रांची : केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन शिक्षकों की सेवा अवधि में पाँच वर्ष से अधिक समय शेष है, उन्हें सेवा में बने रहने के लिए निर्णय की तिथि से दो वर्ष के भीतर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण करना होगा। यह जानकारी केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने लोकसभा में एक अतारांकित प्रश्न के उत्तर में दी।

यह प्रश्न लोकसभा सदस्य लालजी वर्मा द्वारा पूछा गया था। अपने उत्तर में राज्यमंत्री ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2025 में दिए गए अपने फैसले में कहा है कि शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम की धारा-23 के तहत टीईटी न्यूनतम योग्यता है और आरटीई के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों में शिक्षक नियुक्ति के लिए यह अनिवार्य है।

उन्होंने बताया कि आरटीई अधिनियम लागू होने से पहले भर्ती किए गए सेवारत शिक्षकों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत विशेष व्यवस्था की है। हालांकि, कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि आरटीई अधिनियम के तहत शिक्षक के रूप में नई नियुक्ति और पदोन्नति के माध्यम से नियुक्ति के इच्छुक सभी अभ्यर्थियों के लिए टीईटी पास करना अनिवार्य होगा।





























