सरायकेला | समाहरणालय सभागार में सोमवार को उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी नीतिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन के तहत संचालित ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता तथा विभिन्न योजनाओं के संवेदक उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजनाओं की अद्यतन प्रगति, निर्माण कार्य की स्थिति तथा क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं की योजनावार समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी अधिकारियों एवं संवेदकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से कार्य पूर्ण करने का निर्देश देते हुए कहा कि जल जीवन मिशन केंद्र एवं राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली महत्वाकांक्षी योजना है। इसलिए इसके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

समीक्षा के दौरान जिन योजनाओं की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई, उनके संवेदकों से कार्य में विलंब के कारणों की जानकारी ली गई। साथ ही शेष कार्य पूर्ण करने के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की गई। उपायुक्त ने कार्यपालक अभियंता को सभी योजनाओं की नियमित निगरानी, सतत समीक्षा तथा योजनावार प्रगति प्रतिवेदन जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

बैठक में विभिन्न विभागों के समन्वय के अभाव अथवा प्रक्रियागत कारणों से लंबित योजनाओं की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि निर्माण कार्य में तेजी लाई जा सके।

कपाली क्षेत्र में राज्य योजना के तहत संचालित पेयजलापूर्ति योजना की धीमी प्रगति पर उपायुक्त ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कार्यपालक अभियंता को संबंधित संवेदक के साथ समन्वय स्थापित कर एक माह के भीतर कार्य पूर्ण कराने का निर्देश दिया। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्धारित अवधि में कार्य पूरा नहीं होने पर संविदा की शर्तों एवं प्रचलित नियमों के तहत संबंधित संवेदक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

उपायुक्त ने कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार को कार्यशील घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से सुरक्षित, स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। उन्होंने सभी अधिकारियों, अभियंताओं एवं कार्यदायी एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ योजनाओं का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा नियमित अनुश्रवण करने के निर्देश दिए, ताकि जिले के प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित पेयजल की सुविधा समय पर उपलब्ध कराई जा सके।

