चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन के मार्गदर्शन एवं प्रोजेक्ट प्राण के तहत जिले के सभी पंचायत सचिवालयों में पंचायत दिवस का आयोजन उत्साह और जनसहभागिता के साथ किया गया। इस अवसर पर ग्रामीण विकास, स्वच्छता, पेयजल, पर्यावरण संरक्षण तथा पंचायत सशक्तिकरण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं का शुभारंभ एवं लोकार्पण किया गया। कार्यक्रमों के माध्यम से पंचायत स्तर पर आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।

पंचायत दिवस के अवसर पर जिले के विभिन्न पंचायत सचिवालय परिसरों में कुल 33 भस्मकों (इंसिनरेटर) का लोकार्पण किया गया। इन भस्मकों के संचालन से स्वच्छता प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा तथा विशेष रूप से महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं गरिमा से जुड़े मुद्दों को मजबूती मिलेगी। साथ ही पंचायत स्तर पर स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण में भी यह पहल सहायक सिद्ध होगी।

इसी क्रम में, माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मार्गदर्शन में संचालित जलधारा अभियान के तहत जिले के विभिन्न पंचायत क्षेत्रों में 13 पानी टैंकरों का लोकार्पण किया गया। इन टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा तथा जल संकट की स्थिति में ग्रामीणों को त्वरित राहत उपलब्ध कराई जा सकेगी। जिला प्रशासन ने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयासों को नई गति मिलेगी।

पंचायत दिवस के अवसर पर एक पंचायत सचिवालय परिसर में ग्रामीणों की सुविधा एवं सामुदायिक गतिविधियों के आयोजन के लिए निर्मित शेड का लोकार्पण किया गया। वहीं, एक अन्य पंचायत सचिवालय परिसर में पेवर ब्लॉक निर्माण कार्य का उद्घाटन किया गया। इससे पंचायत परिसर की आधारभूत संरचना मजबूत होगी तथा आम नागरिकों को आवागमन एवं अन्य गतिविधियों में सुविधा मिलेगी।

इसके अलावा, जिले के विभिन्न पंचायत क्षेत्रों में स्थापित हैंडवॉश यूनिटों का भी लोकार्पण किया गया। इन यूनिटों के माध्यम से स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी व्यवहारों को बढ़ावा मिलेगा तथा ग्रामीण समुदाय में साफ-सफाई के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। विशेष रूप से विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सार्वजनिक स्थलों के आसपास इन सुविधाओं का लाभ आम लोगों को प्राप्त होगा।

जिलेभर में आयोजित पंचायत दिवस कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, जिला स्तर से प्रतिनियुक्त नोडल पदाधिकारियों, प्रखंड स्तरीय अधिकारियों एवं कर्मियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रमों के दौरान पंचायतों में संचालित विकास योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को दी गई तथा जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर संवाद स्थापित किया गया। साथ ही ग्रामीणों की समस्याओं और सुझावों को भी गंभीरता से सुना गया।

जिला प्रशासन ने पंचायत दिवस को ग्रामीण विकास एवं जनभागीदारी को सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम बताते हुए कहा कि पंचायतें लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण इकाई हैं। पंचायतों को मजबूत बनाकर ही ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र एवं सतत विकास के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। प्रशासन ने बताया कि प्रोजेक्ट प्राण के माध्यम से पंचायत सचिवालयों को जनसेवा के प्रभावी केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है, ताकि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित रूप से पहुंच सके।
पंचायत दिवस के सफल आयोजन से जिले में विकासोन्मुखी गतिविधियों को नई गति मिली है तथा पंचायत स्तर पर जनसहभागिता को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में सकारात्मक माहौल का निर्माण हुआ है।

