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सारजोम युवा फाउंडेशन की बैठक — नशा मुक्त समाज के लिए लिया संकल्प

सारजोम युवा फाउंडेशन की बैठक — नशा मुक्त समाज के लिए लिया संकल्प

जमशेदपुर : सोमवार को सारजोम युवा फाउंडेशन की ओर से दुःखू टोला, करनडीह में एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता फाउंडेशन के अध्यक्ष सागर हेंब्रम ने की। बैठक का मुख्य विषय था — नशा मुक्त समाज का निर्माण।

बैठक में संगठन की महिलाओं ने नशे के बढ़ते प्रचलन पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नशा एक सामाजिक बुराई है, जिसके कारण परिवार और समाज दोनों प्रभावित हो रहे हैं। खासकर युवाओं में नशे की लत बढ़ने से वे दिशा हीन हो रहे हैं और आये दिन अप्रिय घटनाएं सामने आ रही हैं।

अध्यक्ष सागर हेंब्रम ने कहा कि नशा मुक्त समाज बनाने के लिए जागरूकता फैलाना अत्यंत आवश्यक है। नशा एक अभिशाप है, जो सिर्फ व्यक्ति को नहीं बल्कि पूरे समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने सभी सदस्यों से संकल्प लेने और समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाने की अपील की।

बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए संकल्प लिया। बैठक को सफल बनाने में सरस्वती सुंडी, नीलम बिरुआ, फूलो सवैया और अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

सारंडा के रेड़ा टोला में विकास की पोल—78 साल बाद भी पानी के लिए संघर्ष, महिलाओं ने सरकार से पूछा तीखा सवाल

सारंडा के रेड़ा टोला में विकास की पोल—78 साल बाद भी पानी के लिए संघर्ष, महिलाओं ने सरकार से पूछा तीखा सवाल

मनोहरपुर : जहां झारखंड अपने 25 वर्षों के सफर में तेज रफ्तार विकास का दावा करता है, वहीं सारंडा के समथा गांव के रेड़ा टोला की स्थिति इस दावे को सीधा चुनौती देती है। आज़ादी के 78 साल बाद भी यहां की तस्वीर गांव नहीं, बल्कि उपेक्षा और संघर्ष की कहानी कहती है।

पेयजल संकट — सबसे बड़ी चिंता
रेड़ा टोला में पेयजल की समस्या इतनी गंभीर है कि महिलाओं का दिन पानी की तलाश से शुरू होकर पानी पर ही समाप्त हो जाता है। बरसात में नाला उफान पर होता है, और कमर तक पानी पार करके पीने का पानी लाना पड़ता है। गर्मी में नाला सूख जाता है, तब महिलाएं नमी वाली जगहों पर चुवाँ (छोटे गड्ढे) बनाकर पानी छानकर पीने को मजबूर होती हैं।

एक महिला ने स्पष्ट शब्दों में कहा —
“घर में खाने से ज्यादा मुश्किल पानी लाना है। सरकार सुनती है, लेकिन काम नहीं करती।”

नेताओं के वादे बनाम ज़मीन की हकीकत
चुनाव के समय नेताओं के भाषणों में विकास की बरसात होती है, लेकिन रेड़ा टोला की महिलाओं के लिए पानी लाना आज भी संघर्ष का पर्याय है। हर चुनाव के बाद यहां सिर्फ वादे लौटते हैं, नतीजे नहीं।

अधूरी योजनाओं की लंबी सूची

हर घर जल योजना अभी तक पूरी नहीं

स्वास्थ्य केंद्र दूर और अनुपलब्ध

सड़कें उबड़-खाबड़ और खतरनाक

सरकारी सप्लाई व्यवस्था ठप


गांव की महिलाओं का सरकार से सीधा सवाल

क्या हमें साफ पानी के लिए और सौ साल इंतज़ार करना पड़ेगा?

क्या विकास सिर्फ शहरों तक सीमित है?

क्या हम सिर्फ वोट बैंक बनकर रह गए हैं?

25 साल के झारखंड का यही विकास मॉडल है?


झारखंड की पहचान भले ही जंगल, खनिज और समृद्ध संस्कृति से हो, लेकिन रेड़ा टोला जैसे गांव आज भी हाशिये पर हैं — भूले हुए नक्शों और अधूरे वादों के बीच फंसे हुए।

सरकार से जवाब मांगता है रेड़ा टोला
क्या विकास का अधिकार सबका है, या सिर्फ चुनिंदा इलाकों का?

