सरायकेला | जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), सरायकेला-खरसावां के तत्वावधान में सोमवार को झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) कार्यालय, सरायकेला में “स्थायी लोक अदालत की कार्यप्रणाली एवं उपयोगिता” विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आम नागरिकों को स्थायी लोक अदालत की भूमिका, अधिकारिता तथा उससे मिलने वाले लाभों के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम में स्थायी लोक अदालत के सदस्य रोहित कुमार मिश्रा एवं मालती लागुरी, मुख्य विधिक सहायता रक्षा परामर्शी दिलीप कुमार शॉ, कार्यपालक अभियंता लालजी महतो, अनुमंडल पदाधिकारी संजय सवाईया तथा विदेश मार्डी सहित जेबीवीएनएल के कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

इस अवसर पर वक्ताओं ने स्थायी लोक अदालत की स्थापना के उद्देश्य, उसकी कार्यप्रणाली तथा सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं से जुड़े विवादों के समाधान में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि स्थायी लोक अदालत आम लोगों को त्वरित, सुलभ एवं कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराने का एक प्रभावी माध्यम है। इसके माध्यम से विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान संभव हो पाता है, जिससे पक्षकारों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया और अनावश्यक खर्च से राहत मिलती है।

मुख्य विधिक सहायता रक्षा परामर्शी दिलीप कुमार शॉ ने स्थायी लोक अदालत की कानूनी व्यवस्था, मामलों के निपटारे की प्रक्रिया तथा इसके व्यावहारिक लाभों की विस्तृत जानकारी दी। वहीं, सदस्य रोहित कुमार मिश्रा ने कहा कि सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं से संबंधित विवादों के निपटारे में स्थायी लोक अदालत अत्यंत प्रभावी साबित हो रही है और लोगों को इसका अधिकाधिक लाभ उठाना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान एक संवादात्मक सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने स्थायी लोक अदालत में मामला दर्ज कराने की प्रक्रिया, उसके अधिकार क्षेत्र तथा विवाद निपटान व्यवस्था से जुड़े प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों ने उनके प्रश्नों का विस्तारपूर्वक उत्तर दिया।

उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया। यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा विधिक जागरूकता बढ़ाने तथा समाज के प्रत्येक वर्ग तक न्याय की आसान पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किए जा रहे प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।


