your Tourist Place” कार्यक्रम के तहत गुरुवार को चक्रधरपुर प्रखंड कार्यालय से साइकिल रैली निकाली गई। रैली का नेतृत्व जिला दंडाधिकारी-cum-उपायुक्त चंदन कुमार ने किया।
Group of Cyclists की यह रैली शहर के विभिन्न इलाकों से गुजरते हुए लगभग 10 किलोमीटर की दूरी तय कर केरा मंदिर तक पहुँची। उपायुक्त चंदन कुमार ने स्वयं साइकिल चलाकर पर्यावरण संरक्षण और एकता का संदेश दिया। उन्होंने राज्य की 25वीं वर्षगांठ पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि झारखंड मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में लगातार विकास की ओर बढ़ रहा है। साथ ही उन्होंने बताया कि प्रशासन विकास योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
रैली में अनुमंडल पदाधिकारी पोड़ाहाट-चक्रधरपुर, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, जिला खेल पदाधिकारी समेत कई विभागीय अधिकारी और साइकिल प्रेमी शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य जिले के पर्यटन स्थलों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और जन सहभागिता को प्रोत्साहित करना था।