झारखंड में एसआईआर को लेकर सियासी गर्मी तेज — चंपाई सोरेन ने घुसपैठ पर उठाए गंभीर सवाल

झारखंड में एसआईआर को लेकर सियासी गर्मी तेज — चंपाई सोरेन ने घुसपैठ पर उठाए गंभीर सवाल

सरायकेला : झारखंड में एसआईआर (Systematic Investigation of Registration) को लेकर सियासत तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता चंपाई सोरेन ने सोशल मीडिया के माध्यम से बड़ा बयान देते हुए दावा किया कि कोलकाता से सटे हावड़ा जिले के कई इलाकों में 80% से अधिक बांग्लादेशी घुसपैठिए पाए जा रहे हैं। ऐसे में सीमावर्ती जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।

चंपाई सोरेन ने लिखा कि भारत का संविधान केवल भारतीय नागरिकों को मतदान का अधिकार देता है। चुनाव आयोग की इस पहल के बाद घुसपैठियों के सहारे सत्ता हासिल करना अब बेहद मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होने पर पश्चिम बंगाल से करोड़ों और झारखंड से लाखों घुसपैठियों के नाम voter list से हटाए जा सकते हैं।

राज्य में बढ़ी राजनीतिक हलचल

झारखंड में एसआईआर को लेकर राजनीतिक तापमान तेजी से बढ़ रहा है। कांग्रेस और झामुमो इस प्रक्रिया पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। वहीं राजद के नेता भी प्रतिदिन एसआईआर के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं। इसके बावजूद निर्वाचन आयोग ने झारखंड में प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जैसे ही झारखंड में एसआईआर की प्रक्रिया औपचारिक तौर पर शुरू होगी, यह राज्य की राजनीति में बड़ा विवाद और चुनावी बहस का विषय बन सकता है। फिलहाल, इस मुद्दे की जमीन तैयार होती हुई दिखाई दे रही है।

45 लाख बच्चों की परीक्षा 8 महीने से ठप, अबुआ सरकार जश्नों में मशगूल, बच्चों का भविष्य रसातल में: धी. रामहरि पेरियार

45 लाख बच्चों की परीक्षा 8 महीने से ठप, अबुआ सरकार जश्नों में मशगूल, बच्चों का भविष्य रसातल में: धी. रामहरि पेरियार

चाईबासा : झारखंड में 45 लाख बच्चों की परीक्षाएँ पिछले 8 महीनों से ठप पड़ी हैं, लेकिन सरकार का पूरा ध्यान नाच-गान, मेला, मंच और सरकारी कार्यक्रमों पर है। शिक्षा जैसी गंभीर व्यवस्था को बुरी तरह ध्वस्त कर देने वाली यह स्थिति अभिभावकों और छात्रों को गहरी चिंता में डाल रही है।
    एंटी करप्शन ऑफ इंडिया, झारखंड प्रदेश अध्यक्ष धी. रामहरि पेरियार ने सरकार की कार्यशैली पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि एक अखबार की कटिंग ही अबुआ सरकार की सच्चाई बयान करने के लिए काफी है। कार्यक्रमों की धूम है, लेकिन बच्चों का भविष्य अंधेरे में पड़ा है।
   उन्होंने कहा कि 25 वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धि यही बची है, बच्चों की परीक्षा रोक देना।
पेरियार ने सरकार पर आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था को मजाक बना दिया गया है। सरकार जश्न मना रही है, जबकि 45 लाख बच्चों का भविष्य राख किया जा रहा है। यह सिर्फ लापरवाही नहीं, यह आने वाली पीढ़ियों के साथ विश्वासघात है।

प्रशासन मौन, जवाबदही गायब

पेरियार ने कहा कि प्रशासन सरकारी कार्यक्रमों में व्यस्त है, लेकिन बच्चों की परीक्षा की तिथि पर न कोई जवाब है, न मंशा। यह सिर्फ प्रशासनिक विफलता नहीं, यह राज्य के भविष्य को कुचलने की सरकारी नीति है।

अभिभावकों में हताशा-स्कूलों में भय का माहौल

लगातार 8 महीनों से परीक्षा रुकी होने से बच्चों की पढ़ाई की लय टूट चुकी है। अभिभावक चिंता में हैं, स्कूलों का पूरा अकादमिक कैलेंडर चरमरा गया है और पढ़ाई पूरी तरह अस्त-व्यस्त है।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र सबसे ज्यादा प्रभावित

शिक्षा विभाग अब तक किसी स्पष्ट समय-सारिणी की घोषणा नहीं कर पाया है। इससे छात्रों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
पेरियार ने कहा, जो सरकार भविष्य रोक दे, वह विकास का दावा किस मुंह से कर सकती है?

