गिरिडीह | झारखंड के गिरिडीह जिले में नक्सल विरोधी अभियान के बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। 25 लाख रुपये के इनामी शीर्ष नक्सली की पत्नी ने हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए गिरिडीह पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण के बाद उसने संगठन के भीतर शोषण, भय और हिंसा के माहौल का आरोप लगाते हुए कहा कि इन परिस्थितियों के कारण उसका संगठन से पूरी तरह मोहभंग हो गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाली महिला लंबे समय से प्रतिबंधित नक्सली संगठन से जुड़ी हुई थी और विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही थी। पूछताछ के दौरान उसने संगठन की कार्यप्रणाली, जंगलों में संचालित गतिविधियों तथा नक्सली नेटवर्क से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की हैं।

महिला ने बताया कि संगठन में महिलाओं के साथ भेदभाव, मानसिक एवं शारीरिक शोषण जैसी घटनाएं आम थीं। लगातार हिंसा और निर्दोष लोगों की जान जाने की घटनाओं से वह मानसिक रूप से व्यथित हो गई थी। इसी कारण उसने संगठन छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।

गिरिडीह पुलिस ने बताया कि राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत महिला को नियमानुसार सभी आवश्यक सुविधाएं और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। पुलिस का मानना है कि इस आत्मसमर्पण से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे अभियान को और मजबूती मिलेगी तथा अन्य उग्रवादियों को भी हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ने की प्रेरणा मिलेगी।

पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे हिंसा का मार्ग छोड़कर शांति, विकास और लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास रखें। साथ ही, नक्सली संगठन से जुड़े लोगों से राज्य सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर सामान्य जीवन की ओर लौटने का आग्रह किया गया है।


