चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने शनिवार को मंडल कारा, चाईबासा में आयोजित नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम में भाग लेकर बंदियों को नशे के दुष्प्रभावों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर उन्होंने बंदियों को नशे से दूर रहने तथा समाज की मुख्यधारा से जुड़कर बेहतर जीवन जीने का संदेश दिया।

उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक ने कहा कि नशा व्यक्ति के जीवन को पूरी तरह प्रभावित कर देता है। इसके कारण शारीरिक, मानसिक और आर्थिक नुकसान होने के साथ-साथ पारिवारिक एवं सामाजिक संबंधों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि नशे की लत अनेक परिवारों के विघटन का कारण बनती है और व्यक्ति को विकास एवं प्रगति के मार्ग से भटका देती है।

अधिकारियों ने बंदियों से अपील करते हुए कहा कि कारा से बाहर निकलने के बाद वे एक जिम्मेदार और आदर्श नागरिक बनने का संकल्प लें तथा आत्मनिर्भर बनकर समाज में अपनी सकारात्मक पहचान स्थापित करें। उन्होंने सभी से किसी भी परिस्थिति में किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करने का आग्रह किया।

कार्यक्रम के दौरान सभी बंदियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई। बंदियों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे तथा अपने परिवार और समाज को भी नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

इस अवसर पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी, सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जेल अधीक्षक सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कारा कर्मी उपस्थित थे।


