जगन्नाथपुर : झारखंड आंदोलनकारी संयुक्त मोर्चा के उपाध्यक्ष सह मीडिया प्रभारी मंजीत कोड़ा ने प्रेस बयान जारी कर कहा है कि जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र में इन दिनों बालू माफियाओं का आतंक बढ़ता जा रहा है। अवैध बालू कारोबार के कारण अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन प्रभावशाली पहुंच और दबंगई के चलते इनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।
उन्होंने बताया कि 19 जनवरी 2026 को मुंडूई निवासी गोवर्धन सरदार के साथ चार–पांच युवकों ने जाति सूचक गालियां देते हुए लाठी-डंडों से मारपीट की। घायल गोवर्धन सरदार ने प्राथमिक उपचार के बाद जगन्नाथपुर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। बताया गया कि मुंडूई नदी के पास उनकी रैयती जमीन है, जहां बरसात के दौरान बालू जमा हो गया था। वे अपने खेत से अवैध बालू उठाव का विरोध कर रहे थे।
मंजीत कोड़ा ने कहा कि इससे पहले 6 नवंबर 2025 को मुंडूई गांव निवासी दीपक प्रधान की अवैध बालू लदे ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी गई थी। दीपक भी अपनी जमीन से ट्रैक्टर गुजरने और अवैध बालू लोडिंग का विरोध कर रहे थे। वहीं 29 दिसंबर 2025 को नदी से बालू लादकर ले जा रहे एक ट्रैक्टर के पलटने से एक सरकारी शिक्षक की मौत हो गई, लेकिन प्रभावशाली लोगों के दबाव में घटना स्थल को ओडिशा का बताकर मामला दबा दिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले भी बालू लोडिंग के दौरान हुई एक मौत को बीमारी बताकर छिपा दिया गया था। मंजीत कोड़ा ने कहा कि इन सभी मामलों में अब तक प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसके विरोध में जल्द ही जन आंदोलन किया जाएगा।
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