कुर्सी में 43वीं फुटबॉल प्रतियोगिता का सफल समापन — विजेता टीमों को ट्रॉफी व प्रशस्ति पत्र देकर किया गया सम्मानित

कुर्सी में 43वीं फुटबॉल प्रतियोगिता का सफल समापन — विजेता टीमों को ट्रॉफी व प्रशस्ति पत्र देकर किया गया सम्मानित

चाईबासा : सरायकेला जिला के कुर्सी (रंगो) में सरना क्लब द्वारा आयोजित 43वीं तीन दिवसीय फुटबॉल प्रतियोगिता 2025 का समापन समारोह मंगलवार को उत्साह और खेल भावना के साथ संपन्न हुआ। समापन कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री एवं सरायकेला विधायक चंपई सोरेन के प्रतिनिधि के रूप में रानी बांदिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।

मुख्य अतिथि ने विजेता दिलजले एफसी (रोलाडीह) और उपविजेता ब्लू रेबेल (खैरपाल) की टीमों को ट्रॉफी व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।

कार्यक्रम में कुर्सी पंचायत की मुखिया नीरेस देवगम, पंचायत समिति सदस्य सावन तियु, राकेश गोप, मरंग बाबू और मुख्य संरक्षक सुरेंद्र कुजूर मौजूद रहे।

समापन समारोह को संबोधित करते हुए रानी बांदिया ने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया और कहा कि खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि अनुशासन, स्वास्थ्य और सामाजिक समरसता की राह दिखाता है। उन्होंने युवाओं से खेल को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील करते हुए ग्रामीणों को स्वास्थ्यप्रद जीवनशैली अपनाने तथा नशे से दूर रहने की सलाह दी।

पालोबेड़ा में दर्दनाक हादसा — घर पर पलटा हाइवा, पिता-बेटी की मौत, कंपनी ने दिया 25 लाख मुआवजे का आश्वासन

पालोबेड़ा में दर्दनाक हादसा — घर पर पलटा हाइवा, पिता-बेटी की मौत, कंपनी ने दिया 25 लाख मुआवजे का आश्वासन

ग़म्हरिया : कांड्रा थाना अंतर्गत हुदु पंचायत के पालोबेड़ा गांव में रविवार की सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। गिट्टी से लदा हाइवा वाहन अनियंत्रित होकर बीरबल मुर्मू के घर पर पलट गया। हादसे के समय परिवार घर के भीतर सो रहा था। गिट्टी और दीवार गिरने से बीरबल मुर्मू (37) और उनकी डेढ़ साल की बेटी अनुश्री मुर्मू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं।

सूत्रों के अनुसार, हुदु पंचायत में लीडिंग कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा सड़क निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान यह हादसा हुआ। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया, लेकिन शीघ्र ही पंचायत प्रतिनिधियों, प्रशासन और कंपनी के मैनेजर के साथ सकारात्मक वार्ता हुई।

वार्ता हुई सफल — कंपनी देगी 25 लाख रुपये व नया घर
हुदु पंचायत की मुखिया श्रीमती सुगी मुर्मू और झारखंड मुक्ति मोर्चा के केन्द्रीय सदस्य श्री कृष्णा बास्के के नेतृत्व में बैठक हुई। कंपनी ने सहानुभूति जताते हुए पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये और एक नया घर बनाने की लिखित सहमति दी है। साथ ही, श्राद्ध कर्म के लिए तुरंत 50,000 रुपये दिए गए हैं और अगले दिन 50,000 रुपये और दिए जाएंगे। शेष राशि 26 नवंबर को RTGS के माध्यम से बीरबल की पत्नी शेफाली मुर्मू के खाते में भेजी जाएगी।

