रांची | उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की समीक्षा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अवैध शराब कारोबार पर सख्ती, रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति और आधुनिक तकनीक के जरिए विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से उत्पाद सिपाही, एएसआई समेत सभी रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी करने तथा झारखंड राज्य बिवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (JSBCL) का दायरा बढ़ाकर राजस्व वृद्धि के लिए नई तकनीकों पर आधारित कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा।

शुक्रवार को झारखंड मंत्रालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन, बिक्री और तस्करी पर पूरी कठोरता के साथ अंकुश लगाया जाए। उन्होंने कहा कि अवैध शराब का कारोबार न केवल सरकारी राजस्व को प्रभावित करता है, बल्कि लोगों के जीवन और स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा है। ऐसे में इस अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के विरुद्ध त्वरित और प्रभावी कार्रवाई हर हाल में सुनिश्चित की जाए।

बैठक में उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग ने निर्धारित 3,885.11 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 4,013.53 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। वहीं, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 4,500 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जुलाई 2026 के मध्य तक विभाग 1,376 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह कर चुका है, जो वार्षिक लक्ष्य का 30.57 प्रतिशत है।

गोदाम निर्माण में स्थानीय आदिवासियों को मिले प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने विभागीय कार्यों में आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि उत्पाद इकाइयों के निरीक्षण और निगरानी में नई तकनीक अपनाई जाए। उन्होंने राज्य के विभिन्न जिलों में उत्पाद विभाग के गोदाम निर्माण कार्यों में स्थानीय आदिवासी समुदाय को प्राथमिकता देने और उन्हें सहयोग प्रदान करने का निर्देश दिया, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।

रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने विभाग में रिक्त पदों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी स्वीकृत रिक्तियों पर नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के माध्यम से नियमित बहाली सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पर्याप्त और दक्ष मानव संसाधन उपलब्ध होने से विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, निगरानी व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यों में गति आएगी। मुख्यमंत्री ने नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता, गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि JSSC के माध्यम से चयनित 583 उत्पाद सिपाहियों को नियुक्ति पत्र देने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
मदिरा परिवहन में होगी जीपीएस ट्रैकिंग और डिजिटल लॉक व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मदिरा परिवहन करने वाले सभी वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग और डिजिटल (डीजी) लॉक की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि वाहनों की रियल-टाइम निगरानी हो सके और उनके मार्ग, ठहराव तथा गंतव्य की सटीक जानकारी उपलब्ध रहे। उन्होंने कहा कि इससे परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
उन्होंने अधिकारियों को राज्य में मदिरा के साथ-साथ स्पिरिट की खपत का व्यापक अध्ययन करने, उसकी वर्तमान एवं भविष्य की मांग, औद्योगिक उपयोग तथा राजस्व वृद्धि की संभावनाओं का आकलन कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का भी निर्देश दिया।
मदिरा विनिर्माण और औद्योगिक अल्कोहल नीति बनाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने राज्य में विभिन्न प्रकार की मदिरा विनिर्माण नीति तैयार करने तथा औद्योगिक अल्कोहल के विनियमन के लिए अलग नीति बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने लेबल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सरल बनाने पर भी जोर दिया, ताकि उपभोक्ताओं को लोकप्रिय ब्रांडों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के प्रधान सचिव अमिताभ कौशल, उत्पाद आयुक्त संदीप सिंह, झारखंड राज्य बिवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (JSBCL) के प्रबंध निदेशक नीरज कुमार सिंह, संयुक्त उत्पाद आयुक्त गजेन्द्र कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

