चाईबासा | चाईबासा सदर अस्पताल में एक भावुक दृश्य देखने को मिला, जहां 40 वर्षों से बिछड़े पिता और पुत्र का मिलन हुआ। इस घटना ने वहां मौजूद लोगों की आंखें नम कर दीं।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) के अध्यक्ष मोहम्मद शाकिर और सचिव रवि चौधरी के मार्गदर्शन में अधिकार मित्रों की पहल से यह संभव हो पाया।

जानकारी के अनुसार, 2 अप्रैल को मदन साहू नामक एक वृद्ध को गंभीर हालत में सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डालसा से जुड़े पीएलवी प्रमिला पात्रों, रेणु देवी और सूरज कुमार ठाकुर ने उनके इलाज के साथ-साथ उनके परिवार की खोज शुरू की। वृद्ध की हालत काफी कमजोर थी और वे अपने दैनिक कार्य भी करने में असमर्थ थे, लेकिन टीम ने लगातार प्रयास जारी रखा।

जांच के दौरान पता चला कि मदन साहू उड़ीसा के रहने वाले हैं। करीब 40 साल पहले उन्होंने अपनी पहली पत्नी को छोड़ दिया था। काफी खोजबीन के बाद उनकी पहली पत्नी के बेटे कुनू साहू को सूचना दी गई।
चाईबासा पहुंचने पर बेटे ने अपने पिता को देखते ही गले लगा लिया और दोनों भावुक हो गए। बेटा अपने पिता को अपने साथ घर ले गया।
इस कार्य में पीएलवी प्रमिला पात्रों, रेणु देवी, सूरज कुमार ठाकुर, विनीता सांडिल, उमर सिद्दीकी, रविकांत ठाकुर और संजय निषाद का महत्वपूर्ण योगदान रहा। लोगों ने डालसा के इस मानवीय प्रयास की सराहना की है।

