चक्रधरपुर | पश्चिमी सिंहभूम जिले में दवा निरीक्षक ने चक्रधरपुर स्थित दो खुदरा दवा दुकानों का औचक निरीक्षण किया। इस कार्रवाई का उद्देश्य प्रतिबंधित एवं नशीली दवाओं के अवैध भंडारण और बिक्री पर रोक सुनिश्चित करना था।

निरीक्षण के दौरान एक दुकान में नींद की गोलियां पाई गईं। दवा निरीक्षक ने इन दवाओं के खरीद, बिक्री एवं स्टॉक से संबंधित अभिलेखों की जांच की, जो पूरी तरह सही पाए गए।

वहीं दूसरी दुकान में न्यूरोलॉजिकल विकारों के उपचार में प्रयुक्त दवाएं मिलीं, जिनका दुरुपयोग नशीले पदार्थों के रूप में किए जाने की आशंका रहती है। इन दवाओं के खरीद, बिक्री एवं स्टॉक संबंधी दस्तावेजों का भी गहन परीक्षण किया गया, जिसमें सभी रिकॉर्ड नियमानुसार एवं सही पाए गए।

इसके अतिरिक्त, दोनों दुकानों में कोडीन युक्त कफ सिरप की उपलब्धता की भी जांच की गई, लेकिन किसी भी दुकान में इसका स्टॉक नहीं मिला। निरीक्षण के दौरान दवाओं के भंडारण एवं रखरखाव की व्यवस्था दवा एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम के निर्धारित मानकों के अनुरूप पाई गई। दोनों दुकानों में साफ-सफाई की संतोषजनक व्यवस्था तथा संक्रमण से बचाव के लिए ढक्कनयुक्त डस्टबिन का समुचित उपयोग भी पाया गया।

हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था में कुछ कमियां सामने आईं। एक दुकान में अग्निशामक यंत्र उपलब्ध था, जबकि दूसरी दुकान में इसकी व्यवस्था नहीं मिली। इस पर संबंधित दुकानदार को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तत्काल अग्निशामक यंत्र स्थापित करने का सख्त निर्देश दिया गया।
निरीक्षण के दौरान दोनों दुकानों में सीसीटीवी कैमरे चालू अवस्था में मिले। दवा निरीक्षक ने दुकानदारों को कैमरों का फोकस मुख्य रूप से दुकान के प्रवेश द्वार एवं सामने के क्षेत्र की ओर रखने का निर्देश दिया, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की प्रभावी निगरानी की जा सके।

दवा निरीक्षक को निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि नहीं मिली। इसके बावजूद, नशीली दवाओं के दुरुपयोग के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से दोनों दुकानों पर जागरूकता संबंधी पोस्टर लगाने के निर्देश दिए गए। साथ ही, दुकानदारों को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई कि वे बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे (प्रिस्क्रिप्शन) के किसी भी प्रकार की दवा का विक्रय न करें। उन्हें यह भी निर्देशित किया गया कि आसपास किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल संबंधित पदाधिकारी अथवा निकटतम पुलिस थाना को इसकी सूचना दें।

