चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिले के विभिन्न सुदूर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आयुष विभाग द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। शिविरों के माध्यम से कुल 377 मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की गई तथा उनकी आवश्यकता के अनुसार निःशुल्क होम्योपैथिक एवं आयुर्वेदिक दवाओं का वितरण किया गया। विभाग की इस पहल से जिले के अत्यंत पिछड़े एवं दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनके घर के समीप ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला।

शिविरों के दौरान आधुनिक एवं पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के समन्वय के साथ मरीजों के रक्तचाप, मधुमेह, हीमोग्लोबिन, मलेरिया एवं सिकल सेल एनीमिया जैसी बीमारियों की जांच की गई। इसके अलावा शरीर दर्द, पेट संबंधी रोग, महिलाओं की स्वास्थ्य समस्याओं, बच्चों एवं बुजुर्गों से जुड़ी बीमारियों तथा त्वचा रोगों का परीक्षण कर आवश्यक चिकित्सीय परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया गया।

आयुष विभाग के चिकित्सकों की टीम ने इस अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिविरों में डॉ. प्रदीप, डॉ. सुशील, डॉ. राधिका, डॉ. सूर्या भूषण, डॉ. धर्मराज, डॉ. सुष्मिता, डॉ. आशिक, डॉ. टिम्मा रानी, डॉ. मैनुद्दीन, डॉ. अनीश, डॉ. यशवंती एवं डॉ. कविता सहित अन्य चिकित्सकों ने मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक परामर्श एवं उपचार प्रदान किया।

ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से इन शिविरों का आयोजन मंझारी प्रखंड के दोकाट्टा, गोइलकेरा के कुईड़ा एवं गोइलकेरा बाजार, मनोहरपुर के मौलडीहा, खूंटपानी के गोटाई एवं केंदुसाई, सदर प्रखंड के दलियामार्चा, नोआमुंडी के खास जामदा, चक्रधरपुर के लक्ष्मीपोसी, तांतनगर के कोकचो, हटगम्हरिया के कालीमाटी तथा गुदड़ी प्रखंड के डुरा गांव में किया गया। शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुषों एवं बच्चों ने स्वास्थ्य जांच कराकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।

उपचार के साथ-साथ शिविरों में स्वास्थ्य जागरूकता पर भी विशेष बल दिया गया। चिकित्सकों ने ग्रामीणों को मलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया जैसी मौसमी बीमारियों से बचाव के उपायों की जानकारी दी। साथ ही स्वच्छता बनाए रखने, शुद्ध पेयजल का उपयोग करने तथा तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने के लिए जागरूक किया गया। ग्रामीणों को नियमित स्वास्थ्य जांच कराने तथा किसी भी प्रकार के बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल गांव की सहिया अथवा नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क कर चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी गई।

शिविर के समापन पर ग्रामीणों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया। योग प्रशिक्षकों एवं चिकित्सकों ने नियमित योगाभ्यास, संतुलित एवं पौष्टिक आहार तथा स्वच्छ जीवनशैली अपनाने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए स्वस्थ एवं निरोग जीवन के लिए इन आदतों को दैनिक दिनचर्या में शामिल करने का संदेश दिया।

