चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिले के उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में राजस्व शाखा एवं गैर-विभागीय राजस्व संग्रहण से संबंधित कार्यों की समीक्षा को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर उपायुक्त किस्टो कुमार बेसरा सहित संबंधित विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी अंचल अधिकारी, अंचल निरीक्षक एवं राजस्व कर्मचारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
बैठक के दौरान राजस्व शाखा के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यों की प्रगति की अंचलवार समीक्षा की गई। उपायुक्त ने म्यूटेशन के लंबित मामलों की स्थिति की जानकारी लेते हुए विशेष रूप से 30 दिन और 90 दिन से अधिक समय से लंबित मामलों की समीक्षा की। उन्होंने लंबित मामलों की संख्या, उनके निष्पादन की प्रगति तथा विलंब के कारणों की जानकारी संबंधित पदाधिकारियों से ली।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि 90 दिनों से अधिक समय से लंबित सभी म्यूटेशन मामलों का प्राथमिकता के आधार पर तत्काल निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। वहीं, 30 दिनों से अधिक समय से लंबित अन्य मामलों के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करते हुए समयबद्ध कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने कहा कि म्यूटेशन से संबंधित मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए तथा प्रत्येक स्तर पर इनके निष्पादन की नियमित समीक्षा की जाए।

बैठक में शुओ म्यूटेशन एवं सक्सेशन म्यूटेशन से संबंधित मामलों की भी अंचलवार समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक प्रक्रिया का अनुपालन करते हुए लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राजस्व से जुड़े मामलों का समय पर निष्पादन आम लोगों के हित से सीधे जुड़ा है। इसलिए प्राप्त आवेदनों पर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उपायुक्त ने अपर उपायुक्त को म्यूटेशन सहित अन्य राजस्व मामलों के निष्पादन की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया। साथ ही अंचल स्तर पर लंबित मामलों की प्रगति की लगातार समीक्षा करते हुए आवश्यकतानुसार संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित करने को कहा।

आपदा प्रभावित लोगों को समय पर उपलब्ध कराएं सहायता
बैठक में आपदा प्रबंधन से संबंधित विभिन्न मामलों एवं लंबित प्रतिवेदनों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अंचल कार्यालयों एवं भूमि सुधार उपसमाहर्ता कार्यालय स्तर पर लंबित अभिलेखों और आवश्यक प्रतिवेदनों की स्थिति की जानकारी ली।
उन्होंने निर्देश दिया कि आपदा प्रबंधन से संबंधित मामलों में आवश्यक अभिलेख एवं प्रतिवेदन यथाशीघ्र आपदा प्रबंधन शाखा को उपलब्ध कराए जाएं, ताकि मामलों का समय पर निष्पादन हो सके। उन्होंने कहा कि आपदा से प्रभावित लोगों को सरकार द्वारा निर्धारित सहायता एवं लाभ उपलब्ध कराना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसलिए संबंधित पदाधिकारी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करें तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न होने दें।

उपायुक्त ने आपदा से संबंधित मामलों में आवश्यक दस्तावेजों की उपलब्धता, प्रतिवेदन तैयार करने तथा स्वीकृति एवं भुगतान से जुड़ी कार्रवाई निर्धारित प्रक्रिया के तहत समयबद्ध रूप से पूरा करने पर जोर दिया।
भूमि उपलब्धता एवं हस्तांतरण के मामलों की समीक्षा
बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा भूमि उपलब्ध कराने के लिए भेजी गई अधियाचनाओं के आधार पर भूमि हस्तांतरण से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अंचल अधिकारियों से लंबित अधियाचनाओं की स्थिति एवं अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी ली।
उन्होंने निर्देश दिया कि विभिन्न विभागों से प्राप्त भूमि संबंधी अधियाचनाओं का नियमानुसार शीघ्र निष्पादन किया जाए। भूमि की उपलब्धता, अभिलेखों की जांच एवं अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने को कहा।
उपायुक्त ने कहा कि राजस्व शाखा से जुड़े कार्यों में अभिलेखों की शुद्धता एवं पारदर्शिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। किसी भी स्तर पर निर्णय लेने से पहले संबंधित अभिलेखों एवं उपलब्ध साक्ष्यों का समुचित परीक्षण किया जाए। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में अंचल कार्यालयों का नियमित निरीक्षण किया जाएगा और कार्यालय स्तर पर संचालित विभिन्न कार्यों, लंबित मामलों एवं अभिलेखों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।

गैर-विभागीय राजस्व संग्रहण की भी हुई समीक्षा
बैठक में गैर-विभागीय राजस्व संग्रहण की विभागवार समीक्षा की गई। उपायुक्त ने खनन, मत्स्य, विद्युत, नगर परिषद, उत्पाद एवं परिवहन कार्यालय सहित संबंधित विभागों द्वारा किए जा रहे राजस्व संग्रहण की स्थिति का क्रमबद्ध अवलोकन किया।
उन्होंने संबंधित विभागों से निर्धारित राजस्व संग्रहण लक्ष्य, अब तक की उपलब्धि एवं शेष लक्ष्य की जानकारी ली। विभागवार प्रगति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूरा करने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि राजस्व संग्रहण सरकार के विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी कार्यों के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए सभी संबंधित विभाग निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप राजस्व संग्रहण सुनिश्चित करें। राजस्व संग्रहण की नियमित समीक्षा एवं अनुश्रवण करते हुए जहां भी कमी दिखाई दे, वहां आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने लक्ष्य और वास्तविक उपलब्धि के बीच के अंतर को कम करने के लिए विभागीय स्तर पर ठोस कदम उठाने का निर्देश दिया।

बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को राजस्व प्रशासन, आपदा प्रबंधन, भूमि संबंधी मामलों एवं गैर-विभागीय राजस्व संग्रहण से जुड़े कार्यों में बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी पदाधिकारी अपने दायित्वों का समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से निर्वहन करें, ताकि आम लोगों को राजस्व एवं प्रशासनिक सेवाओं का लाभ समय पर मिल सके और जिले में राजस्व संग्रहण की स्थिति को और बेहतर बनाया जा सके।

