चाईबासा | उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को बिरसा हरित ग्राम योजना के अंतर्गत क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आम उत्पादकों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना, उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार लाना तथा किसानों को सीधे खरीदारों से जोड़ना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में फलोत्पादन को बढ़ावा देने के साथ किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए जिला प्रशासन हरसंभव प्रयास कर रहा है और इस प्रकार के आयोजन किसानों के लिए लाभकारी साबित होंगे।

उपायुक्त ने फल संरक्षण, पैकेजिंग एवं विपणन से संबंधित आवश्यक जानकारी किसानों तक पहुंचाने के लिए संबंधित अधिकारियों एवं विशेषज्ञों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और सुदृढ़ विपणन व्यवस्था से किसानों को सीधा लाभ मिलेगा तथा उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
सम्मेलन के दौरान विभिन्न क्रेताओं, विक्रेताओं और आम उत्पादकों के बीच संवाद स्थापित किया गया। इस अवसर पर किसानों को बाजार की मांग, गुणवत्ता मानकों और विपणन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही फल विपणन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर उत्पादकों को प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।

उपायुक्त ने समाहरणालय परिसर में बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत उत्पादित फलों के लिए स्थायी विपणन व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु प्लास के जिला आजीविका प्रबंधक को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त उन्होंने समाहरणालय परिसर में किसानों द्वारा लगाए गए आम उत्पादन प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त, संबंधित विभागों के पदाधिकारी, विशेषज्ञ, क्रेता-विक्रेता प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

