चाईबासा | नीट-2026 प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) ने शनिवार को चाईबासा के शहीद पार्क चौक पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया।

प्रदर्शन के दौरान “युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो”, “नीट घोटाले की निष्पक्ष जांच करो” और “छात्रों को न्याय दो” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।

एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अनीष गोप ने कहा कि नीट जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होना केवल एक प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के सपनों और उनकी मेहनत के साथ किया गया विश्वासघात है। उन्होंने कहा कि लाखों छात्र-छात्राएं दिन-रात परिश्रम कर अपने भविष्य को संवारने का प्रयास करते हैं, लेकिन बार-बार होने वाली पेपर लीक की घटनाएं उनकी मेहनत और उम्मीदों पर पानी फेर रही हैं।

कांग्रेस जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने कहा कि केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रहे घोटाले यह साबित करते हैं कि सरकार की प्राथमिकताओं में छात्रों का भविष्य शामिल नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों और युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करती रहेगी तथा इस मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाएगी।

प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि नीट-2026 प्रश्नपत्र लीक मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कठोरतम सजा दी जाए। साथ ही ऐसी प्रभावी और पारदर्शी व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे भविष्य में किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न न लगे।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश का युवा वर्ग आज निराश और आक्रोशित है। रोजगार की कमी, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली तथा शिक्षा व्यवस्था में बढ़ती अनियमितताओं ने युवाओं का विश्वास कमजोर किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह युवाओं को न्याय और पारदर्शिता का भरोसा दिलाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि छात्रों के साथ न्याय नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

प्रदर्शन में एनएसयूआई के सचिन बिरुवा, अंकित गोप, भुवनेश्वर तियू तथा वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राकेश सिंह, बुल्लू दास, सुशील दास सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।