बैठक में मौजूद रहे अधिकारी व ग्रामीण
बैठक में मुख्य रूप से प्रखंड विकास पदाधिकारी श्री साधु चरण देवगम, थाना प्रभारी श्री विनोद कुमार मुर्मू, प्रखंड समन्वयक श्री सावन सोय, कनिष्ठ अभियंता श्री नामी सिंह मुंडा, पंचायत समिति सदस्य मोनो टुडू, ग्राम प्रधान रागदू किस्कू, लक्ष्मण सरदार, फागु मुर्मू, विजय महतो, राजेश मुर्मू, भगतू मुर्मू, रूपक मुर्मू, मनसा मुर्मू, मंगल मुंडा, बालेश्वर मुर्मू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

सरायकेला के कमलपुर गांव के बारीडीह टोला में ‘प्रभात खबर आपके द्वार’ कार्यक्रम — ग्रामीणों ने सुनाई समस्याओं की कहानी, कहा: आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित

सरायकेला के कमलपुर गांव के बारीडीह टोला में ‘प्रभात खबर आपके द्वार’ कार्यक्रम — ग्रामीणों ने सुनाई समस्याओं की कहानी, कहा: आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित

सरायकेला : सरायकेला प्रखंड के कमलपुर गांव स्थित बारीडीह टोला में रविवार को ‘प्रभात खबर आपके द्वार’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल, वृद्धा पेंशन सहित कई मूलभूत सुविधाओं की कमी को प्रमुखता से उठाया। ग्रामीणों ने बताया कि आज भी टोला के लोग सरकारी योजनाओं और बुनियादी सुविधाओं से कोसों दूर हैं।



जर्जर सड़क बनी बड़ी चुनौती

ग्रामीणों ने बताया कि बारीडीह टोला को प्रखंड मुख्यालय से जोड़ने वाला एकमात्र मार्ग घोड़ालांग गांव होकर जाता है, लेकिन घोड़ालांग तक लगभग एक किलोमीटर लंबी सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। जगह-जगह गड्ढे और बड़े पत्थर उभर आए हैं, जिससे आवागमन अत्यंत कठिन हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार, सबसे अधिक परेशानी छोटे बच्चों और बुजुर्गों को होती है।



आंगनबाड़ी और स्कूल जाने से कतराने लगे बच्चे

सड़क खराब होने का सीधा असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है। आंगनबाड़ी केंद्र एक किलोमीटर दूर घोड़ालांग में है, जबकि प्राथमिक विद्यालय दो किलोमीटर दूर डांगरडीहा गांव में स्थित है। बच्चों को रोजाना खराब रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। यही कारण है कि छोटे बच्चे आंगनबाड़ी जाने से कतराने लगे हैं और स्कूली छात्रों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।




गर्मी में पेयजल संकट, पेंशन भी नहीं मिलती समय पर

ग्रामीणों ने बताया कि टोला में पेयजल की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। गर्मी के दिनों में पानी का संकट और बढ़ जाता है। वहीं बुजुर्गों ने शिकायत की कि वृद्धा पेंशन की राशि समय पर नहीं मिलती। ब्लॉक कार्यालय और बैंक के बीच चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे परेशानियों में इजाफा होता है।

नीमडीह पंचायत में सरकार आपके द्वार शिविर सफल — योजनाओं का लाभ लेने उमड़ी ग्रामीणों की भीड़

नीमडीह पंचायत में सरकार आपके द्वार शिविर सफल — योजनाओं का लाभ लेने उमड़ी ग्रामीणों की भीड़

चाईबासा : नीमडीह पंचायत के गुटुसाई हिलटॉप मैदान में शनिवार को ‘सरकार आपके द्वार’ शिविर का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी। कार्यक्रम ने पंचायत स्तर पर जनसहभागिता और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता का उदाहरण पेश किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ परियोजना निदेशक आईटीडीए जयदीप तिग्गा, बीडीओ अमिताभ भगत, मुखिया सुमित्रा देवगम, मानकी दलपत देवगम, मुंडा अर्जुन देवगम और जानुम सिंह देवगम ने संयुक्त रूप से किया।
कार्यक्रम में राजस्व एवं परिवहन मंत्री दीपक बिरुवा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और कई लाभुकों को योजनाओं से संबंधित स्वीकृति पत्र एवं दस्तावेज प्रदान किए।

