चक्रधरपुर | उपायुक्त, पश्चिमी सिंहभूम के मार्गदर्शन में संचालित टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत बुधवार को अनुमंडल पदाधिकारी, पोड़ाहाट (चक्रधरपुर) ने नि:क्षय मित्र बनते हुए 11 टीबी (क्षयरोग) मरीजों को गोद लिया। इस अवसर पर मरीजों के बीच पोषणयुक्त न्यूट्रिशन फूड बास्केट का वितरण किया गया।

अनुमंडल पदाधिकारी ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य टीबी मरीजों को अतिरिक्त पोषण सहायता उपलब्ध कराकर उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ में सहयोग करना है। उन्होंने कहा कि टीबी का उपचार सामान्यतः लगभग छह माह तक चलता है। इस अवधि में कोई भी इच्छुक नागरिक, संस्था, सामाजिक संगठन अथवा जनप्रतिनिधि नि:क्षय मित्र बनकर मरीजों को पोषण सहायता प्रदान कर सकता है।

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उन्होंने बताया कि एक टीबी मरीज के लिए प्रति माह 600 रुपये की पोषण सहायता दी जा सकती है, जबकि पूरे छह माह के उपचार अवधि के लिए एक मरीज को गोद लेने हेतु कुल 3,600 रुपये का सहयोग अपेक्षित है। सहयोग करने वाले दानदाताओं को उनके योगदान की विधिवत रसीद के साथ संबंधित टीबी मरीज की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।

अनुमंडल पदाधिकारी ने सभी नागरिकों से इस जनकल्याणकारी अभियान से जुड़ने और टीबी मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
इसी क्रम में रक्तदान दिवस के अवसर पर अनुमंडल अस्पताल, चक्रधरपुर में प्रोजेक्ट जागृति के तहत रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया।

रक्तदान करने वाले सभी शिक्षकों को अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा कॉफी मग और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने रक्तदाताओं के इस मानवीय योगदान की सराहना की। कार्यक्रम को सफल बनाने में स्वास्थ्य कर्मियों और मीडिया कर्मियों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।

इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि रक्तदान महादान है। प्रत्येक स्वस्थ एवं पात्र व्यक्ति को नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए, क्योंकि एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति का जीवन बचा सकता है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से रक्तदान तथा प्रोजेक्ट जागृति जैसे जनहितकारी अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

