चाईबासा | झारखंड सरकार के पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मार्गदर्शन में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस-2026 के अवसर पर पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन एवं जिला खेल कार्यालय के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को जिला समाहरणालय सभागार, चाईबासा में भव्य खिलाड़ी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जिले के प्रतिभावान खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं खेल संघों के पदाधिकारियों के योगदान को सम्मानित करना तथा युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करना था।

समारोह में जिले के विभिन्न खेलों के उन खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पश्चिमी सिंहभूम तथा झारखंड का नाम रोशन किया है। सम्मानित खिलाड़ियों में बॉक्सिंग के 2, फुटबॉल के 1, साइकिलिंग के 1, ताइक्वांडो के 22, योगा के 1 तथा तीरंदाजी के 15 खिलाड़ी शामिल थे। इस प्रकार कुल 42 खिलाड़ियों को उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।

इसके अलावा, पश्चिमी सिंहभूम जिला ओलंपिक संघ से मान्यता प्राप्त विभिन्न खेल संघों के अध्यक्षों, सचिवों एवं प्रशिक्षकों को भी खेलों के विकास में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मझगांव विधायक नीरल पूर्ति, जगन्नाथपुर विधायक सोनाराम सिंकु एवं मनोहरपुर विधायक जगत माझी उपस्थित रहे। इनके अलावा उपायुक्त मनीष कुमार, उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, नगर परिषद चाईबासा सह जिला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष नितिन प्रकाश, जिला खेल पदाधिकारी मरकस हेम्ब्रम तथा जिला ओलंपिक संघ के महासचिव अजय कुमार नायक सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।

इस अवसर पर अतिथियों ने खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं खेल संघों के पदाधिकारियों को मोमेंटो, स्मृति चिह्न, टी-शर्ट एवं शॉल प्रदान कर सम्मानित किया। अतिथियों ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा उन्हें निरंतर बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।
अपने संबोधन में जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों ने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता का माध्यम नहीं है, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और स्वस्थ जीवनशैली का आधार भी है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर जिले की पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं। भविष्य में खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, खेल संसाधन एवं अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।

उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस हमें खेलों की मूल भावना—उत्कृष्टता, मित्रता और सम्मान—को आत्मसात करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सम्मानित खिलाड़ियों से अपेक्षा की कि वे अपनी उपलब्धियों के माध्यम से जिले के अन्य युवाओं को भी खेलों के प्रति प्रेरित करेंगे और खेल संस्कृति को मजबूत बनाने में योगदान देंगे।

कार्यक्रम के दौरान जिला ओलंपिक संघ एवं विभिन्न खेल संघों की भूमिका की भी सराहना की गई। वक्ताओं ने कहा कि इनके सतत प्रयासों से जिले में खेल गतिविधियों का विस्तार हो रहा है तथा नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
समारोह के सफल आयोजन में जिला खेल कार्यालय के कर्मियों, विभिन्न खेलों के प्रशिक्षकों, खेल संघों के अध्यक्षों एवं सचिवों, जिला ओलंपिक संघ के पदाधिकारियों तथा तकनीकी अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम का समापन खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन, खेलों के माध्यम से जिले को नई पहचान दिलाने तथा पश्चिमी सिंहभूम को नशामुक्त जिला बनाने के संकल्प के साथ हुआ।