लाभुकों को मिला योजनाओं का लाभ

शिविर में मंत्री द्वारा निम्नलिखित दस्तावेज और लाभ प्रदान किए गए :-


🔸रोशनी आजीविका सखी मंडल को क्रेडिट लिंकेज के तहत 1.5 लाख रुपये का स्वीकृति पत्र
🔸अंकित कुमार, रामेश्वर पूर्ति और मुनुरेन सांगा को जन्म प्रमाण पत्र
🔸 गुलू गोप और रीता देवी को पेंशन स्वीकृति पत्र
🔸 सुशीला देवगम और लादुरा गोप को जॉब कार्ड

योजनाओं के लिए मिले आवेदन

शिविर के दौरान विभिन्न योजनाओं के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए :-

मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लिए 300 आवेदन

अबुआ आवास योजना के लिए 250 आवेदन


कार्यक्रम में पंचायत सचिव पूनम कुमारी, रोजगार सेवक शिवानी दास, पंसस यशोमती मोहंती, वार्ड सदस्य अमोल विश्वकर्मा, गुरुवारी देवगम, राकेश पोद्दार, मेनका दास, विकास खंडाइत, दिव्यांशु चटर्जी, सूरज मुंडा सहित सखी मंडल की अनेक महिलाएं उपस्थित रहीं।

कुचाई में रक्तदान शिविर से बना नया रिकॉर्ड — 51 यूनिट रक्त संग्रह कर KNT ने रचा इतिहास, शहीदों को दी श्रद्धांजलि

कुचाई में रक्तदान शिविर से बना नया रिकॉर्ड — 51 यूनिट रक्त संग्रह कर KNT ने रचा इतिहास, शहीदों को दी श्रद्धांजलि

कुचाई : खरसवां गोलीकांड के शहीदों की स्मृति में कोल्हान नितिर तुरतुंग (KNT) के सौजन्य से स्थानीय कल्याण अस्पताल, कुचाई में एक दिवसीय रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चला, जिसमें एम.जी.एम. जमशेदपुर स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम ने रक्त संग्रह किया।

इस शिविर ने कुचाई क्षेत्र में इतिहास रच दिया। कुल 51 यूनिट रक्तदान कर क्षेत्र ने पहली बार अर्धशतक पार किया — इससे पहले यहां अधिकतम 20–22 यूनिट ही संग्रहित हुए थे। इस उपलब्धि को KNT और पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है।

विशिष्ट रक्तदाता एवं पहली बार रक्तदान करने वाले छात्र

KNT के बैनर तले कई अनुभवी रक्तदाताओं के साथ पहली बार रक्तदान करने वाले युवाओं का उत्साह देखने लायक रहा।
विशेष रक्तदाताओं में शामिल रहे —


श्री रामचंद्र सोय

श्री लखिन्दर भूमिज

रक्त वीर श्री रविन्द्र गिलुवा (30वीं बार रक्तदान)



KNT के विद्यार्थियों में 2 लड़कियों और 8 लड़कों ने पहली बार रक्तदान किया। वहीं, 12 विद्यार्थियों ने रक्तदान के लिए पंजीकरण कराया था, लेकिन वजन और हिमोग्लोबिन की कमी के चलते वे रक्तदान नहीं कर सके। उन्हें अगले शिविर में मौका सुनिश्चित करने का आश्वासन देकर उत्साहित किया गया।

सभी रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। भोजन, पेय, चाय व नाश्ते की संपूर्ण व्यवस्था KNT की ओर से की गई। KNT कुचाई के विद्यार्थियों ने सेवा और प्रबंधन में अहम भूमिका निभाई।

पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का सहयोग

शिविर में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे —


BDO श्री साधुचरन देवगम

केंद्रीय अध्यक्ष श्री माझीराम जामुदा

महासचिव श्री प्रेमसिंह डांगील

श्री गुरुचरन छोड़ा

श्री रामेश्वर हेम्ब्रम

श्री रविन्द्र गिलुवा

श्री मुन्ना सोय


इसके अलावा कल्याण अस्पताल के स्टाफ, कई मुंडा और मुखिया भी पूरे समय सहयोग में उपस्थित रहे।

जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति से बढ़ा उत्साह

रक्तदाताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए खरसवां विधायक श्री दशरथ गागराई, विधायक प्रतिनिधि, संसद प्रतिनिधि और समाजसेवी भी शिविर में पहुंचे और इस पहल की सराहना की।

स्वास्थ्य जागरूकता को शिक्षा का हिस्सा बताकर दिया संदेश

KNT की केंद्रीय टीम ने सभी रक्तदाताओं और उपस्थित जनसमूह को धन्यवाद देते हुए कहा —
“स्वास्थ्य जागरूकता भी शिक्षा का एक महत्वपूर्ण अंग है। हमारा उद्देश्य केवल रक्तदान शिविर आयोजित करना नहीं, बल्कि आदिवासी क्षेत्र में स्वेच्छिक रक्तदान की संस्कृति विकसित करना, डर को दूर करना और लोगों को रक्तदान के लाभ बताना है, ताकि जरूरत पड़ने पर हर कोई आगे आकर रक्तदान कर सके।”

इस रिकॉर्ड रक्तदान शिविर ने कुचाई क्षेत्र में स्वास्थ्य जागरूकता की नई मिसाल पेश की है।



                        

झारखंड की रजत जयंती पर मुख्यमंत्री का संबोधन — कहा, “विकास के लिए पैसा, शिक्षा और अवसर उतने ही जरूरी जितना गाड़ी के लिए पेट्रोल”

झारखंड की रजत जयंती पर मुख्यमंत्री का संबोधन — कहा, “विकास के लिए पैसा, शिक्षा और अवसर उतने ही जरूरी जितना गाड़ी के लिए पेट्रोल”

रांची : झारखंड विधानसभा की 25वीं वर्षगांठ पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के संघर्षपूर्ण इतिहास और भविष्य की विकास यात्रा पर महत्वपूर्ण सम्बोधन दिया। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के निर्माण के पीछे एक लंबा संघर्ष, बलिदान और आदिवासी–मूलवासी समाज की अमिट भूमिका रही है। पूर्वजों और वीर शहीदों के संघर्षों के कारण ही आज झारखंड अपनी विशिष्ट पहचान के साथ विकास के पथ पर अग्रसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “अगर गाड़ी में पेट्रोल न हो तो वह आगे नहीं बढ़ सकती। उसी तरह आम आदमी के पास पैसा, शिक्षा और अवसर न हों, तो वह विकास की राह पर कैसे आगे बढ़ेगा? इसलिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को मजबूत करना हमारी सरकार की प्राथमिकता है।” उन्होंने ‘सेवा सप्ताह’ का जिक्र करते हुए बताया कि आज राज्य सरकार की नीतियां सीधे जनता तक पहुंच रही हैं।

झारखंड आंदोलन के पुरोधा शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री भावुक दिखे और झारखंड आंदोलन के पुरोधा दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन को याद करते हुए कहा कि आज उनके बीच न होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन ने अपने जीवन का हर क्षण राज्य की अस्मिता, अधिकार और स्वाभिमान के लिए समर्पित किया। उनके नेतृत्व में झारखंड आंदोलन ने जनांदोलन का रूप लिया और राज्य निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ।

“वे केवल नेता नहीं थे, बल्कि झारखंड की आत्मा, संघर्ष और स्वाभिमान के प्रतीक थे। आने वाली पीढ़ियों के लिए उनके आदर्श सदैव मार्गदर्शक बने रहेंगे।” – मुख्यमंत्री ने कहा।

आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य गठन के बाद गरीबी, कुपोषण और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी थी, लेकिन वर्तमान सरकार आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक सशक्तिकरण को लेकर दृढ़ संकल्प के साथ काम कर रही है। ‘सेवा का अधिकार’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार की योजनाएं अब सीधे जनता तक पहुंच रही हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि हर क्षेत्र में न्याय, पारदर्शिता और संवेदनशील प्रशासन सुनिश्चित किया जाए, जिससे हर नागरिक को संवैधानिक अधिकारों और सुविधाओं का लाभ प्रभावी रूप से मिल सके।

उत्कृष्ट विधायकों व कर्मियों को सम्मानित किया गया

कार्यक्रम में उत्कृष्ट विधायक के रूप में चयनित राज सिन्हा को मुख्यमंत्री ने बधाई दी। साथ ही सदन की गरिमा को बनाए रखने वाले विधानसभा कर्मियों, राज्य की सीमा पर तैनात वीर सैनिकों, नक्सल मोर्चे पर शहीद हुए पुलिसकर्मियों, खिलाड़ियों, छात्रों, साहित्यकारों और पूर्व विधायकों को भी सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर विधानसभा की “सदन संवाद” पुस्तक, मासिक पत्रिका “उड़ान” के 99वें और 100वें अंक तथा विधानसभा सदस्यों का जीवन परिचय ग्रंथ भी लोकार्पित किया गया।